क्या आप जानते है एक रूपये की कीमत

क्या आप जानते है एक रूपये की कीमत – Friends अगर हम किसी से पूछे की एक रूपये की क्या कीमत है, तो हमें हर कोई कहेगा की एक रूपये की कोई कीमत या कोई मूल्य नहीं होता एक रूपये को कोई बढ़ा नहीं मानता एक रूपये की कोई वेल्यू नहीं रखते पर दोस्तों मेरे हिसाब से ऐसा नहीं है, एक रूपये की भी बहुत कीमत होती है, बस उसको समझने की जरुरत होती है, और मित्रो इसकी कीमत हर इंसान समझ भी नहीं पाता दोस्तों जिस इंसान ने गरिबी देखि है या अपनी मेहनत से पैसे कमाए है आप उस इंसान से पूछो की एक रूपये की क्या कीमत होती है.क्या आप जानते है एक रूपये की कीमतवो आप को बताएगा आज के जमाने में तो एक रूपये की कीमत या वेल्यू कोई नहीं है, आप अगर बच्चो कोभी एक रुपया देंगे तो वो भी नहीं लेंगे बच्चे भी जानते है, की एक रूपये की कोई वेल्यू या मूल्य नहीं है, दोस्तों ऐसा क्यों है.

क्यों की हमने हमारे बच्चो को एक रूपये की कीमत बताई ही नहीं तो उनको कहा से समझ में आयेगी, हमे उनको पैसेके मूल्य का अहसास कराना होगा तभी उनको उसकी कीमत समझ में आएगी पर क्या कोई ऐसा इंसान है, जिसने अपनी मेहनत से एक रुपया कमाया होगा उससे आप पूछो

तो दोस्तों अब हमें ऐसा क्या करना चाहिए जिससे हमारे बच्चो को भी पसे की कीमत समझ में आये और सारी जिंदगी में वो पैसे की कदर करे ये हमे उनको सिखाना होगा.

Friends हमे अपने बच्चो से ज्यादा लाढ – प्यार नहीं करना चाहीये में ये नहीं कहता की आप अपने बच्चो से प्या न करे पर ये जरूर कहुगा की उनमे गलत आदत न डाले उनके प्यार करे बहुत प्यार करे मैने अक्सर दुनिया में देखा है, जो लोग बच्चो को सँभालते है कोई भी माँ या बाप हो यदि बच्चा जिद करता है.

तो माँ बाप उसे ऐसे तरीको से चुप करते है जिससे वो आगे जाके बिगड़ता है और उसकी आदते खराब होती है , मेरा ये मानना है की आप ऐसा कोई तरीका न लगाए जिससे आगे जाके आपको ही मुसीबत हो, माँ बाप पैसे देके छूटकारा लेते है, कई और कुछ चीजे देते है.

दोस्तों इससे और बच्चे की आदत खराब ही होती है, और उसको आगे जाके पैसे की कीमत भी नहीं पता चलती क्यों की उसने परिश्रम से पैसा नहीं कमाया होता है, और दोस्तों केवल यहा बच्चे ही नहीं दुनिया के हर इंसान को एक रूपये की कीमत समझना होगी मैने देखा है, कुछ लोग बहुत काम चोर होते है, वो  हमेशा दुसरो पर आश्रित होते है.

और कभी कोई काम नहीं करते है तो दोस्तों ऐसे लोगो को रूपये की कोई कदर नहीं होती वो पेसो की कदर नहीं करते है, बस दुसरो के भरोसे खर्चा करते है खुद कुछ नहीं कमाते दोस्तों ऐसे लोगो का अगर नुकसान भी हो जाये तो उन्हें कुछ फर्क नई पढता क्यों की उन्हों ने कमाया हुआ नहीं होता है.

जिससे उनको उसका मूल्य पता चले और दूसरी तरफ ऐसे लोग होते है जो अपनी मेहनत और पसीने की कमाई से एक एक पैसा कमाते है, उन लोगो का अगर एक भी पैसे का नुकसान होता है

तो उन्हें बहुत फर्क पढता है, क्यों की ये उनकी मेहनत की कमाई होती है, और ऐसे लोग अपने बच्चो को भी ऐसी ही सिख देते है , जिससे उनको आगे जाके पैसे की कदर हो और वो आगे जाके सही इंसान बने.

दोस्तों जो लोग मेहनत से पैसा कमाते है वो दुसरो को भी सही राह पर चलने की सिख देते है, वो कभी किसी को गलत राय नहीं देते उन्हें पैसे की कीमत पता होती है, और ऐसे दुनिया में कई लोग है जो एक रूपये की कीमत को जानते है पर दुर्भाग्यवश ऐसे लोग भी बहुत है जो रूपये की वेल्यू को नहीं जानते और पैसे को बर्बाद करते है.

दोस्तों ऐसे लोगो का समाज में मेह्गाई बढ़ाने में बहुत हाथ होता है, ये लोग किसी चीज की कीमत भी नहीं पूछते बस खरीद के रहते है, में आप को फिर बतादू ये लोग बस दुसरो की कमाई पर ऐश करते है

चाहे अपने माँ – बाप की या किसी और की और जो इंसान मेहनत से कमाता है, वो कभी ऐसी गलती नहीं करता वो पैसे को कैसे खर्च करना कहा कितना करना सब सोच समझ के करता है. और सही तरीके से काम करता है और ऐसे लोग आगे बढ़ते है.

क्या आप जानते है एक रूपये की कीमत”

दोस्तों यहा में आप के सामने एक छोटी सी कहानी एक रूपये की कीमत पेश करना चाहता हु, जो आप को जरूर पसंद आयेगी

एक रूपये की कीमत Friends एक गांव में एक परिवार रहता था. और उस परिवार में एक छोटा लड़का भी रहता था. घर वाले सब उसे बहुत लाढ़ प्यार करते थे, वो सब का लाड़ला था, घर में उस लड़के की बहन उसके दादा – दादी और माँ उसे बहुत प्यार करते थे.

और उसके पिता का व्यवसाय था वो उस लड़के को ज्यादा समय नहीं दे पाते थे वैसे तो उनका सम्पन्न परिवार था घर में किसी चीज की कोई कमी भी नहीं थी, दोस्तों धीरे – धीरे वो लड़का बढ़ा  होने लगा और उसके प्रति घर वालो का प्यार भी बढ़ने लगा घर वाले उसे बहुत प्यार करते थे.

उसे किसी चीज की कमी महसूस नहीं होने देते थे वो जोभी चीज मांगता था उसे आसानी से मिल जाती थी अब वो लड़का जवान होने को आया था, ये सब चीजे उसके पिता देख रहे थे.

पर वो लड़का घर का कोई काम नहीं करता था बस घर वालो से पैसे लेके खर्च करता था. अब उसके पिता ने उसे सही राह पे लाने की युक्ति निकाली एक दिन उस के पिता ने उस लड़के को बुलाया और कहा बेटा  अब तुम बढे हो चुके हो और तुम्हारी काम करने की उम्र होगई  है,

अब तुम कुछ काम करो आज में जब शाम को घर लोटू तो तुम मुझे एक रुपया कमाके लाके दोगे उसने बोला ठीक है पिताजी लड़के ने सोचा बस एक रुपया हितो माँगा है पिताजी ने वो अपने दादाजी के पास जाता  है.

और उनसे एक रुपया ले आता है, अब उसके पिता शाम को जैसे ही घर आते है, वो उनको एक रुपया दे देता है, और उसके पिताजी उसे बोलते है, ये रुपया लो और इसे  बहार कुए में फेक दो लड़का बिना कुछ बोले जाता है.

और रुपया फेक के आजाता है, अब अगले दिन फिर पिताजी उसे बुलाते है, और वही सब बात बोलते है, जो कल कहा था. और आज भी वो लड़का अपनी मा से पैसे ले आता है, और शाम को पिताजी को दे देता है, और पिताजी उसे फेकने का बोलते और वो फेक देता था.

रोज यही चलता रहा पिताजी उसको रुपया कमाने का बोलते है, और वो घर के किसी सदस्य से लेके आ जाता है, अब एक दिन फिर  पिताजी लड़के को बुलाते है, और उसके साथ घर के हर सदस्य को भी बुलाते और सब के सामने उसे आज फिर एक रुपया कमाके लाने को बोलते है,पर आज सब  घर वालो कोभी बोला जाता है.

की आज इसे कोई पैसे नहीं देगा और ये कह कर पिताजी चले जाते है, आज भी लड़का पिताजी के जाने के बाद घर वालो से पैसे मांगता है, पर उसे कोई पैसे नहीं देते वो बहुत रोता गिरगिड़ाता है पर कोई भी आज उसे पैसे नहीं देता है, अब अंत में वो घर से निकल जाता है और वो सोचता है अब तो पैसे कमाके ही लाना पढ़ेंगे.

और अब वो बाजार में काम मांगने को घूम ने लगता है, पर उसे कोई काम नहीं मिलता वो दिन भर बहुत परेशान हो जाता है और बहुत रोता है.

फिर उसे अंत में एक काम मिलता है, उसे एक सेठ मिलता है, और उसे अपना सामान घर तक पोहचाने को बोलता है, और उसके बदले उसे एक रुपया देने को बोलता है लड़का राजी होजाता है, उसे तो बस पिता जी को एक रुपया कमा के देना था.

अब वो लड़का बोजा उठाके चलने लगता है, उसे बोजे को लेके बहुत दूर जाना होता है, रास्ते में उसको वजन  के मारे बहुत पसीना आरहा था, और उसे बहुत वजन भी लग रहा था.

उसे अपने घर वालो की अपनी माँ दादा – दादी अपनी दीदी की बहुत याद आरही थी और उसे बहुत रोना भी आरहा था.
और आखिर कार धीरे – धीरे कर के वो सेठ की जगा पर पहुंच जाता है, और सेठ उसके बदले में उसे एक रुपया देते है.

दोस्तों अब वो लड़का बढे गर्व के साथ एक रुपया लेके घर जाता है, और जैसे ही पिताजी घर आते है, वो उनको वो रुपया दे देता है और फिर उसके पिताजी उसे बोलते है जा येभी कुए में फेक के आजा लेकिन आज ये सुनके उसकी आखो में आँसू आजाते है, वो रोने लगता है, और वो बताता है.

की उसने ये रुपया कैसे कमाया है और आज पिता जी भी उसे शाबासी देते है, और बोलते है अब तुम्हे पैसे की कदर हो गई है, और उनकी युक्ति सफल होती है अब पिताजी उस लड़के को अपने साथ – साथ काम करवाने लगते है.

तो दोस्तों आप को ये पोस्ट “क्या आप जानते है एक रूपये की कीमत” केसी लगी please हमे बताये और मै आशा करता हु, की आप भी रूपये की सही कदर करेंगे और अपने बच्चो को सही ज्ञान देंगे Friends चाहे बच्चे हो या बड़े उनको किसी भी चीज की कीमत या वेल्यू तभी समझ आएगी जब वो उसका खुद ही अनुभव करेंगे जैसे की हमने इस कहानी के माध्यम से समझा है.

आप इस post से संबंधित अपने विचार हमे Comments के माध्यम से भेज सकते है, हमे आपके Comments का इंतजार रहेगा.

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