नजर नहीं अपना नजरिया बदले

नजर नहीं अपना नजरिया बदले – Friends आज के दौर में इंसान की इंसान के प्रति सोच बहुत ही Negative बनती जारही है, पता नहीं क्यों लोग अब एक दूसरे के बारे में अच्छी सोच क्यों नहीं रखते लोगो को लोगो के प्रति देखने की नजर और उनका नजरिया बहुत अजीब सा होता जारहा है.

साथियो मैने आपको अभी दो शब्द बताये एक तो नजर और दूसरा नजरिया नजर हर इंसान के पास होती है, जिसके द्वारा हम हर किसी को देखते है, पर इससे विपरीत नजरिया हर किसी के पास नहीं होता और देखा जाये तो नजरिया भी हर किसी के पास होता है, पर हमने अपने नजरिये को कैसा सेट करके रखा है की हम लोगो को किस नजरिये से देखते है, तो हम आज की post में इसी बात को देखेंगे की हमे अपने नजजरीये या दृष्टिकोण या दुसरो को देखने के तरिके को क्यों बदलना चाहिए.नजर नहीं अपना नजरिया बदलेअक्सर यह देखने में आता है, की लोग किसी व्यक्ति को देखते है, तो उसको देखने मात्र से ही अपना नजरिया उसके तरफ Negative बना लेते है, की यह तो ऐसा है इसमें यह खराबी है, और हमारी उसके प्रति सोच वैसी ही बनती चली जाती है, और उसके बाद हमे वह इंसान वैसा ही नजर आने लगता है.

तो मेरा आपसे यहा एक सवाल है, की कोई भी व्यक्ति है चाहे आपकी पहचान का हो या अनजान क्या उसमे कोई भी अच्छाई नहीं है, या सब बुराई ही भरी है.

पर मेरे हिसाब से ऐसा नहीं होता हर किसी में कुछ न कुछ अच्छाई जरूर होती है, बस हम उसे किस नजरिये से देखते है, यह मायने रखता है.

और मित्रो एक बात यह भी होती है, की जो इंसान या जो चीज आपको बिलकुल पसंद नहीं आती वह किसी अन्य को बहुत अच्छी लगती है, याने उसने उस इंसान को या उस वस्तु को अलग नजरिये से देखा है. कोई positive way में देखता है to कोई Negative way में देखता है.

Friends इंसान का नजरिया बहुत ही सकारात्मक होना चाहिए जैसे की हमे एक नजर में कोई इंसान या वास्तु भलेही केसी भी दिखे पर हमे उसमे कोई ना कोई अच्छाई या खूबी जरूर देखनी चाहिए, और सफल लोग हमेशा दूसरे की अच्छाई को ही देखते है, जैसा की हमने वो टेबल पर रखे ग्लास की कहावत सुनी है की किसी को ग्लास आधा खाली दीखता है और किसी को ग्लास आधा भरा दीखता है.

नजर नहीं अपना नजरिया बदले”

याने यहा दोनों तरह के नजरिये वाले लोग है सकारात्मक भी और नकारात्मक भी पर हमे सदैव हमारे दृश्टिकोण को सकारात्मक याने positive ही रखना है.

मित्रो जिन लोगो की नजर और नजरिया या दृष्टिकोण हमेशा कमिया निकालने वाला होता है वे जिन्दगी में अधिक आगे भी नहीं बढ़ पाते क्योकि ऐसे लोगो को हमेशा हर चीज में कमी ही नजर आती है, ये लोग किसी व्यक्ति या वस्तु की खूबी को देख ही नहीं पाते और जीवन में पीछे रह जाते है, इंसान को हमेशा आशावादी दृष्टिकोण रखना चाहिए जहा नकारात्मकता है

वहा भी कुछ सकारात्मकता की खोज करना चाहिए और जो लोग बुराई में भी अच्छाई ढूंढ लेते है ऐसे लोग जीवन में सदैव आगे ही बढ़ते रहते है.

जैसे की मै यहा आपको एक उदाहरण के रूप में यह बात समझता हु, की इंसान का दृष्टिकोण किस तरह उसे आगे बढ़ाता है और उसके काम में सम्भावनाये पैदा करता है

. – Friends एक हिन्दुस्तान की
पुरानी जूतों की company की बात है, जब उसने शुरुवाती दौर में अपना business start किया था और दोस्तों उस दौर में भी हमारे देश में जूतों की कई कम्पनिया खुल चुकी थी जो की Market में अच्छा business कर रही थी. तब ऐसे में इस नई कंपनी को भी अपना बाजार बनाना था ऐसा बाजार जहा यह अपने जूतों को आसानी से बेच सके.

तो इस company ने अपने business का अलग तरीका निकला इसने कुछ सेल्समेन्स को ऐसे आदिवासी इलाको में भेजा और पता लगाने का कहा की वहा जूते बेचने की कितनी संभावना है. तो शुरुवात में कम्पनी का एक व्यक्ति गया और उसने देखा की यहा तो किसी भी व्यक्ति ने जूते ही नहीं पहने है.

और मित्रो यह व्यक्ति Negative ख्यालात का था इसने सोचा की यहा तो कोई जूते ही नहीं पहनता याने यहा तो जूते बिकेंगे ही नहीं और उसने सारा किस्सा कम्पनी में आके बता दिया.

Friends अब उसी कम्पनी ने उसी इलाके में एक दूसरे सेल्समैन को भेजा की तुम स्कोप देखके आवो वह भी गया और उसने भी देखा की यहा कोई जूते नहीं पहनता और यह नजारा देखकर वह बहुत खुश हुवा और उसने company को बताया की शायद उन लोगो ने कभी जूते पहने ही नहीं याने हम वहा आसानी से अपना Business कर सकते है और लोगो को जूते पहनना भी सीखा सकते है.

तो Friends देखा आपने यहा भी बात इंसान के दृष्टिकोण की ही आती है, की उसने किस नजरिये से चीजों को देखा आप यदि नकारात्मक तरिके से देखोगे तो आपको सब नकारात्मक ही दिखेगा और सकारात्मक नजरिया रखोगे तो आपको हर चीज अच्छी और हर जगह अवसर दिखेंगे. याने आप कैसा चश्मा पहनते है आप जैसा चश्मा पहनोगे दुनिया आपको वैसी ही दिखेगी.

हम सब लोग समाज में रहते है, दृश्टिकोण की वजह से छोटी – छोटी बातो में हमारी एक दूसरे से नोक – झोक होती रहती है, जैसे आपको कोई फिल्म अच्छी लगती है, तो वह आपके Friend को नहीं अच्छी लगती याने की दोनों का फिल्मो के प्रति अपना – अपना नजरिया है, हम लोग politics में भी रूचि रखते है यहा भी लोगो की अपनी – अपनी पसंद की पार्टिया होती है.

किसी को कोनसी पसंद है तो किसी को कोनसी पसंद है किसी का खाने पिने के तरफ अपना – अपना रुझान होता है, आपको जो चीज अच्छी लगती होगी वो किसी दूसरे को नहीं पसंद होगी पर मित्रो इन छोटी – छोटी चीजों में भलेही अपना दृश्टिकोण ना मिले पर जिन्दगी में हमारा लोगो के प्रति उनके काम के प्रति अच्छा नजरिया रखना है, नजर भलेही कैसी भी हो पर नजरिया सकारात्मक होना बहुत जरुरी है.

और मित्रो अंत में आपको एक और बात कहना चाहता हु, की इंसान कैसा भी हो कैसी भी सोच रखता हो पर यदि वो खुद को बदलने की सोचे खुद का दृश्टिकोण खुद की सोच बदलने की सोचे तो उसे अवश्य बदलना चाहिए अभीतक हमने अपनी जिन्दगी कैसी बितायी ये मायने नहीं रखता पर आगे हम अपना जीवन कैसे जियेंगे ये बहुत मायने रखता है.

तो Friends आपको यह post “नजर नहीं अपना नजरिया बदले” कैसी लगी कृपया हमें अपने Comments के माध्यम से जरूर बताये और में समझता हु आप इस post को पढ़कर अपना नजरिया अपनी सोच जरूर बदलोगे और अपने दोस्तों अपने साथियो को भी यह संदेश जरूर दोगे ताकि सबके जीवन में एक सकारात्मक परिवर्तन ए और हर इंसान अपने जीवन में सफलता प्राप्त करे.

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