महशिवरात्रि क्या है और यह क्यों मनाई जाती है

महशिवरात्रि क्या है और यह क्यों मनाई जाती है – दोस्तों महशिवरात्रि क्या है, उसके बारे में देखेंगे. मित्रो महशिवरात्रि हम बचपन से ही मनाते आरहे है, और सदियों से इसे मनाते आरहे है. इस दिन का हिन्दुवो में बहुत महत्व होता है, और इस दिन भगवान शिव की पूजा, आराधना की जाती है.महशिवरात्रि क्या है और यह क्यों मनाई जाती हैमहाशिवरात्रि को भगवान शिव का जन्म दिन माना जाता है. और सभी शिव भक्त इस दिन अपने आरध्य देव की पूजा अर्चना करते है, इस दिन को लोग अपने – अपने तरिके से मनाते है. आज हम इस post में शिवरात्रि क्या उसके बारे में देखेंगे. आप इस Article को भी अवश्य पड़े – क्या हमारे में भगवान राम जैसे गुण है

महशिवरात्रि क्या है और यह क्यों मनाई जाती है”

महशिवरात्रि भगवान शिव का त्यौहार है, और इसका हर शिव भगतो को बेसब्री से इंतजार होता है. और शिव भगत शिव की भगति और भांग के रंग में मग्न हो जाते है. यह त्यौहार हिन्दू तिथि के हिसाब  से फाल्गुन कृष्ण पक्ष की तयोदशी / चतुर्दशी को मनाया जाता है. हिन्दू पुराणों के अनुसार इस दिन सृष्टि के आरम्भ में मध्यरात्रि में भगवान शिव ब्रह्मा  से रूद्र के रूप में प्रकट हुए.

और दोस्तों इसलिए इस दिन को महशिवरात्रि या शिव की रात्रि कहा जाता है. यह भी माना जाता है की , इस दिन भगवान शंकर और पार्वती का विवाह हुवा था . इस दिन लोग व्रत रखते है, और पूरा दिन भूके रहते है. और भगवान शिव की पूजा करते है.

महा शिवरात्रि के अनुष्ठान –

दोस्तों इस दिन भक्त  लोग भगवान शिव की स्तुति करते हुए श्लोक और भजन गीत गाते है , ताकि उनको उनके पापो से मुक्ति मिल जाये . वे परम्परागत रूप से शिवलिंग पर दूध पानी बेल के पत्ते और फलो को चढ़ाते है. भक्त  गंगा की पवित्र नदी में डुबकी से दिन की शुरुआत करते है.

और इस दिन अविवाहित महिला भक्त एक अच्छे पती के लिए पार्वती देवी की प्रार्थना करती है , और अविवाहित महिलाये अपने पतियों और बच्चो की भलाई  के लिए प्रार्थना करती है.

मंदिरो में पूजा करने के लिए भक्त बेल पत्र  का प्रयोग करते है . कुछ लोग शिवलिंग पर गाय का दूध चढ़ाते है . और भोलेनाथ  की और माता पार्वर्ती की जय – जय  कार करते है .

महशिवरात्रि क्या है और यह क्यों मनाई जाती है – उसके लिए दोस्तों महा शिवरात्रि के दिन हर मंदिरो में और भी कई तरह के पूजा – पाठ  और अनुष्ठान किये  जाते है . और जो प्राचीन मंदिर है, वहापर लोग इस दिन दूर – दूर से दर्शन करने के लिए जाते है . और तमाम तरह की मुश्किलों का सामना करके भी भगवान भोलेनाथ के दर्शन करते है.

महशिवरात्रि कथा –

दोस्तों वैसे तो इस दिन महापर्व के बारे में कई पौराणिक कथाये मान्य है , पर हिन्दू लोग ग्रंथ पुराणों की विद्येश्वर सहिंसा के अनुसार इसी पावन तिथि महा दशा में भगवान भोलेनाथ  का निराकार स्वरूप प्रतीक लिंग का पूजन सर्वपर्थम ब्रह्मा  और भगवान विष्णु के द्वारा हुवा, जो जिस कारण यह तिथि शिवरात्रि के नाम से विख्यात हुई.

महशिवरात्रि पर भगवान शंकर का रूप जहा प्रलयकाल में संहारकर हे वही उनके प्रिय भगत गणो के लिए कल्याणकारी और मनोवांछित फल  प्रदायक भी है.

और दोस्तों में आपको  कुछ और बाते बताता हु, जैसे भोलेनाथ बोले  है. अपने भगतो पर बहुत जल्दी कृपा करते है, उसी तरह हमे भी बोला बनना है और भोला मतलब एक दम सिदा नहीं अपने में ऐसे स्वभाव और संस्कार होना चाहिए

की हम इंसानो को माफ़ कर सके और भोलेनाथ की तरह दयालु बने और में दावे के साथ कह सकता हु, की जब आप ऐसे अच्छे कर्म करेंगे तो भोलेनाथ भी आप पर जरूर कृपा बनायेगे.

और मित्रो महाशिवरात्रि के दिन आप किसी असहाय व्यक्ति की मदद करे किसी भूखे को भोजन करवाए किसी प्यासे की प्यास बुझाये याने समस्त अच्छे कार्य करते चले और आप जब सब अच्छे कर्म करते चलेंगे तब भगवान शिव भी आपसे प्रसन्न रहेंगे.

और दोस्तों आपको ये post “महशिवरात्रि क्या है और यह क्यों मनाई जाती है” केसी लगी please हमे बताये और मैने जो बाते आपको बताई है, आप उन्हें जरूर उनको follow करेंगे और अच्छे से शिवरात्रि मनाते रहेंगे.

और दोस्तों आप इस post  से Related अपने सुझाव हमे Comments के माध्यम से बता सकते है हमे आपके Comments का इंतजार रहेगा.

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