आप क्यों सोचते है परिणाम Result के बारे में

आप क्यों सोचते है परिणाम Result के बारे में – दोस्तों इंसान हमेशा अपने जीवन में काम करता है, पर उसके मन में एक बात की टेंशन हमेशा बनी रहती है. की इसका परिणाम या फैसला क्या होगा. तो में आपको आज की post में परिणाम Result के बारे में ही बताने वाला हु, की हमे परिणाम के बारे में सोचना चाहिए या नहीं.आप क्यों सोचते है परिणाम Result के बारे मेंFriends पहले तो मै आपको एक बात बताता हु, यह थोड़ी धार्मिक है और कुछ लोग ऐसे भी है की धार्मिक बाते नहीं मानते पर फिर भी बताता हु, की कहते है – की इंसान को भगवान ने इस दुनिया में सिर्फ कर्म करने के लिए ही भेजा है. और हर कर्म का हिसाब भगवान अपने खाते में लिखते है. और सब को समय – समय पर उनका फैसला मिलता रहता है अपने कर्मो के आधार पर.

पर फिर भी इंसान को अपनी चिंता रहती है. की मै ये काम कर रहा हु, तो क्या मालूम इसका निर्णय क्या होगा मतलब इसमें आगे जाकर मेरा फायदा होगा भी या नहीं होगा. उसको तरह – तरह की टेंशन होती रहती है. और वो आज में जीने के बजाय कल की सोचता रहता है.

दोस्तों कुछ लोग तो दुनिया में ऐसे भी होते है, जो निःस्वार्थ और परिणाम की चिन्ता करे बगैर अपना काम करते रहते है. और कुछ लोग ऐसे भी होते है जो, जो भी काम करते है उनमे उनको उसके Result की चिन्ता होती है. की इसमें मेरा फायदा होगा या नहीं बस यही बात दिनभर सोचते विचारते रहते है.

जैसे किसी इंसान ने कोई Business  start किया और उसे करते – करते  2 – 3  महीने ही हुए लेकिन उसके मन में यह चिन्ता सताने लगती है. की मेने इसे start किया है इसमें इतने पैसे लगाए है, तो आगे जाकर क्या निष्कर्ष निकलेगा. मेरा कुछ फायदा होगा या नहीं. मतलब वो अपने काम पर ध्यान लगाने के बजाय उसके परिणाम की चिन्ता करने लगता है.

तो जैसा मैने आपको पहले भी बताया की हमे केवल अपने काम में ध्यान लगाना है उसका परिणाम या Result देने का काम भगवान का होता है.

की उसे कितना सफल बनाना है, ये हमारे हाथ में नहीं है, उस काम को सफलता की और लेजाना ये हमारे हाथ में है, मेहनत करना हमारे हाथ में है. जो लोग job करते है वो भी यही सोचते है की मैने अभी तो job  start  ही करी है.

और जाने मेरा कब अच्छा होगा कब मेरी सेलरी बढ़ेगी कब मेरा increment  या promotion  होगा. और इसी बात की टेंशन लेता रहता है. और परिणाम या फैसले के बारे में सोचता रहता है.

और जो इंसान अपनी job  में नया – नया लगता है. वो वहा पर काम सिखने के बजाय तरक्की के बारे में सोचने लगे तो यह तो सही नहीं है. पहले आप अपने आप को काबिल बनालो कामयाबी खुद झक मारके आएगी. आप अगर उस काम में माहिर हो जायेगे लोग आपको आपके घर बुलाने आएंगे. आप को अच्छा Experience  हो जायेगा तो कामयाबी तो मिलना ही है.

वो कही नहीं जाने वाली और कुछ लोग तो इतने अजीब होते है – की वो किसी से दोस्ती भी करते है तो उसमे अपना फायदा ही देखते है की अगर मै इससे दोस्ती करता हु, तो कुछ समय बाद क्या इसका क्या Result होगा मतलब इसमें मेरा क्या फायदा होगा. तो हमे ऐसे नहीं करना चाहिए.

आप क्यों सोचते है परिणाम Result के बारे में”

हमे बिना स्वार्थ के ही लोगो से दोस्ती करना चाहिए. उसके परिणाम की सोचे बिना क्योकि परिणाम  देना या ना देना प्रभु के हाथ में है ना की हमारे हाथ में इस लिए हमे अपना कर्म करते चलना है. उसका परिणाम या Result आए जो आए. और आपने देखा होगा कोई बच्चा अपनी पढ़ाई पूरी कर कोई job ढूंढ़ने जाता है, तो वो किसी interview  के लिए जाता है.

पर मैने देखा की interview  देने के पहले ही उसके मन मै यह चिन्ता होने लगती है, की क्या मालूम क्या होगा मुझे job मिलेगी या नहीं. और कभी – कभी इसी चिन्ता में लोग अपना interview  अच्छा नहीं दे पाते और Reject भी हो जाते है.

पर मेरा तो आपसे यही कहना है की job लगना या ना लगना ये तो बात की बात है, पर हमे पहले उस Interview के बारे में सोचना चाहिए की वो केसा जाना चाहिए. और अगर हमने उसकी तैयारी अच्छी की होगी तो हमारा परिणाम भी अच्छा आएगा.

लेकिन बिना तैयारी के अगर हम interview  में पास होने की सोंचेगे तो हमारा परिणाम भी अच्छा नहीं आएगा और हम फेल भी हो सकते  है. इसलिए हमे पहले मेहनत करने पर ध्यान देना है, ना की उसके परिणाम पर और जो इंसान पहले मेहनत पर ध्यान देता है तो सफलता को भी वही पाता है.

दोस्तों जैसे आप एक Cricket  Match  देखते हो की उसमे दोनों टीम खेलती है और उन दोनों के खिलाड़ी भी बिना परिणाम की चिन्ता करे Match खेलते है. वो पहले से नहीं सोचते की हार होगी या जीत बस अपना Performance देने की सोचते है. और दोनों ही टीमों के खिलाडी जी तोड़ मेहनत करते है. Match को जितने के लिए.

पर अन्त में जो सब से अच्छा होगा वो ही Match जीत जायेगा. मगर किसी भी टीम के खिलाडी पहले से यह सोचले की हम Match में जीतेंगे या नहीं और पहले ही हार मान लेते है तो हमारा हारना तो निश्चित है.

पर रियल Life में हमे कोई Match नहीं  खेलना है. हमे अपने कर्म रूपी Match खेलते जाना है और बिना उसके परिणाम की चिन्ता करे. आगे बढ़ते जाना है

Friends अभी आप भी कोई काम कर रहे होंगे या कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे होंगे तो मेरा आपसे यह कहना है, की आप पहले सिर्फ अपने काम पर ही अपना सम्पूर्ण ध्यान केंद्रित करे उसका फैसला भगवान के हाथ छोड़ दे आप सिर्फ अपनी कड़ी मेहनत करते चलो और आपकी आज की मेहनत कल का सुख लेके आएगी.

तो दोस्तों आपको यह post  ” आप क्यों सोचते है परिणाम Result के बारे में ” कैसी लगी please  हमे बताये और मै समझता हु, की अब से आप भी जो काम करेंगे उसमे उसके परिणाम या फैसले के बारे में नहीं सोचेंगे. और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन हमेशा करते चलेंगे. और हार या जीत होना ये हमारे हाथ में नहीं है. परिणाम देना भगवान के हाथ में है .

और दोस्तों आप हमे इस post से related अपने सुझाव हमे Comments के माध्यम से बता सकते है हमे आपके Comments का इंतजार रहेगा.

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