क्या इंसान अपनी Expectations दुसरो से रखता है

क्या इंसान अपनी Expectations दुसरो से रखता है – Friends आज  के  दौर  में  देखने  में  आरहा  है  की  इंसान  की  Expectations आशाये,  महत्वकांक्षाये  बहुत  बढ़ती  जारही  है, और  कई  लोग  तो,  और  देखा  जाये  तो  ज्यादातर  लोग  तो  अपनी  आशाओ  को  पूरा  करने  के  लिए  दूसरे  लोगो  पर  या  सरकारों  पर  निर्भर  होने  लगे  है, मैने  देखा  है  आज  का  समय  इतना  खराब  चल  रहा  है  की  लोग  अपनी  जरूरतों  के  लिए  खुद  काम  या  कोई  उपाय  नहीं  करते  दुसरो  पर  depend  होने  लगते  है, देश  और  दुनिया  के  हर  व्यक्ति  की  अपनी – अपनी  जरूरते  आशाये,  Expectations  होती  है. कुछ  लोग  ऐसे  भी  है  जो  अपनी  महत्वकांशाओ  के  लिए  खुद  ही  मेहनत  करते  है  और  उन्हें  पूरा  करते  है , मगर  ज्यादातर  लोग  उससे  विपरीत  ही  सोच  रखते  है.क्या इंसान अपनी EXPECTATIONS दुसरो से रखता है कई   लोग  अपनी  अपेक्षाएं   अपने  माँ  – बाप  पर  रखते  है, कई  लोग  अपने  भाई – बहन  से  उम्मीद  लगाते  है, कुछ  लोगो  की  अपने  दोस्तों  से  चाह  होती  है, याने  हर  इंसान  किसी  न  किसी  वजह  से  किसी  न  किसी  रिश्ते  पर  या  कही  और  depend  रहता  है.

मित्रो  आज  का  मेरा  इस  पोस्ट  को  लिखने  का  उद्देश्य  क्या   है, या  मुझे  यह  पोस्ट  क्यों लिखना  पढ़  रही  है. और  देखा  जाये  तो  में  इस  post  को  लिखते  हुए  दुखी  भी  हु, क्योकि  हम  हिंदुस्तान  में  रहते  है,  और  हिन्दुस्तान  को  एक  गतिशील  याने  आगे  बढ़ता  हुवा  देश  माना  जाता  है, यहा  का  युवा  आगे  बढ़ने  की   सोच  रखता  है और  खुद  को  आगे  बढ़ाने  के  कई  तरह  के  उपाय  सोचता  है.

पर  अभी  कुछ समय  से  देश  में  ऐसा  माहौल  बन  रहा  है  की  हमारे  देश  में  राजनैतिक  कारणों  की  वजह  से  नेता  ऐसी – ऐसी  घोषणाएं  कर  रहे  है, जो  आज  के  लिए  तो  सबको  अच्छी  लगती  है,  पर  ये  योजनाए  भविष्य  में  देश  को  बर्बाद  भी  कर  सकती  है.

क्या इंसान अपनी Expectations दुसरो से रखता है”

जैसे  पार्टिया  वोट  बैंक  के  लिए  कर्ज  माफ़ी  का  वादा  करती  है, और  सरकार  में  आने  के  बाद  वो  कुछ  हद  तक  अपना  वादा  भी  निभाती  है, पर  मित्रो  अगर  सही  मायने  में  देखा  जाये  तो  इसका   परिणाम  क्या  हो  रहा  है, अगर  जमीनी  हकीकत  देखा  जाये  तो  ऐसे  लोग  भी  कर्ज  जमा  नहीं  करते  जो  सक्षम  होते  है

याने  की  जब  भी  कहि  चुनाव  आने  वाले  होते  है  तब  जनता  को  सरकार  से  यह  Expectations रहती  है. की  सरकार  हमारा  कर्ज  माफ़  करेगी  हमारा  फायदा  करेगी. और  यह  कहना भी  गलत  नहीं  होगा  की  हमारे  देश  की  जनता  को  फ्री  का  खाने  की  आदत  पड़ती  जारही  है.

इसके  आलावा  भी  लोग  सरकार  से  कई  तरह  की  उम्मीदे  लगाते  है, पेट्रोल – डीजल, गैस  या  अन्य  तरह  की  ऐसी  चीजे  जो  रोज़मर्रा  के   काम  में  आती  है  पर  वो  महंगी  है, मै  हमेशा  देखता  हु, लोग  इतने  विचित्र  हो  गए  है, की  उनके  घर  के  बाहर  नाली  साफ  नहीं  हो  रही  है, तो  वो  सीधे  प्रधानमंत्री  को  ही  कोसने  लग  जाते  है.

याने  लोग  छोटे – छोटे  कार्यो  के  लिए  भी  सरकार  पर  depend रहते  है. पर  मित्रो  देखा  जाये  तो  इस  चीज  में  सिर्फ  अकेली  जनता  काही  दोष  नहीं  है, देश  का  माहौल  बिगाड़ने  में  सरकारों  का  और  नेताओ  का  भी  हाथ  है, जो  की  लोगो  को  सपने  दिखाते  है. और  लोग  भी  अपनी  जिम्मेदारियों  के  लिए  सरकार  पर  आश्रित  रहने  लगते  है.

पर  मित्रो  Expectations  रखना  कोई  बुरी  बात  नहीं  है, हर  इंसान  अपने  लिए  कुछ  न  कुछ  सोच  कर  रखता  है  अपने  लिए  सपने  देखता  है. की  में  मेरी  जिंदगी  में  यह  काम  करूंगा  और  जैसा  की  मैने  ऊपर  भी  बताया  जो  लोग  खुद  मेहनती  होंगे  अपने  फैसले  लेते  होंगे  वो  लोग  अपने  जीवन  में  अपनी  आशाये  अपेक्षाएं  जरूर  पूरी  करते  है. मगर  जो  दुसरो  पर  depend रह  जाते  है  वो  अपने  जीवन  में  कुछ  नहीं  कर  पाते.

कोई  व्यक्ति  पड़ – लिख  कर  डिग्री  लेकर  नौकरी  ढूंढने  जायेगा  तभी  उसे  कोई  नौकरी  भी  मिलेगी, और  कोई  ऐसा  सोचले  की  नहीं  मैने  तो  डिग्री  लेली  अब  सरकार  का  काम  है  मुझे  नौकरी  देना  तो  क्या  कभी  ऐसा  होगा  हमे  हमारी  जरूरतों  को  पूरा  करने  के  लिए  खुद  ही  प्रयास  करने  होंगे.

दुनिया  का  कोई  भी  इंसान  आपकी  Expectations पूरी  नहीं  करेगा  सिवाय  अपने  आप  के  आप  अपनी  जिंदगी  को  जैसा  बनाना  चाहो  वैसी  बन  जाएगी, मगर  किसी  के  भरोसे  रहोगे  तो  जिंदगी  में  कुछ  नहीं  कर  पाओगे  न  दोस्त  न  आपका  भाई  न  आपका  परिवार  न  देश  की  सरकार  आपकी  आशाये  कोई  भी  पूरी  नहीं  कराएगा  सिवाए  स्वयं  के  प्रयास  के  द्वारा  ही  सब  सम्भव  होगा. किसी के भरोसे रहने पर किसी का भी भला नहीं होता.

और  मेरा  आप  लोगो  से  यह  भी  कहना  है  की  हमे  अपनी  Expectations की  एक  लिस्ट  बनाना  है, याने  हमे  जीवन  में  क्या – क्या  चाहिए  और  उसमे  पहले  क्या  चाहिए  और  वो  कैसे  मिलेगा  और  जब  एक  चीज  मिल  जाये  उसके  बाद  दूसरी  तरफ  प्रयास  करना  है.

कुछ  लोग  सोचते  है  में  गाड़ी  भी  लेलु, घोड़ा  भी  लेलु सभी सुख सुविधाएं एक साथ लेलु  याने  सभी  चीजे  एक  साथ  तो  यह  सम्भव  नहीं  है.

इंसान  अपने  सारे  सपने  पुरे  कर  सकता  है  बस  अगर  वो  क्रमबद्ध  तरिके  से  चले  तो  कोई  मंजिल  दूर  नहीं  अगर  इंसान  बिना  किसी  के  भरोसे  अपनी  मेहनत  करता  चले  तो  एक  दिन  उसे  सब  कुछ  मिल  सकता  है.

तो Friends यह थी post “क्या इंसान अपनी Expectations दुसरो से रखता है” आपको यह post कैसी लगी कृपया हमे जरूर बताये और मै समझता हु, इस Article में मैने आपको जो – जो भी बाते बताई है आप उसे अपने जीवन में जरूर Follow करेंगे.

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