सफलता का रहस्य क्या है

सफलता का रहस्य क्या है – दोस्तों आज के दौर में हर इंसान अपने जीवन में सफलता पाना चाहता है सब लोग यह चाहते है की मै मेरे जीवन में कुछ करके जाऊ दुनिया में अपना नाम कमाकर जाऊ और कई लोग अपना यह सपना पूरा कर पाते है और कुछ नहीं कर पाते मेरे हिसाब से अगर देखा जाये तो सफलता पाने का कोई रहस्य नहीं होता सिवाय स्वयं की कड़ी मेहनत और परिश्रम की शक्ति से हम अपने काम को यदि महत्व देते है, उसे अच्छे से ध्यान से करते है तो उसमे हमे सफलता मिलना निश्चित है.सफलता का रहस्य क्या हैकई लोग ऐसा सोचते है की जीवन में कोई चमत्कार हो जाये और मेरी जिंदगी बदल जाये में भी पैसे वाला और Success बन जाऊ और हर इंसान यही सोचता है, मै भी पहले ऐसा ही सोचता था. की कहि से कुछ जादू हो और मेरा जीवन बदल जाये पर दोस्तों ऐसा कुछ होता नहीं है

जब तक हम अपने काम में मन नहीं लगाएंगे उसमे Focus नहीं रखेंगे तब तक हमे किसी भी प्रकार की कोई सफलता नहीं मिलेगी इस लिए यदि आपको सही मायने में सफलता का रहस्य जानना है तो आपको अपने काम पर ध्यान देना होगा और उसे अच्छे से करना होगा और यदि आप उसे अच्छे से करेंगे तो आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता.

पर मित्रो मै यहा एक बात स्पष्ट कर दू की इंसान के जीवन में सफलता पाने का तरीका भिन्न – भिन्न हो सकता है, याने किसी इंसान को किस तरह Success मिली और किसी दूसरे को और किसी तरिके से याने यदि में किसी सफल व्यक्ति से जाकर उसकी Success का रहस्य पुछु और वो शायद बता भी दे तो उसकी सफलता का तरीका मुझ पर भी लागु हो यह पक्का नहीं है आपको अपनी सफलता अपने तरिके से हासिल करना होगी.

अब में आपको इस लेख में एक कहानी बताने जारहा हु, जिससे आपको सफलता का रहस्य उसका तरीका पता चलेगा.

सफलता का रहस्य क्या है”

दोस्तों एक बार एक नौजवान लड़के ने गुरूजी से पूछा की गुरूजी सफलता का रहस्य  क्या है? गुरूजी ने उस लड़के से कहा की तुम कल सुबहे मुझे नदी के किनारे मिलो तो उसी प्रकार अगले दिन सुबह वो लड़का गुरूजी से मिलने नदी  के किनारे पहुंच जाता है

फिर गुरूजी ने उस लड़के को नदी की तरफ आगे बढ़ने को कहा, और अब आगे बढ़ते – बढ़ते पानी गले तक पहुंच गया, तभी अचानक गुरूजी ने उस लड़के का सर पकड़ के पानी में डुबो दिया.

लड़का बाहर निकलने के लिए संघर्ष करने लगा, लेकिन गुरूजी ताकतवर थे. उसे तबतक डुबोते रहे जब तक की वो नीला नहीं पढ़ने लगा, फिर गुरूजी ने उसका सर पानी से बाहर निकाल दिया.

और बाहर निकलते ही जो चीज उस लड़के ने सबसे पहले की  वो थी  हाँपते – हाँपते तेजी से सास लेना गुरूजी ने पूछा – जब तुम वहा थे, तो तुम सबसे ज्यादा क्या चाहते थे?

लड़के नई उत्तर दिया “सास लेना” गुरूजी ने कहा बेटा यही सफलता का रहस्य है, जब तुम सफलता को उतनी ही बुरी तरीके से चाहोगे जितना तुम सास लेना चाहते थे. तो वो तुम है मिल जाएगी इसके आलावा और कोई रहस्य नहीं है.

तो दोस्तों देखा आपने क्या होता है सफलता का रहस्य हमें भी इस कहानी के अनुसार ही अपने किसी काम में सफल होना है मतलब जान कैसे निकलती है तो हम कितना घबराते है और अपने आप को बचाने की केसी कोशिश करते है, और फिर हम सफल भी होते है.

याने मित्रो यदि हमने कोई काम शुरू किया है, तो किसी काम को सिर्फ शुरू करना भर सफलता या सफल होना नहीं है, हम उसे कितना आगे लेजा सकते उसमे कितने सफल हो सकते है, यह मायने रखता है, और उस काम को आगे लेजाने का जज़्बा ही इंसान को सफलता दिलाता है.

तो दोस्तों आप को आज की पोस्ट “सफलता का रहस्य क्या है” केसी लगी हमें बताये और में आशा करता हु, की आप भी जीवन में सफल होवेंगे और हर वह काम बड़ी निष्ठा और संकल्प के साथ ररते रहोगे जबतक आपको उसमे Success न मिल जाये जैसे लड़के की जान जाती रहती है, तो वो अपनी पूरी ताकत लगाकर खुद को बचाता है, उसी तरह हमे भी अपनी पूरी ताकत लगाकर सफलता हासिल करना है.

आप इस लेख से संबंधित अपने विचार हमे जरूर भेजे.

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.