दूसरो की अच्छाई देखो

दूसरो की अच्छाई देखो – Friends आज के दौर में हम लोगो में ऐसी आदत पड़ती जारही है की हम किसी भी इंसान में या किसी भी वक्तु में उसकी बुराई बहुत जल्दी देखने लगते है, भलेही वो इंसान कितना भी अच्छा हो पर हम उसके अंदर कोई ना कोई बुराई निकाल ही लेते है, लोगो में बुराई निकालने की इतनी आदत हो चुकी है की कुछ लोगो से तो हम कभी मिले भी नहीं होते है पर फिर भी हम उनके अंदर खराबी निकालते रहते है. पर अब हम समझदार हो चुके है हमे ऐसी आदते छोड़ना चाहिए और खुद को अच्छा इंसना बनाना चाहिए.दूसरो की अच्छाई देखोमित्रो जीवन में हमे दुसरो की अच्छाई देखना चाहिए ना की बुराई चाहे वो कितना भी बुरा इंसान हो हमे उसकी अच्छाई ही देखना है, और दोस्तों यह केवल कोई इंसान ही नहीं हर वो चीज जो आप के आसपास है और हमे उसकी जरुरत पढ़ती है. उसमे भी हमे सिर्फ उसकी अच्छाई ही देखना है, नाकि उसकी बुराई मित्रो बुराई देखने से हमारे अंदर उस इंसान के प्रति गलत भावना आती  है, और हमारा मन भी खराब होता है.

और ऐसे लोग जो हमेशा हर किसी की बुराई ही निकालते रहते है, धीरे – धीरे वो खुद ही बुरे बन जाते है उनकी समाज में इज्जत भी ख़तम हो जाती है, और ऐसे लोग जो इंसान की बुराई नहीं देखते उनकी इज्जत होती है

और उनका कोई काम भी नहीं रुकता अगर हम घमंड में आके किसी से बात नहीं करे की उसकी कुछ आदत खराब है तो उसमे उसका कोई नुकसान नहीं होगा उल्टा हमारा ही नुकसान होगा हमारा काम नहीं होगा और ऐसे लोग जो सिर्फ दुसरो की अच्छाई ही देखते है, उनका काम कभी नहीं रुकता सब लोग उनके साथ खड़े रहते है.

दूसरो की अच्छाई देखो”

और जैसा मेने देखा है ये मेरा निजी अनुभव है की इन चीजों का ज्यादा प्रभाव इंसान के वर्कप्लेस पे पढता है वहा हम एक दूसरे की ज्यादा बुराइया देखते है, और एक दूसरे से घर्णा  रखते है, कोई किसी का सीनियर होता है तो उसमे कोई बुराई होती है, तो उसका जूनियर और बाकि लोग उसकी बुराई करते है, पर दोस्तों हमे इन सब चीजों से बचना चाहिए.

हमें अपने वर्कप्लेस पे किसी भी इंसान की या किसी वस्तु की आप बोल रहे होंगे की  वस्तु तो हा मानलो आप की Office में एक बस है वो बहोत पुरानी है, ख़राब हालत में  है, पर Friends फिर भी वो चल रही है सभी को बिठाके लाती ले जाती है

और फिर भी लोग उसकी बुराइया निकालते है, उसके बारेमे गलत बोलते है, तो हमें ऐसा नहीं करना है, हमे उस के बारे में अच्छी सोच रखना है, और यह मेने एक बस का उदाहरण लिया यह कुछ भी चीज हो सकती है, जो हमारे काम में भी आती है और हम उसकी  बुराई भी करते है, चाहे किसी Office में काम करो या कही और हमें हर इंसान का सम्मान करना चाहिए नाकि उसकी बुराइया Negativity को देखना है.

हमे जीवन में हर इंसान से काम पढता है अगर हमारा व्यवहार उनके प्रति अच्छा रहेगा तो वो भी हमारे काम आएंगे और अगर हम उनकी बुराइया निकालेगे तो कोई हमारी मदत नहीं करेगा और दोस्तों केवल हमे वर्कप्लेस पे ही नहीं हमारे घर महोल्ले हमारे आस – पास के लोगो के साथ भी ऐसा ही व्यवहार करना चाहिए ना की उनकी खराबी देखे में भी गांव का रहने वाला हु, और गांव में ये कल्चर है की शाम को सब लोग मंदिर या कही दुकान पे इकट्ठा हो के बैठते है.

और बाते करते है, तो दोस्तों ऐसे में मेने देखा ऐसी जगह पे नेगेटिव बाते बहुत होती है लोग दुसरो की बुराइया ज्यादा करते है, की उसने ऐसा किया उसने ऐसा  और बुराई ना करने वाले लोग कम ही रहते है, तो Friends हम शाम को जब दोस्त इकट्ठा होते है, और होना भी चाहिए ये अच्छी बात है इससे इंसान का टेंशन कम होता है और कई जानकारिया भी मिलती है, पर कहने का मतलब ये है.

मेरा की हमें ऐसी जगहों पे केवल अच्छी बाते ही करना चाहिए नाकि किसी की बुराई करे अच्छी बाते करेंगे और दुसरो की तारीफ करेंगे तो सब को अच्छा लगेगा और सब ज्ञान की बाते होना चाहिए, और हम बुराइया ही करेंगे तो लोग भी सोचेंगे की ये लोग यहा  खड़े होके बस दुसरो की बुराई ही करते है.

तो दोस्तों आप कही भी रहो घर में या गांव में या मोहल्ले में हमें अपनी ये आदत सुधारना होगी भलेही  उस इंसान में कितनी भी खराबी क्यों ना हो, पर हमे उसकी अच्छाइया ढूंढ़ना चाहिए मेने देखा लोग बाहर की तो दूर की बात अपने घर में भी ये आदत नहीं छोड़ते रिश्ते बहुत नाजुक डोर से बंधे होते है, ये थोड़ी भी ढील देने से टूट जाते है, हमें इन को मजबूत रखना है, की कोई बाहर वाला भी आके हमारा परिवार नहीं बिखेर सके इस लिए हमे किसी की भी बुराई नहीं देखना है.

कुछ लोग तो अपने घर में अपने भाइयो – बहनो और यहा तक की अपने पिता किभी बुराई करते है, मगर हमें एक जगह ही रहना है. तो हमे ये चीजे छोड़ना होगी कुछ लोग तो अपनी पत्नी तक कोभी नहीं छोड़ते पर में यहा आपसे कहना चाहुगा की आप इन छोटी – छोटी चीजों की वजह से अपने परिवार और अपने रिश्तो को नहीं बिखरने दे और अगर किसी सदस्य में कुछ बुराई हे भी तो उसे बात कर के सुलझाए बात बिगाड़ ने से और बिगड़ती है नाकि सुधरती है.

तो इस दुनिया में कई ऐसी चीजे है, जो बहुत अच्छी है, पर हमें उनको समझने में थोड़ा समय लग जाता है इसी लिए  हम उनके प्रति गलत सोच बना लेते है, दुनिया में कोई भी चीज होया कोई इंसान सब में उसकी अपनी विशेषता होती है आप को बस उसकी विशेषता को  ही देखना है. उसकी अच्छाई को देखना है ना की उसकी बुराई को और दोस्तों इसके साथ ही हमे उनके उनकी अच्छी चीजों को सीखना है.

आपने जीवन में किसी के प्रति द्वेष या बेर की भावना ना रखे बस लोगो से सीखते चले और आगे बढ़ते चले और यही चीज ही हमे दुसरो की नजरो में अच्छा और इज्जत दार इंसान बनायेगी नहीं तो लोग हमारी भी पीठ पीछे बुराई ही करेंगे याद रखिये आप जो करेंगे आप के साथ वैसा होने वाला है.

इस लिए जीवन में अच्छे से रहे और अपने काम से काम रखे और किसी की भी बुराइयों को खराबियों नहीं देखे बस दुसरो की अच्छाइयों को देखे और उनकी विशेषताओं को देखे और उनसे अच्छी – अच्छी बाते ग्रहण करे.

तो दोस्तों आपको ये पोस्ट “दूसरो की अच्छाई देखो” केसी लगी pliz हमें बताये और में आशा करता हु, की अब आप भी दुसरो की केवल अच्छाई ही देखेंगे, उनकी खराबी या बुराई नहीं और आप इस पोस्ट से संबन्धी हमे कोई सुझाव देना चाहते है तो आप हमें अपने Comments के द्वारा भेज सकते है.

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