हमारी सोच ही हमारी जिंदगी बदलती है

हमारी सोच ही हमारी जिंदगी बदलती है – दोस्तों हम जैसा सोचते है वैसा ही बनते है, अगर हम निगेटिव सोचेंगे तोनिगेटिव ही बनेगे और अगर हम पॉजिटिव सोचेंगे तो हम पॉजिटिव बनेगे और हमारा जीवन भी हमारी सोच के आधार पर ही बदलता रहता है, इंसान अपने बचपन से ही अपने जीवन के बारे में सोचता है की वो बढ़ा होके क्या बनेगा और वैसा वो काम करता है.हमारी सोच ही हमारी जिंदगी बदलती हैइस दुनिया में हर इंसान अच्छे और बुरे दौर से गुजरता है, और कोई सफल होके आगे बढ़ता है तो कोई आगे प्रयास नहीं करता हम अपनी सोच के द्वारा ही अपना काम पूरा होगा की नहीं ये पता करते है.

और में आप को बताऊ की हम कितना positive सोचते है, ये उसपे डिपेंड करता है, मानलो हमें कोई रास्ता पैदल पार करना है तो हमें अपनी सोच को वैसी ही डायवर्ड करनी होगी नहीं तो अगर हम पहले से ही डर जाये  और चलना ही छोड़ दे तो क्या हम रास्ता पार कर पाएंगे नहीं कर पाएंगे दोस्तों एक बच्चा भी अपनी लाइफ में पढाई करता है पर वो पास होने के लिए अपनी सोच किसी रखता है.

वो उसपे Depend करता है उसे मन से पावरफुल होना पढता है, और कोई पढाई का नहीं सोचता आगे की प्लानिंग करके नहीं चलता तो उसे परिणाम भी वैसाही मिलता है, दोस्तों केवल बच्चो की सोच से ही  मतलब नहीं है हर इंसान अपने काम में कितना Success होगा वो उसकी सोच पर ही निर्भर करता है.

आप जिन भी Success लोगो को देखोगे या उनके बारे में पढोगे तो उनमे भी यही चीज मिलेगी तो इसी प्रकार हमारी सोच ही हमारी जिंदगी बदलती है, हम हमारे जीवन में कितने आगे बढ़ेंगे कोनसा काम करेंगे ये से सब हमारी सोच पर ही निर्भर है.

इसलिए मित्रो मेरा आपसे यही कहना है, की सदा अच्छा और सकारात्मक सोचे की सब अच्छा होगा तो अच्छा ही होता है, मानलो आपकी किसी ऐसे इंसान से लड़ाई हो जाये जो आपसे ज्यादा शक्तिशाली है, और यदि आप उससे लड़ने से पहले ही सोचले की मै इससे नहीं जित पाउँगा तो आप उससे कभी नहीं जित पाएंगे, मगर आप पुरे दृढ़ निश्चय के साथ यह सोचे की मै इसको जरूर हरा सकता तब आप आधी लड़ाई तो वैसे ही जित जाते है, इसलिए हमेशा अपनी सकारात्मक सोच रखे.

हमारी सोच ही हमारी जिंदगी बदलती है”

दोस्तों सोच कैसे जीवन बदलती है, उसके ऊपर में आप के सामने एक कहानी रखने जारहा हु, जो आप को जरूर पसंद आएगी.

एक बार एक वैज्ञानिक एक टेस्ट करके देखता है, वो एक बड़े से तालाब में जाता है और तालाब के बीचो बिच  एक बढ़ा सा शीशा लगवा देता है, अब उस शीशे के एक और छोटी – छोटी मछलिया डलवाता है, और दूसरी और शार्क को छोड़ा जाता है.
तो अब जिस तरफ शार्क है

उस तरफ वो मछलियों के लिए खाने को  दाने डलवाता है, तो जैसे ही मछलिया उनके लिए भोजन देखके आगे बढ़ती है, और उसी वक्त शार्क भी मछलियों को खाने के लिए आगे बढ़ती है, और दोस्तों जैसाकि वहा बिच में शीशा लगा होता है, तो मछलिया और शार्क शीशे से  टकरा जाते  है, और वापिस पीछे चले जाते है.

तो अब ये प्रक्रिया बार – बार होती थी, जब भी मछलियों का खाना डाला जाता है शार्क मछलिया खाने जाती थी और फिर सब काच (शीशे) से टकरा जाते थे, और जैसे – जैसे समय बिता तो अब उस वैज्ञानिक ने तालाब के बिच का शीशा हटवा दिया

और फिर उसने मछलियों का खाना डाला तो उस वैज्ञानिक ने क्या देखा अब नतो मछलिया दाना खाने आगे आती थी  नहीं शार्क मछलियों को खाने तो ऐसा क्या हुवा की शीशा हटाने के बाद भी अब उन्होंने आगे बढ़ना बंद कर दिया क्यों की उन के मन में ऐसी ही सोच बन चुकी थी.

की आगे जायेगे तो शीशे से टकरा जायेगे तो दोस्तों देखा आप ने किस प्रकार हमारी सोच ही हमारी जिंदगी बदलती है और जैसे हम मन में सोचते है वैसा ही होता है कभी – कभी हम भी शार्क की तरह ही मन बना लेते है, और आगे बढ़ने की नहीं सोचते हमें हमारी सोच सकारात्मक रखना है और जीवन में आगे बढ़ना है.

तो दोस्तों आप कोये पोस्ट “हमारी सोच ही हमारी जिंदगी बदलती है” केसी लगी प्लीज़ हमें बताये और अपनी सोच को सकारात्मक बनाये अपने मन ने कभी नकारात्मक विचार ना लाये आप किसी काम को करने जाये और यदि वह कठिन भी हो तब भी आप यही सोचे की मै इसे बहुत आसानी से कर दूंगा तो आप उससे जरूर आसानी से कर पाएंगे कभी किसी चीज से डरे नहीं और हमेशा जीवन में आगे बढ़ने वाली सोच रखे किसी भी व्यक्ति के लिए अपने मन में गलत विचार ना लाये.

आप इस लेख से संबंधी अपने विचार हमे Comments के माध्यम से भेज सकते है.

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