जानिए भगवान शिव को नीलकंठ क्यों कहते है

जानिए भगवान शिव को नीलकंठ क्यों कहते है – दोस्तों आप सब बहुत अच्छे से जानते है, की भगवान शिव को नीलकंठ भी कहा जाता है. पर ये अगर आप नहीं जानते होंगे की भगवान शिव को नीलकंठ क्यों कहा जाता है, तो में आज आपको इस post में इस बारे में जानकारी बताने जारहा हु. जिसे आप पूरा पढ़े.जानिए भगवान शिव को नीलकंठ क्यों कहते हैदोस्तों पौराणिक कथावों में बताते है. और हमने बचपन मे सीरियल्स में भी देखा है की जब सागर मंथन हुवा था. तो उस समय सागर मंथन में विष का प्याला निकला था.  तो वो महादेव ने पिलिया था, तो तबसे उनका नाम नीलकंठ हो गया.

हुवा यु था ” की जिस कारण सागर मंथन करना पढ़ा उसका उद्देश्य यह था. की समुन्द्र के अंदर से अमृत निकाला जाये. और वो अमृत तब निकलेगा जब सागर मंथन किया जाये.

और दोस्तों अगर आप मंथन का मतलब नहीं समझते होतो में आपको बताता हु. की आपने घर में भी देखा है. की जब हम दूध  में खटाई डालते है, तो वो दूध फट जाता है.

और बाद में उसका दही बन जाता है. और हमे अगर उस दूध में से अगर छाछ और मक्खन चाहिए तो हमे उसे हिलाना पड़ेगा मतलब उसका मंथन करना पड़ेगा.

और आजकल तो घरो में मशीने आगयी है जिससे मक्खन निकलना बहुत आसान और सरल होगया है, आज कल महिलाएं बड़ी आसानी से छाछ से मक्खन निकाल लेती है.

तो फिर हुवा यु की जब सागर मंथन की तैयारी हुयी तो उसके लिए अधिक आदमियों की जरूरत हुई . मतलब केवल देवतावों से वो कार्य सम्पन्न नहीं हो रहा था . तो उन्होंने सोचा की क्यों ना एक योजना बनाई जाये. और जिसके तहत असुरो को भी सागर मंथन में शामिल किया जाये.

और देवतावो ने असुरो को ये कहकर तैयार किया की जो सागर मंथन में अमृत निकलेगा तो उस अमृत को देवता और असुर दोने मिलकर आधा – आधा पियेंगे.

जानिए भगवान शिव को नीलकंठ क्यों कहते है”

और दोनों एक साथ सागर मंथन के लिए तैयार हो गए. और जब सागर मंथन होने लगा  तो उसमे कई बहुमूल्य वस्तुए निकलने लगी . और कुछ समय बाद सागर मंथन से विष का प्याला निकला और जब विष का प्याला निकला तो उसे देख कर सभी देवता और असुर घबरा गए की इसे कोन पिये और विष को ना पानी में डाला जा सकता था और नाही जमीन में गिराया जा सकता था  .

तो दोस्तों उस समय सभी देवतावोने और असुरो ने मिलकर भगवान शिव, भोलेनाथ का आवहान किया और आप तो जानते ही, हो की भोलेनाथ तो है. ही भोला – भाला  सभी ने उनको बोला – ‘ की है महादेव इस समस्या  से केवल आप ही निकाल सकते है. और ये विष का प्याला केवल आप ही पि सकते है.

और फिर महादेव ने वो विष का प्याला पिया और समस्त संसार को उस विष से बचाया. और कहा जाता है . की महादेव ने विष को अपने कंठ में ही स्थापित कर लिया और दोस्तों तब से उनको नीलकंठ कहा जाने लगा.

पर आपने यह देखा की किस तरह भोलेनाथ ने विष पिया और वो नीलकंठ होगये तो मै आज आपसे ये बात पूछता हु , की क्या अगर आपकी Life में कभी ऐसा समय आए की कभी आपको विष पीना पड़े. तो क्या आप विष पियेंगे या किसी और को पिलादेने.

पर Friends मै आपको बताता हु, की आज के नए जमाने मै विष क्या है. मै आपको वो विष का कटोरा पिने का नहीं बोल रहा हु, दोस्तों विष का मतलब क्या होता है. विष का मतलब होता है की बुराई और बुराई कैसी हर तरह की बुराई समाज की व्यवहार की जिंदगी की बुराई जो हमारे आस – पास फैली हुई है. हमे उन बुराइयों को खत्म करना है.

और जैसे शिव ने विष पिया वैसे ही हमे बुराई रूपी विष पीना है. और बुराइया हर तरह की – जैसे अगर हम किसी को गाली देते है, तो हमे वो नहीं करना है, हम अगर किसी का बुरा करते है तो हमे वो नहीं करना है, अगर हम किसी से बेमानी करते है तो हमे वो भी नहीं करना है . इस बुराई रूपी विष को हमे पीना है. और समाज को इससे बचाना है.

दोस्तों आपने देखा की अगर सागर मंथन मै निकलने वाले विष की एक बून्द भी दुनिया मै गिर जाती तो तबाही मच जाती उसी प्रकार हम भी इस बुराई पूरी विष को जो all ready  इस दुनिया मै फेल भी चुकी है. और इस फैले हुए बुराई रूपी विष को हम वापिस तो नहीं निकाल सकते मगर आगे के लिए और ज्यादा विष नहीं घुले ऐसा करना है.

दोस्तों इस लिए मेरा आपसे यह निवेदन है की आप इस शिवरात्रि जब भगवान शिव के मंदिर में जाये तो उनके सामने खड़े होके बोले की है, भगवान मै आज से ये प्रण लेता हु, की इस बुराई रूपी विष को दुनिया में और नहीं फैलने दूंगा. मै इसे पी जाउगा अपने कंठ में समालूगा. और इसी के साथ अच्छे काम करने शुरू करे.

तो दोस्तों कैसी लगी आपको आजकी post ” जानिए भगवान शिव को नीलकंठ क्यों कहते है” और मै आशा करता हु,की इस post मै मैंने आपको जो – जो  भी जानकारिया दी है. आप जरूर उनको अपने जीवन मै लागु करेंगे. और हर प्रकार के बुराई रूपी विष को पी जायेगे, मित्रो शिवरात्रि आने वाली है और में चाहता हु, की इस शिवरात्रि पर आप यह प्रण ले की अब में कभी कोई बुरे काम नहीं कहुगा और दुनिया में सदैव अच्छाई बाटता रहूंगा.

और आप इस post से Related अपने सुझाव हमे Comments के माध्यम से बता सकते है. हमे आपके Comments का इंतजार रहेगा.

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