जानिए जीवन में सहनशीलता क्यों जरुरी है

जानिए जीवन में सहनशीलता क्यों जरुरी है – दोस्तों सहनशीलता क्या होती है और आप सहनशीलता  के बारे में क्या समझते हो और हमारे लिए सब्र या संतोष क्यों जरुरी है, आज के जमाने में ज्यादातर लोगो में सहनशीलता या सब्रवान इंसान नहीं देखने को मिलती है, आज कल लोग जरा जरासी बातो में हायपर हो जाते है, आप ने पहले के जमाने के बारे में सुना होगा या पढ़ा होगा की पहले के जमाने में लोग कितने सहनशील रहते थे, किसी साधु महाराज के बारे में देखा होगा की वो कितने सहनशील रहते थे.जानिए जीवन में सहनशीलता क्यों जरुरी हैFriends पुराने जमाने में मतलब जो हम इतिहास में पढ़ते है, उस जमाने में लोग बहुत सहनशील रहते थे. कोई छोटी छोटी बातो पे आपस में मन मुटाव नहीं करते थे, हम ने सीरियल्स में देखा था की लोगो पे कितना  अत्याचार होता था पर फिर भी वो कितने सहनशील या सब्रवान या सहिष्णु रहते थे, कुछ नहीं बोलते थे सामने वाला ही हार मान  के चला जाता था और सब काम ठीक हो जाता था.

पर दोस्तों आज के जमाने में लोग सहनशीलता का मतलब ही भूल गए है, आज कल सब गर्म खून के इंसान हो गए है जरा – जरा बातो में गर्म हो जाते है, हमे भी सहनशीलता दिखानी चाहिए कोई अगर गलती करे तो हमें उसे माफ़ करना चाहिए इसमें सामने वाले को अपने आप ही गलती का अहसास हो जायेगा और वो आप से माफ़ी मांग के चला जायेगा.

हमे बचपन से ही सहनशील बनने की आदत डालना चाहिए और हम नहीं बन पाए तो अपने बच्चो में ये आदत डालना चाहिए बच्चे अगर कुछ गलती करते है, तो हमें उनको माफ़ करना चाहिए तभी उनको  भी आगे जाके सहनशीलता या सहिष्णुता का मतलब समझ में आएगा और वो भी अपने जीवन में सहनशील बनेगे.

हर इंसान के जीवन में प्रत्येक दिन ऐसी कई घटनाये घटती है, जो उसे क्रोधित करती है, किसी का कुछ नुकसान हो जाता है, किसी का कोई काम बिगड़ जाता है, या किसी को और कोई सी समस्या उतपन्न हो जाती है.

पर कई लोगो को मैने देखा है की वो अपने ऊपर काबू नहीं रख पाते है, छोटी – छोटी बातो पर क्रोधित हो जाते है, और परिणाम स्वरूप सामने वाले का और खुद का भी नुकसान कर बैठते है.

यदि कोई इंसान कुछ समय खुद पर काबू पाले और कुछ देर के लिए अपने मन में संतोष धारण करले तो वो भविष्य में आनेवाली कई समस्याओ से बच सकता है, और अपनी जिन्दगी आसानी से बिना तकलीफ के जी सकते है, इसलिए खुद पर काबू पाना याने सहनशीलता रखना बहुत जरुरी है.

जानिए जीवन में सहनशीलता क्यों जरुरी है”

Friends में आज आपके लिए सहनशीलता सहिष्णुता के ऊपर एक कहानी लाया हु, आप को जरूर पसंद आएगी.

एक गांव में एक प्रसिद्ध व्यक्ति रहते थे, उनका नाम संतोष था. वे अत्यंत ही सहनशील और धैर्यवान सवभाव के थे, उनकी प्रसिद्धि दूर – दूर तक थी, गांव के ही दो व्यक्तियों ने शर्त लगाई की जो संतोष को क्रोधित करवा देगा, वह शर्त में विजय होगा, एक व्यक्ति उनके पक्ष में था, की संतोष को कोई भी क्रोधित नहीं करवा सकता.

और दूसरा विपक्ष में दूसरा व्यक्ति संतोष के घर गया और उन्हें परेशान कर उन्हें क्रोध दिलाने की सारी रणनीति अपनाने लगा उस दिन संतोष मंदिर से पूजा करके वापिस आरहे थे, अब जैसे ही वे घर में आके बैठे ही थे, की दूसरा व्यक्ति अचानक से आकर उनकी गोद में बैठ गया.

संतोष सहम गए और उस व्यक्ति का ध्यान रखने लगे की उसे किसी प्रकार की चोट ना लगे. कुछ देर में दूसरा व्यक्ति उनकी पत्नी की पीठ पे जाके बैठ गया, संतोष ने अपनी पत्नी से कहा – आप इनका ध्यान रखियेगा. कही इन्हे किसी प्रकार की चोट ना आजाये.

उनकी पत्नी ने कहा – आप तनिक भी चिंता ना करे इन्हे किसी भी प्रकार की चोट नहीं आएगी, कुछ ही देर में उस व्यक्ति ने घर में रखा सारा सामान तहस नहस कर दिया, परन्तु संतोष को उस व्यक्ति की चिंता थी की कह उसे चोट ना लग जाये.

संतोष के मुख पर किसी प्रकार का क्रोध या दुःख नहीं था. वह दूसरा व्यक्ति बहुत देर से परेशान करते करते स्वयं ही थक गया. कुछ समय बाद उस व्यक्ति को यह बात समझ में आगयी की वास्तव में इन के अंदर बहुत सहनशीलता है, अंततः वह सवयं हार कर संतोष से छमा मांगता है, और अपने द्वारा लगाए गए पहले व्यक्ति से शर्त को भी बताता है.

तो दोस्तों आप को यह कहानी कैसी लगी और आपने इस कहानी से क्या सीखा इस कहानी में यह संदेश दिया गया है, की यदि कोई व्यक्ति सोचले की मुझे पूर्णतः सहिष्णु बनना है,

तो उसके सामने चाहे कैसी भी परिस्तिथि क्यों न आये वो कभी क्रोधित नहीं होता तो हमे भी इस कहानी से यही सिख लेना है, मित्रो हमे एक पेड़ के भाती सहनशील रहना है की हम उस पर कितने भी पत्थर मारते है, पर तब भी वो हमे फल ही देता रहता है, हमे कभी जवाब नहीं देता.

तो Friends यह थी पोस्ट “जानिए जीवन में सहनशीलता क्यों जरुरी है” में समझता हु आपने इस पोस्ट को अच्छे से पढ़कर इसमें दिए संदेश को अच्छे से समझा होगा, और अबसे आप आपने जीवन में यह सोच लेंगे की किसी भी परिस्तिथि में अपना आप नहीं खोएंगे, और हमेशा आपने आप में सब्र और संतोष रखेंगे.

आप इस लेख से संबंधित अपने विचार हमे Comments के माध्यम से भेज सकते है.

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