गणतंत्र दिवस का इतिहास और गणतंत्र दिवस से जुड़े रोचक तथ्य

गणतंत्र दिवस का इतिहास और गणतंत्र दिवस से जुड़े रोचक तथ्य – हैलो दोस्तों आप सब जानते हो की 26 जनवरी याने गणतंत्र दिवस (Republic day) आनेवाला है, जो की हर वर्ष 26 January को मनाया जाता है. और इसी दिन हमारे देश में संविधान भी लागु हुवा है. हर भारत वासी को अपने देश और अपने देश के संविधान पर बहुत गर्व है, क्योकि जिस तरह का भारत का संविधान है याने इस देश के संविधान ने भारतवासियो को जितनी आजादी दी है, उतनी दुनिया के किसी देश ने अपने नागरिको को नहीं दी है. हम सब अपने गणतंत्र दिवस का सम्मान करते है और हम बड़े ही हर्ष और उत्साह के साथ गणतंत्र दिवस को हर साल मनाते है.गणतंत्र दिवस का इतिहास और गणतंत्र दिवस से जुड़े रोचक तथ्य26 जनवरी 1950 के दिन हिंदुस्तान में संविधान लागु हुवा और “संविधान के रचयिता डॉ. भीमराव अम्बेडकर है, और तब से याने 26 जनवरी 1950 से अबतक हम देश में उसी संविधान के हिसाब से ही चलते है. और जैसा की मैने आपको बताया भारत का संविधान हमे पूरी तरह की आजादी देता है.

याने न हमारे बोलने पर याने अभिव्यक्ति की आजादी पर कोई रोक है, न हमारे कही घूमने पर या न हमारे कही रहने पर याने हम देश वासी हिन्दुस्तान में पूर्णतः स्वतंत्र है. और सही मायने में एक आजादी की जिन्दगी जीते है. देश में चाहे कोई भी प्रधानमंत्री रहे या किसी भी पार्टी की सरकार रहे संविधान सब के लिए एक जैसा है.

और मित्रो जैसा की हम गणतंत्र दिवस की बात करे तो हम इस दिन को बचपन से ही मनाते आये है. हम जब school में थे तब हमे 26 जनवरी का बहुत इंतजार रहता था इस दिन school में विभिन्न प्रकार के संस्कृतक कार्यक्रम किये जाते है.

गणतंत्र दिवस का इतिहास और गणतंत्र दिवस से जुड़े रोचक तथ्य”

हम जब छोटे थे तो हमे भी स्टेज पर जाके परफॉर्म करने का बहुत शोक था, उस वक्त भलेही हमे कुछ बोलना आये ना आये पर देश के प्रति मन में इतना प्यार था की कैसे भी करके कोई कविता या गीत सुनाकर ही आते थे. हम हमारी शर्ट पर तिरंगा लगाकर घूमते थे.मित्रो आज हम school भलेही ना जाते हो पर हमारे मन में देश के प्रति प्यार आज भी उतना ही है.

आज भलेही हम नहीं पढ़ते मगर 26 जनवरी हो या स्वतंत्रता दिवस हम हमारे बच्चो के साथ उनके school में जाते है आज हम हमारे बच्चो को देश के प्रति जागरूक करते है उन्हें हम सिखाते है की हमारा देश आजाद कैसे हुवा हमे आजादी किन – किन लोगो के बलिदानो के द्वारा मिली जो आज हम एक आजाद देश में सास ले पारहे है.

तो मित्रो आज हम इस post में गणतंत्र दिवस (Republic day) के इतिहास के बारे में जानेंगे.

26 जनवरी/गणतंत्र दिवस का इतिहास –

मित्रो हम सब जानते है की गणतंत्र दिवस भारत का एक राष्ट्रीय पर्व है, जो हर वर्ष 26 जनवरी को मनाया जाता है. इसी दिन सन 1950 को भारत सरकार ने अभिनियम एक्ट 1935 को हटाकर भारत का संविधान लागु किया गया था.

मित्रो भारत को एक स्वतंत्र गणराज्य बनने और देश में कानून का राज्य स्थापित करने के लिए संविधान को 26 नवम्बर 1949 को भारत की संविधान सभा द्वारा अपनाया गया, और 26 जनवरी 1950 को इसे एक लोकतान्त्रिक सरकार प्रणाली के साथ लागु किया गया था.

यह दिन 26 January को इस लिए चुना गया था. क्योकि 1930 में इसी दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारत को पूर्ण स्वराज्य घोषित किया था. और मित्रो आप जानते हो की 26 January को सम्पूर्ण भारत में अवकास रहता है.

दोस्तों सन 1929 के दिसंबर में लाहौर में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अधिवेशन पंडित जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षयता में हुवा, और इस अधिवेशन में प्रस्ताव पारित कर इस बात की घोषणा की गयी की यदि अंग्रेज सरकार 26 January 1930 तक भारत को स्वायत्त्योपनिवेश (डोमिनियन) का पद नहीं प्रदान करेगी जिसके तहत भारत ब्रिटिश साम्राज्य में ही स्वशासित इकाई बन जाता, तो भारत अपने को पूर्णतः स्वतंत्र घोषित कर देगा.

तो इसके आगे 26 January 1930 तक अंग्रेज सरकार ने कुछ भी नहीं किया तब congress ने उस दिन भारत की पूर्ण स्वतंत्रता के निश्चय की घोषणा की और अपना सक्रिय आंदोलन आरम्भ किया.

हमारे देश के स्वतंत्रता सेनानियों ने उस दिन से 1947 में स्वतंत्रता प्राप्त होने तक 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता रहा. इस के पश्च्यात स्वतंत्रता प्राप्ति के वास्तविक दिन, 15 अगस्त को भारत के स्वतंत्रता दिवस के रूप में स्वीकार किया गया.

मित्रो भारत के आजाद होने के बाद संविधान सभा की घोषणा हुई, और इसने अपना कार्य 9 दिसंबर 1947 से आरम्भ कर दिया. उसके बाद संविधान सभा के सदस्य भारत के राज्यों की सभाओ के निर्वाचित सदस्यों के द्वारा चुने गए थे.
जिनमे – डॉ. भीमराव अम्बेडकर, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्ल्भ भाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद आदि इस सभा के प्रमुख सदस्य थे.

संविधान निर्माण में कुल 22 समिति थी. जिसमे प्रारूप समिति (ड्राफ्टिंग कमेटी) सबसे प्रमुख एवं महत्वपूर्ण कमेटी थी. और इस समिति का कार्य “संविधान लिखना” या मिर्माण करना था.

प्रारूप समिति के अध्यक्ष्य विधिवेत्ता डॉ. भीमराव अम्बेडकर थे, प्रारूप समिति ने और उसमे विशेष रूप से डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने 2 वर्ष, 11 माह, और 18 दिन में भारतीय संविधान का निर्माण किया और संविधान सभा के अध्यक्ष्य डॉ राजेंद्र प्रसाद को 26 नवम्बर 1949 को भारत का संविदान सुपुर्द किया, इस लिए 26 नवम्बर के दिन को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है.

संविधान सभा ने संविधान निर्माण के समय कुल 114 दिन बैठक की और इन बैठकों में प्रेस और जनता को भी भाग लेने की अनुमति थी, अनेक सुधारो और बदलावों के बाद सभा के 308 सदस्यों ने 24 January 1950 को संविधान की दो हस्तलिखित कॉपियों पर हस्ताक्षर किये.

और इसके दो दिन बाद याने 26 जनवरी को संविधान पुरे देश में लागु हो गया.
और 26 January का महत्व बनाये रखने के लिए इसी दिन संविधान निर्मात्री सभा द्वारा स्वीकृत संविधान में भारत के गणतंत्र स्वरूप को मान्यता दी गयी.

और उसके बाद का इतिहास तो हर कोई जनता ही है की हमारे देश में हर वर्ष 26 January को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है, और सारे राष्ट्र को संविधान से अवगत किया जाता है.

गणतंत्र दिवस समारोह क्या है –

Friends 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस (Republic day) समारोह पर भारत के राष्ट्रपति द्वारा भारतीय राष्ट्र ध्वज (तिरंगे) को फेहराया जाता है. और इसके बाद सभी लोग खड़े होकर राष्ट्रगान गाते है. गणतंत्र दिवस को पुरे देश में विशेष रूप से भारत की राजधानी दिल्ली में बहुत शानदार और बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है.

इस अवसर के महत्व को चिन्हित करने के लिए हर साल एक भव्य परेड India गेट से राष्ट्रपति भवन तक राजपथ पर राजधानी, नई दिल्ली में आयोजित कि जाती है, मित्रो इस भव्य परेड में भारतीय सेना की विभिन्न रेजिमेंट, जल सेना, थल सेना, वायु सेना आदि सभी भाग लेते है.

26 January के समारोह में भाग लेने के लिए देश के सभी हिस्सों से राष्ट्रीय केडेट कोर विभिन्न विद्यालयों के बच्चे आते है.
मित्रो इस समारोह में भाग लेना हमारे लिए एक सम्मान की बात होती है, परेड प्रारम्भ करते हुए प्रधानमंत्री अमर जवान ज्योति जो राजपथ के एक छोर पर इंडिया गेट पर स्तिथ है, पर पुष्प माला डालते है. इसके बाद सभी लोगो द्वारा शहीद सेनिको की याद में 2 मिनिट का मोन रखा जाता है.

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यह देश की सम्प्रभुता की रक्षा के लिए लड़े युद्ध स्वतंत्रता आंदोलन में शेष के लिए बलिदान देने वाले शहीदों के बलिदान का एक स्मारक है, इसके बाद प्रधानमंत्री, अन्य व्यक्तियों के साथ राजपथ पर स्तिथ मंच पर आते है. और इसके बाद राष्ट्रपति महोदय 26 January अवसर में आनेवाले मुख्य अतिथि के साथ आते है.

इस परेड में विभिन्न राज्यों की अलग – अलग तरह की प्रदर्शनिया भी होती है, जो की हम हमेशा टीवी पर देखते है. भिन्न – भिन्न झाकिया निकलती है जो हमे देश का गौरव दिखाती है. इन प्रदर्शनियो में हर राज्य के लोगो की विशेषता, उनके लोक गीत और कला का दृश्यचित्र प्रस्तुत किया जाता है, हर प्रदर्शनी देश की विविधता और देश की सांस्कृतिक समृद्धि प्रदर्शित करती है.

और मित्रो इस दिल्ली में होने वाली परेड का सीधा प्रसारण राष्ट्रीय चेनल्स पर दिखाया जाता है जिसे हम आसानी से अपने घर बैठे देख सकते है.

और दोस्तों आपने देखा होगा इस समारोह में भागलेने वाले विशेष अतिथि हमेशा विदेशो के ही होते है याने अन्य किसी देश के प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति (राष्ट्राध्यक्षय). और हम 26 जनवरी के समारोह को अपने गांव अपने शहरों में भी उसी हर्ष उल्लास के साथ मनाते है जैसा दिल्ली में मनाया जाता है.

मित्रो अब हम इस post में गणतंत्र दिवस से जुड़े कुछ रोचक तथ्यों को देखेंगे जिससे आपको 26 जनवरी के बारे में और अच्छे से पता चलेगा.

गणतंत्र दिवस से जुड़े रोचक तथ्य –

1. मित्रो हम सब जानते है की हमारे देश भारत में हर साल 26 जनवरी के परेड देश की राजधानी दिल्ली के राजपथ पर आयोजित की जाती है, लेकिन मित्रो क्या आपको पता है, की 1950 से लेकर 1954 ईस्वी तक परेड का आयोजन स्थल राजपथ नहीं था.

इन वर्षो के दौरान 26 जनवरी की परेड का आयोजन क्रमशः इरविन स्टेडियम, किंग्सवे, लाल किला और रामलीला मैदान में कि गया था. 1955 ईस्वी से अबतक राजपथ 26 जनवरी की परेड का स्थाई आयोजन स्थल बन गया. उस समय राजपथ को “किंग्सवे” के नाम से जाना जाता था.

2. 26 जनवरी की परेड के दौरान हर साल किसी न किसी देश के राष्ट्राध्यक्षय को अतिथि के रूप में बुलाया जाता है. 26 जनवरी 1950 को आयोजित पहले परेड में अतिथि के रूप में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति डॉ. सुकर्णो को आमंत्रित कि गया था. जबकि 1955 में राजपथ पर आयोजित पहले परेड में अतिथि के रूप में पाकिस्तान के गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को आमंत्रित कि गया था. और 2015 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा को भी बुलाया जा चूका है.

3. मित्रो 26 जनवरी की परेड की शुरुवात राष्ट्रपति के आगमन के साथ होती है. सबसे पहले राष्ट्रपति के घुड़सवार अंगरक्षकों द्वारा तिरंगे को सलामी दी जाती है, उसी समय राष्ट्रगान बजाया जाता है. और 21 तोपों की सलामी दी जाती है, लेकिन मित्रो क्या आप जानते है, की वास्तव में वह 21 तोपों दवारा सलामी नहीं दी जाती है? बल्कि भारतीय सेना के 7 तोपों, जिन्हे “25 पॉन्डर्स” कहा जाता है, के द्वारा तीन – तीन राउंड की फायरिंग की जाती है.

और दोस्तों खास बात यह है की तोपों द्वारा की जाने वाली फायरिंग का समय राष्ट्रगान के समय से मेल खाता है. पहली फायरिंग राष्ट्रगान के शुरुवात के समय की जाती है. जबकि अंतिम फायरिंग ठीक 52 सेकंड के बाद की जाती है. मित्रो इन तोपों को 1941 में बनाया गया था. और सेना के सभी औपचारिक कार्यक्रमों में इन्हे शामिल कि जाता है.

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4. मित्रो परेड के दिन परेड में भाग लेने वाले सभी दल सुबह 2 बजे ही तैयार हो जाते है, और सुबह 3 बजे तक राजपथ पर पहुंच जाते है. लेकिन इस परेड की तैयारी पिछले साल जुलाई में ही शुरू हो जाती है. जब सभी दलों को परेड में भाग लेने के लिए अधिसूचित किया जाता है, अगस्त तक वे अपने संबंधित रेजिमेंट केन्द्रो पर परेड का अभ्यास करते है. और दिसम्बर में दिल्ली आते है, 26 जनवरी की परेड में औपचारिक रूप से भाग लेने से पहले तक विभिन्न दल लगभग 600 घंटे तक अपने कार्य का सम्पूर्ण अभ्यास करते है ताकि परेड में कोई त्रुटि ना हो.

5. परेड में शामिल होने वाले टेंको और बख्तरबंद गाड़ियों तथा भारत की सामरिक शक्ति को प्रदर्शन करने वाले अत्याधुनिक उपकरणों के लिए इंडिया गेट परिसर के भीतर एक विशेष शिविर बनाया जाता है. प्रत्येक हथियार की जांच एवं रंग – रोगन का कार्य 10 चरणों में किया जाता है.

6. 26 जनवरी की परेड के लिए हर दिन अभ्यास के दौरान और फूल ड्रेस रिहरस्ल के दौरान प्रत्येक दल 12 किलोमीटर की दुरी तय करती है. जबकि परेड के दिन प्रत्येक दल 9 किलोमीटर की दुरी तय करती है. पुरे परेड के रास्ते पर जजों को बिठाया जाता है. जो प्रत्येक दल पर 200 मापदंडो के आधार पर बारीकी से नजर रखते है, जिसके आधार पर “सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दल” को पुरस्कृत किया जाता है.

7. मित्रो 26 जनवरी की परेड के शुरुवात से लेकर अंत तक हर गतिविधि सुनियोजित होती है. अतः परेड के दौरान छोटी से छोटी गलती या कुछ ही मिनटों के विलम्ब के कारण भारी खामियाजा भुगतना पड़ सकता है.

8. परेड में भाग लेने वाले प्रत्येक सैन्यकर्मी को चार स्तरीय सुरक्षा जांच से गुजरना पढ़ता है, इसके आलावा उनके द्वारा लाये गए हथियार की गहन जांच की जाती है, ताकि यह सुनुश्चित हो सके ताकि उनके हथियारों में जिन्दा कारतूस तो नहीं है.

9. परेड में शामिल सभी झाकिया 5किमी/घंटा की गति से चलती है ताकि गणमान्य व्यक्ति इसे अच्छे से देख सके. मित्रो आपको यह जानकर आश्चर्य होगा की इन झाकियों के चालक एक छोटी सी खिड़की के माध्यम से वाहनों को चलाते है.

10. मित्रो गणतंत्र दिवस परेड का सबसे रोचक हिस्सा “फ्लाईपास्ट” होता है. इस फ्लाईपास्ट की जिम्मेवारी पश्चिम वायुसेना कमान के पास होती है, जिसमे 21 विमान भाग लेते है. परेड में शामिल होने वाले विभिन्न विमान वायु सेना के अलग – अलग केन्द्रो से उड़ान भरते है और तय समय पर राजपथ पर पहुंच जाते है.

11. प्रत्येक गणतंत्र दिवस परेड में गीत “Abide With Me” (मेरे पास रह) निश्चित रूप से बजाया जाता है क्योकि यह महात्मा गाँधी का पसंदीदा गीत है.

12. मित्रो इस परेड में भाग लेने वाले सेना के जवान स्वदेश में निर्मित (INSAS) रायफल लेकर चलते है, जबकि विशेष सुरक्षा बल के जवान इजराइल में निर्मित (TAVOR) रायफल लेकर चलते है.

13. मित्रो RTI से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2014 में 26 जनवरी की परेड के आयोजन में लगभग 320 करोड़ रूपये खर्च किये गए थे. जबकि 2001 में यह खर्च लगभग 145 करोड़ था. इस प्रकार 2001 से लेकर 2014 के दौरान 26 जनवरी की परेड के आयोजन में होने वाले खर्च में लगभग 54.51% की वृद्धि हुई है और यह आकड़ा हर साल बढ़ता जाता है.

दोस्तों जैसा की हम सब जानते है, की 26 जनवरी के दिन गणतंत्र दिवस मनाया जाता है और उसी के साथ इस दिन हमारे देश भारत में संविधान भी लागु किया गया था. तो अब हम इस post में आगे संविधान से जुडी हुई कुछ रोचक जानकारियों को भी देखेंगे और संविधान के बारे में जानेंगे.

दोस्तों भारतीय संविधान सभा की और से 26 नवंबर 1949 को भारत का संविधान पारित हुवा और 26 जनवरी 1950 को यह लागु हुवा. और मित्रो भारत का संविधान दुनिया के किसी भी गणतांत्रिक देश का सबसे लम्बा और बड़ा संविधान है. भारतीय संविधान में वर्तमान समय में 465 अनुच्छेद, 12 अनुसूचियाँ और यह 22 भागो में विभाजित है.

तो अब हम संविधान से जुड़े कुछ रोचक तथ्यों को देखते है –

1. बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर को भारत का संविधान निर्माता कहा जाता है. वे संविधान मसौदा समिति के अध्यक्ष्य थे.

2. अंबेडकर को संविधान का फाइनल ड्राफ्ट तैयार करने में 2 साल 11 महीने और 18 दिन लगे.

3. पुरे देश में 26 नम्बर को संविधान दिवस के तोर पर मनाया जाता है.

4. देश का सर्वोच्च कानून हमारा संविधान 26 नवंबर, 1949 में अंगीकार किया गया था.

5. संविधान सभा का अनुमानित खर्च 1 करोड़ रूपये आया था.

6. मसौदा लिखने वाली समिति ने संविधान हिन्दी, अंग्रेजी में हाथ से लिखकर कैलिग्राफ किया था. और इसमें कोई टायपिंग या प्रिंटिंग शामिल नहीं थी.

7. संविधान सभा के सदस्य भारत के राज्यों की सभाओ के निर्वाचित सदस्यों द्वारा चुने गए थे. जिनमे – जवाहरलाल नेहरू, डॉ. भीमराव अम्बेडकर, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सरदार वल्ल्भ भाई पटेल. मौलाना अबुल कलाम आजाद आदि सभा के प्रमुख सदस्य थे.

8. 11 दिसम्बर 1949 को संविधान सभा की बैठक में डॉ. राजेंद्र प्रसाद को स्थाई अध्यक्ष चुना गया, जो अंत तक इस पद पर बने रहे.

9. इसमें अब 465 अनुच्छेद, तथा, 12 अनुसूचियाँ है. और यह 12 भागो में विभाजित है, इसके निर्माण के समय मूल संविधान में 395 अनुच्छेद, जो की 22 भागो में विभाजित थे. इसमें केवल 8 अनुसूचियाँ थी.

10. संविधान की धारा 74 (1) में यह व्यवस्था की गई है की राष्ट्रपति की सहायता को मंत्रिपरिष्द होगी, जिसका प्रमुख प्रधानमंत्री होगा.

11. आज से ठीक 69 साल पहले पहले भारतीय संविधान तैयार करने और स्वीकारने के बाद से इसमें पुरे 100 से भी ज्यादा संशोधन किये जा चुके है.

12. संविधान में प्रशासन या सरकार के अधिकार, उसके कर्तव्य और नागरिको के अधिकार को विस्तार से बताया गया है.

13. संविधान में सरकार के संसदीय स्वरूप की व्यवस्था की गई है जिसकी संरचना कतिपय एकात्म विशिष्टताओं सहित संघीय हो. कार्यपालिका का संविधानिक प्रमुख राष्ट्रपति है.

14. दोस्तों भारत की संविधान सभा का चुनाव भारतीय संविधान की रचना के लिए किया गया था. ब्रिटेन से स्वतंत्र होने के बाद संविधान सभा के सदस्य ही प्रथम संसद के सदस्य बने.

15. केबिनेट मिशन की संस्तुतियों के आधार पर भारतीय संविधान का निर्माण करने वाली संविधान सभा का गठन जुलाई, 1946 ईस्वी में किया गया.

16. संविधान सभा के सदस्यों की कुल संख्या 389 निश्चित की गई थी, जिनमे 292 ब्रिटिश प्रांतो के प्रतिनिधि, 4 चीफ कमीशन क्षेत्रों के प्रतिनिधि एवं 93 देशी रियासतों के प्रतिनिधि थे.

17. हैदराबाद एक ऐसी रियासत थी, जिसके प्रतिनिधि संविधान सभा में सम्मिलित नहीं हुए थे.

18. संविधान के प्रारूप पर कुल 114 दिन बहस हुई.

19. संविधान के कुछ अनुच्छेदों में से 15 अर्थात 5, 6, 7, 8, 9, 60, 324, 366, 367, 372, 380, 388, 391, 392 तथा 393 अनुच्छेदों को 26 नवंबर, 1949 ईस्वी को ही परिवर्तित कर दिया गया. जबकि शेष अनुच्छेदों को 26 जनवरी, 1950 ईस्वी को लागु किया गया.

20. समाजवादी शब्द संविधान के 1976 में हुए 42 वे संशोधन अधिनियम द्वारा प्रस्तावना में जोड़ा गया.
दोस्तों यह थी भारतीय संविधान से जुड़ी कुछ रोचक जानकारिया मै आशा करता हु, की इन्हे पढ़कर आपने संविधान के बारे में बहुत कुछ जाना होगा. और मै आशा करता हु, की आप इस देश के नागरिक होने के नाते अपने देश के संविधान का हमेशा पालन करेंगे.

मित्रो जैसा की हम सब हर वर्ष गणतंत्र दिवस मनाते है और जिसे सब लोग बड़े ही उत्साह के साथ मनाते है और इस दिन बच्चे और बड़ो में बहुत जोश होता है. और उसी जोश में हम हमारे देश प्रेम के प्रति कई नारे लगाते जिनसे हम और अधिक जोश में आते है, तो आज में आपको कुछ नारे बताता हु.

गणतंत्र दिवस पर लगने वाले नारे –

भारत माता की जय.

जय जवान जय किसान.

जो हमसे टकराएगा, मिटटी में मिल जायेगा.

हम सब एक है.

भगत सिंह, आजाद, सुखदेव अमर रहे.

मेरे देश में एक तंत्र है, यहा पर एक गणतंत्र है.

देशभक्ति की अलख जगाये, चलो अब रिपब्लिक डे मनाये.

आवो इस दिन का मजा उठाये, हम मिलकर गणतंत्र मनाये.

जब भी गणतंत्र मनाएंगे, शहीदों को न भूल पाएंगे.

एक देश अपना भारत, जो बने श्रेष्ठ भारत.

आज फिर गणतंत्र दिवस आया है, जिसके लिए स्वतंत्रता सेनानियों ने अपना खून बहाया है.

हमे जान से प्यारा गणतंत्र हमारा है, याद रखेंगे शहीदों को जो बलिदान तुम्हारा है.

तो मित्रो यह थी post “गणतंत्र दिवस का इतिहास और गणतंत्र दिवस से जुड़े रोचक तथ्य” मित्रो यह post आपको कैसी लगी कृपया हमे जरूर बताये, मित्रो में जानता हु, यह लेख थोड़ा बड़ा होगया है, पर हम सब को अपने देश से बहुत प्यार है. और मै चाहता हु, जो भी इस लेख को पड़े उसे गणतंत्र दिवस और संविधान के बारे में सम्पूर्ण जानकारिया मिले कही और जाने की जरूरत न पड़े. दोस्तों में समझता हु, आपने भी इस post को पूरी पड़ी होगी क्योकि आपको भी अपने देश से बहुत प्यार है.

Friends में चाहता हु, की आप अपने Comments के माध्यम से हमे जरूर बताये की आपको यह लेख कैसा लगा.

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