जानिए क्रिसमस डे कब और क्यों मनाया जाता है

जानिए क्रिसमस डे कब और क्यों मनाया जाता है – Friends जैसा की  हम  सब  जानते  है  क्रिसमस  डे  आने  वाला  है  और  यह  दिन  हमेशा  की  तरह  25 December को  ही  मनाया  जाता  है, और  माना  जाता  है  की  इस  दिन  ईसा  मसीह  का  जन्म  हुवा  था. वैसे  तो  christmas day ईसाइयो (क्रिश्चन्स) का  त्यौहार  होता  है. पर  आज  के  दौर  में  क्रिसमस  का  क्रेज  सारी  दुनिया  में  बढ़ता  जारहा  है. और  हम  भी  याने  हिंदुस्तान  में  भी  इसे  बड़े  जोर  शोर  से  मनाया  जाता  है. और  हमारे  देश  में  इसे  बड़े  दिन  के  रूप  में  मनाया  जाता  है, और  बड़े  दिनों  में  school  के  बच्चे  बहुत  खुश  होते  है  क्योकि  उनको  2 – 4 दिनों  की  छुट्टिया  मिलती  है.जानिए क्रिसमस डे कब और क्यों मनाया जाता हैवैसे  तो  क्रिसमस  सारे  देश  में  मनाया  जाता  है  पर  आज  भी  गावो  में  इसका  अभी  इतना  प्रसार  नहीं  हुवा  है, शहरों  में  इसको  बड़ी  तैयारी  के  साथ  मनाया  जाता  है  और  क्रिसमस  के  त्यौहार  के  आने  की  तैयारी  में  बाजारों  में  भी  बहुत  रोक  बढ़ने  लगती  है.

क्रिसमस  में  सेंटा  क्लॉस  का  बहुत  बड़ा  महत्व  है  सेंटा  इस  दिन  सबको  गिफ्ट  बाटते  है. और  आप  तो  जानते  ही  हो  की  हमारे  यहां  एक  दूसरे  को  बधाईया  देने  का  बहुत  बड़ा  प्रचलन  है  और  इसी  प्रक्रिया  में  लोग  क्रिसमस याने बड़े दिन पर  भी  एक  दूसरे  को  गिफ्ट  के  साथ  बधाईया  देते  है  wish करते  है  तो  मित्रो  अब  इस  post में  देखेंगे  की christmas day क्यों  मनाया  जाता  है.

जानिए क्रिसमस डे कब और क्यों मनाया जाता है”

25 December को ही क्यों मनाया जाता है क्रिसमस –

दोस्तों  हम  हिंदुस्तान  में  रहते  है  और  हम  हमेशा  देखते  है  की  हमारे  जो  भी  त्यौहार  होते  है  चाहे  किसी  भी  धर्म  के  उनकी  तारीख  हमेशा  बदलती  रहती  है, पर  आपने  कभी  इस  बात  पर  गौर  किया  की  क्रिसमस  हमेशा  25 December को  ही  क्यों  आता  है  इसका  क्या  कारण  है? दोस्तों  क्रिसमस  की  शुरुवात  चौथी सदी  से  हुई  थी. और  कहा  जाता  है  की  इससे  पहले  प्रभु  यीशु  के  अनुयाई  उनके  जन्म  दिवस  को  त्यौहार  के  रूप  में  नहीं  मनाते  थे.

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क्योकि  यीशु  के  पैदा  होने  और  मरने  के  कई  सालो  बाद  कहि  जाकर  लोगो  ने  25 December को  उनका  जन्मदीन  मानना  शुरू  किया  पर  कहा  जाता  है  की  इस  तारीख  को  प्रभु  यीशु  का  जन्म  नहीं  हुआ  था  क्योकि  सबूत  दिखाते  है

की  उनका  जन्म  अक्टूबर  में  हुवा  था. December में  नहीं  ईसाई  होने  का  दावा  करने  वाले  कुछ  लोगो  ने  इस  दिन  को  बाद  में  चुना  था. क्योकि  इस  दिन  रोम  में  गैर  ईसाई  लोग  अजेय  सूर्य  का  जन्मदिन  मानते  थे. और  ईसाई  चाहते  थे  की  यीशु  का  जन्मदिन  भी  इसी  दिन  मनाया  जाये.

मित्रो  सर्दियों  के  मौसम  में  जब  सूरज  की  गर्मी  कम  होती  है  तो, गैर  ईसाई  इस  इरादे  से  पूजा  पाठ  करते  है, और  रीती – रस्म   मनाते  थे.  की  सूर्य  अपनी  लम्बी  यात्रा  से  लोट  आये  और  दोबारा  उन्हें  गर्मी  और  रौशनी  दे  उनका  मानना  था  की  25 December  को  सूरज  लौटना  शुरू  करता  है.

इस  त्यौहार  और  को  इसकी  रस्मो  को  ईसाई  धर्म  गुरुवो  ने  अपने  धर्म  से  मिला  लिया  और  इसे  ईसाइयो  का  त्यौहार  नाम  दिया  याने  (christmas day) ताकि  गैर  ईसाइयो  को  अपने  धर्म  की  तरफ  खींच  सके.

क्रिसमस  दे  से  जुडी  परम्पराये –

दोस्तों  हर  वर्ष  साल  के  आखिर  में  आनेवाला  यह  त्यौहार  क्रिसमस  डे  जिसे  हम  बड़े  दिन  के  रूप  में  भी  मनाते  है. इस  दिन  को  ईसा  मसीह  के  जन्मदिन  के  रूप  में  मनाया  जाता  है. और  इस  त्यौहार  को  मनाने  की  कुछ  चीजे  बहुत  खास  होती  है.

सेंटा क्लॉस –

दोस्तों  सांता  क्लॉस  को  हर  बच्चा – बच्चा  जानता  है, और  इस  दिन  का  खासकर  बच्चो  को  बहुत  इंतजार  रहता  है. संत निकोलस  का  जन्म  तीसरी  सदी  में  जीजस  की  मोत  के  280 साल  बाद  मायरा  में  हुवा  था.

बचपन  में  माता – पिता  के  मरने  के  बाद  निकोल  को  सिर्फ  भगवान  जीजस  पर  ही  भरोसा  था, बड़े  होने  के  बाद  निकोलस  ने  अपना  जीवन  भगवान  में  अर्पण  कर  दिया. वह  एक  पादरी  बने  गिर  बिशप  उन्हें  लोगो  की  मदद  करना  बहुत  पसंद  था.

वह  गरीब  लोगो  और  बच्चो  को  गिफ्ट  दिया  करते  थे. निकोलस  को  इसलिए  सेंटा  कहा  जाता  है  क्योकि  वो  अर्द्ध  रात्रि  (आधी  रात) में  गिफ्ट  दिया  करते  थे.  की  उन्हें  कोई  देख  ना  पाए, और  मित्रो  यही  कारण  है  की  संत  निकोलस  की  वजह  से  ही  लोग  क्रिसमस  पर  सांता  का  इंतजार  करते  है.

क्रिसमस  ट्री –

मित्रो  कहते  है, जब  भगवान  ईसा  का  जन्म  हुवा  था, तब  सभी  देवता  उन्हें  देखने  और  उनके  माता  पिता  को  बधाई  देने  आये  थे. उसी  प्रकार  से  आजतक  हर  क्रिसमस  के  मोके  पर  सदाबहार  फर  के  पेड़  को  सजाया  जाता  है, और  इसे  क्रिश्मस  tree कहा  जाता  है. दोस्तों  क्रिसमस  ट्री  को  सजाने  की  शुरुवात  करने  वाला  पहला  व्यक्ति  बोनिफेस  टूमो  नामक  एक  अंग्रेज  धर्मप्रचारक  था. यह  पहली  बार  जर्मनी  में  दसवीं  शताब्दी  के  बिच  शुरू  हुवा  था.

कार्ड  देने  की  परम्परा –

दोस्तों  कहा  जाता  है  की  दुनिया  का  सबसे  पहला  क्रिसमस  कार्ड  विलियम  एंगल  द्वारा 1842 में  भेजा  गया  था. अपने  परिजनों  को  खुश  करने  के  लिए  इस  कार्ड  पर  किसी  शाही  परिवार  की  दस्तखत  की  तस्वीर  थी.

और  इसके  बाद  जैसे  की  सिलसिला  सा  लग  गया  एक  दूसरे  को  क्रिसमस  के  मोके  पर  कार्ड  देने  का  और  इससे  लोगो  का  एक  दूसरे  के  साथ  मेल  मिलाप  बढ़ने  लगा  और  गीले  शिकवे  भी  दूर  होने  लगे.

तो  friends यह  थी  post “जानिए क्रिसमस डे कब और क्यों मनाया जाता है” मै  समझता  हु, आपको  यह  post बहुत  अच्छी  लगी  होगी  और  आप  भी  क्रिसमस  के  बारे  में  अच्छे  से  जान  गए  होंगे. दोस्तों  मुझे  आपसे  अन्त  में  और  एक  बात  कहना  है  की  कोई  भी  त्यौहार  हो  और  चाहे  वो  किसी  भी  धर्म  का  हो  वो  हमे  जीने  की  राह  दिखाता  है  त्यौहार  एक  जरिया होता  है  लोगो  को  लोगो  के  बिच  लाने का  festival के  दिन हर व्यक्ति अपनी आपस की दुश्मनी भुलाकर एक दूसरे को गले लगाते है. merry Christmas

तो मित्रो आपको यह post  कैसी लगी प्लीज़ हमे बताये और हमारे द्वारा लिखी गयी post में कोई गलती हो तो आप हमे Comments के माध्यम से जरूर बताये हम उसे अवश्य सुधारेंगे.

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