Social Media के दुष्प्रभाव से बच्चो को कैसे बचाये

Social Media के दुष्प्रभाव से बच्चो को कैसे बचाये – Friends आज  दुनिया  भर  में  जिस  चीज  का  प्रभाव  सबसे  ज्यादा  है  वह  क्या  है? वह  है  Social Media और आज  के  दौर  में  ऐसा  कोई  व्यक्ति  नहीं  है  जो  Social Media के  प्रभाव  में  नहीं  है. जिसे  देखो वो  इसपे  चिपका  रहता  है. और  इसका  एक  यह  फायदा  है  की  Social Media  खबरे  पोहचने  के  बहुत  ही  सरल  और  fast माध्यम  बन  चूका  है. किसी  भी  खबर  को  इसके  द्वारा  मिनटों  में  सारी  दुनिया  में  पहुंचाया  जा  सकता  है  जो  पहले  इतना  सम्भव  नहीं था. मगर  मित्रो  एक  तरह  से  देखा  जाये  तो  Social Media  बहुत  कारगर  सिद्ध  होरहा  है.Social Media के दुष्प्रभाव से बच्चो को कैसे बचाये पर  देखा  जाये  तो  Social Media हमारे  बच्चो  के  लिए  बहुत  बुरा  सिद्ध  होता  जारहा  है. बच्चो  को  इसकी  लत  सी  लगती  जारही  है. जो  उनके  भविष्य  के  लिए  बहुत  बुरी  बात  है, तो  हमे  अपने  बच्चो  को  कुछ  हद  तक  Social Media के  प्रभाव  से  बचाना  होगा.

दोस्तों  आज  जिसे  देखो  वो  यातो  whatsapp, face book, YouTube, instagram, या  और  भी  किसी  social media platform पर  चिपका  रहता  है. लोग  अपना  ज्यादातर  समय  इन पर  ही  गुजारते  है  या  बर्बाद  करते  है. आजकल  लोग TV कम  देखते  है  पर  phone से  ज्यादा  चिपके  रहते  है. जहातक  बड़े लोगो की  बात  करे   की  वो  अपने  काम  को  side में  रख  कर Social Media पर  समय  बिताते है.

पर  आजकल  इसका  दुष्प्रभाव  छोटे  बच्चो  पर  भी  पड़ता  जारहा  है  दोस्तों  आज  ऐसा  कोई  घर  नहीं  है  जिस  घर  में  छोटे  बच्चे  नहीं  हो, और  जिस  घर  में  बड़े  phone से  चिपके  रहते  है  वहा  उनके  बच्चे  भी  Mobile चलाने की  मांग जिद करते  है, और  लोग  भी  बच्चो  को  चुप  करवाने  के  लिए  उनके  हाथ  में  phone पकड़ा  देते  है  और  उनको  YouTube पर  video दिखाते  है, और  इसी  पहली  शुरुवात से  बच्चो  में  धीरे – धीरे  आदत  बनती  जारही  है. जो  उनके  भविष्य  के  लिए  बहुत  खतरनाक  है.

मैने  अख़बार  में  पढ़ा  था  की  अमेरिका  में  एक  स्टडी  की  report  में  बताया  गया  की  जो  बच्चे  अपना  ज्यादा  समय  phone पर  गुजारते  है  उनका  दिमाग  और  उनके  सोचने  की  शमता  कम  होती  जारही  है. और  ये  तो  अमेरिका  ने  बताया  पर  आप  इस  चीज  का  अनुभव  अपने  खुद  के  घर  में  भी  कर  सकते  है.

आज  अपने  बच्चे  पहले  के  बच्चो  की  तरह  बाहर  खेलने  नहीं  जाते  बस  उनके  हाथ  में  phone देदो  वो  पूरा  दिन  भी  उसमे  निकाल  सकते  है, और  दोस्तों  बच्चो  में  होने  वाली  शारीरिक  कमजोरी  का  भी  सबसे  बड़ा  कारण  यही  है  की  वो  बाहर खेलने  नहीं  जाते.

आजकल  के  बच्चे  अपने  दोस्त  से  मिलने  उसके  घर  नहीं  जाते  बल्कि  उसके  साथ whatsapp पर  chat करते  है. पहले  photo album दिखाते  थे.  दोस्तों  को  मगर अब instagram और  face book  के  थ्रू photo दिखाए  जाते  है. याने  आज  के  बच्चो  को  एक  दूसरे  से  मिलने  तक  का  वक्त  नहीं  बस  उनके  ऊपर  अभी  के  समय  में  school  का  ही  प्रतिबंध  है  जहा  वो  Mobile use नहीं  कर पाते.

मित्रो  अभी  भी  समय  है  हमे  अपने  बच्चो  को  Social Media (वर्चुअल वर्ल्ड) से  बचाना  होगा  और  उसके  लिए  हमे  ही  प्रयास  करने  होंगे, हम  छोटी – छोटी  चीजों  से  बचना  चाहते  है  टालना  चाहते  है.

हम  अपने  बच्चो  को  समय  नहीं  दे  पाते  उनके  साथ  खेल  नहीं  पाते  उनको  घुमाते  नहीं  अब  हमे  अपने  बच्चो  को  समय  देना   है  उनको  phone और  पढ़ाई  के  आलावा  दूसरी  चीजों  के लिए  भी  inspire करना  चाहिए.

Social Media के दुष्प्रभाव से बच्चो को कैसे बचाये”

तो  दोस्तों  अब  हम इस  post  में  वो  उपाय  देखेंगे  जिससे  हम  बच्चो  को  Social Media  के  बुरे  प्रभाव  से  बचा  सकते  है.

बच्चो को Mobile से दूर रखे –

दस्तो देखा जाये तो पुरे झगड़े की जुड़ ही है, मोबाइल मेने अक्सर लोगो को देखा है वो एक साल के बच्चो में भी मोबाइल की आदत डालने लगते है, जैसे किसी का बच्चा रोता है तो वो उसे किसी दूसरे तरिके से चुप नहीं  करते लोग सीधा phone में गाने चालू करके बच्चो को देदेते है.

और वो बच्चा चुप भी हो जाता है मगर धीरे – धीरे उसको mobile  की आदत लगने लगती है और आगे जाकर वो बच्चा फ़ोन के चक्र्व्यू में उलझता जाता है और बड़ा होकर Social  Media  के जाल में भी फस जाता है, इसलिए अपने बच्चो को Mobile से दूर रखे.

बच्चो के सामने Phone ना चलाये –

दोस्तों अक्सर ऐसा देखा जाता है, की children  कोई भी काम सबसे पहले अपने घर में ही सीखते है. जो काम वो अपने घर वालो को करते हुए देखते है, उसे करने का उनका भी मन होता है. और phone का भी ऐसा ही है आजकल हर व्यक्ति कही भी हो वो अपने हाथ में phone लेकर Social media  पर समय बिताने लगता है.

याने अगर में भी अपने घर में अपने बच्चो के साथ रहता हु, तो वहा पर में भी Mobile निकाल कर चलाने लगता हु, और इसका सबसे बड़ा असर बच्चो पर होता है. और वो भी phone लेने की मांग करने लगते है. और मैने इसका अनुभव किया है. इसलिए हमे इस बात का ध्यान रखना है की घर में बच्चो के सामने phone ना चलाये.

बच्चो के साथ वक्त बिताये –

दोस्तों कहते है, खालीपन सारी समस्याओ की जड़ होती है, और हम भी जब खाली होते है तो हमारे मन में भी कई तरह के ख्याल आने लगते है. वैसा ही children’s  के साथ भी होता है. वो दिन भर school जाते है. तो घर पर आकर उनका मन भहलाने वाले की जरूरत होती है. और यदि हमे हमारे बच्चो को Social Media (वर्चुअल वर्ल्ड) के दुष्प्रभाव से बचाना है तो हमे उनके साथ कुछ समय बिताना होगा उनको अकेला नहीं छोड़ना चाहिए ताकि उनका मन कही और नहीं भटके.

Physical Work सिखाये –

मित्रो जब हम बचचे हुवा करते थे. उस दौर में Mobile नहीं हुवा करते थे. और हम लोग अपने दोस्तों के साथ बाहर खेलने जाते है. पर आज ऐसा नहीं होता आज Mobile  और Internet  का दौर है. आज के बच्चे बचपन से ही Technology के ही पीछे लगने लगते है वे कोई Physical Activity नहीं करते पर हमे अपने बच्चो को Physical Work Physical  Activity सिखानी होगी ताकि उनका मन Mobile Technology और Social  Media  से दूर रहे और बच्चे फिट रहे.

Real दुनिया दिखाए –

दोस्तों जबसे बच्चो के हाथ में Internet आया है. तब से वो Internet को ही Real दुनिया समझने लगे है. वो दिनभर Facebook  पर रहते है, और लोगो से chat करते है, वो उसे ही असली मानने लगते है. पर मित्रो उन्हें हमे बताना होगा की यह Real दुनिया नहीं है. असल दुनिया तो इसके बाहर है हमे उनको घुमाने – फिराने लेजाना चाहिए ताकि वे लोगो से मिल सके और असल में बातचीत करना सीखे और Facebook वाली दुनिया से बाहर निकले.

बच्चो की पढ़ाई की तरफ ध्यान दे –

दोस्तों में अक्सर देखता हु, की जिन बच्चो के हाथ में phone आ जाता है तो फिर वो कुछ काम नहीं करते याने बच्चे अपनी पढ़ाई को भी साइड में रख देते है. और यह भी देखने में आरहा है की जो बच्चे अपना ज्यादा समय Social Media पर बिताते है उनकी पढ़ाई भी कमजोर होने लगती है.

याने यह भी एक बहुत बड़ा दुष्प्रभाव है जिससे हमे अपने बच्चो को बचाना होगा और उनकी पढ़ाई पर भी पूरा ध्यान रखना होगा ताकि को अपने जीवन में आगे बढ़ सके.

अपने बच्चो के दोस्त बने –

दोस्तों में कुछ समय से देख रहा हु, की बच्चे Social sides (वर्चुअल वर्ल्ड) पर अपने दोस्त बना रहे है. याने वो जहा रहते है अपने घर के आस – पास के बच्चो को भी नहीं जानते और हम भी उनको घर से बाहर नहीं जाने देते, तो मित्रो इसके लिए हमे यह उपाय करना होगा

की हमे अपने बच्चो से दोस्ती करना होगी ताकि उनको अकेला पन और खालीपन महसूस ना हो उनसे बाते करे लोग अपने दोस्तों से ही अपने मन की बात करते है तो आपको भी अपने बच्चो का दोस्त बनना होगा ताकि वो भी हमे अपने मन की बात बता सके और उनका मन कही और नहीं भटके.

तो दोस्तों यह थे कुछ उपाय जिससे हम अपने बच्चो को Social Media (वर्चुअल वर्ल्ड)के दुष्प्रभाव से बचा सकते है. मित्रो आजकल दुनिया आगे बढ़ती जारही है. और हर इंसान उसके साथ – साथ उसकी Technology के साथ आगे बढ़ने की होड़ में लगा है और children’s भी इस दौर में किसी से पीछे नहीं है. और हमे उनको किसी से पीछे भी नहीं रखना है, हमे अपने बच्चो को जमाने के साथ भी चलाना है उन्हें आगे भी बढ़ाना है. और Negative चीजों से भी बचाना है.

तो Friends  यह थी पोस्ट “Social Media के दुष्प्रभाव से बच्चो को कैसे बचाये” आपको यह post कैसी लगी कृपया हमे जरूर बताये और में समझता हु, मेरे द्वारा बताई इस post में जो भी उपाय बताये गए है आप उनका उपयोग जरूर करेंगे और अपने बच्चो का एक बेहर भविष्य बनायेगे. किसी चीज को करना ना करना हमारे हाथ में नहीं होता हम बस प्रयास कर सकते है उसी तरह हमे Social Media से अच्छी चीजे बच्चो को सिखानी है और गलत चीजों को उनसे दूर रखना है.

तो आप इस post से संबंधित अपने विचार हमे Comments के माध्यम से भेज सकते है.

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