जीवन में घमंड ना करे

जीवन में घमंड ना करे – कोई अगर आपसे पूछे की आखिर घमंड क्या होता है, तो उसे क्या जवाब देंगे या आपके हिसाब से अहंकार की परिभाषा क्या होगी, घमंड वह है जो कोई इंसान अपने आप पर या अपनी किसी वस्तु या गुण के ऊपर करता है, याने आपके किसी गुण पर किये जाने वाले रोब को ही घमंड कहा जाता है. तो आज हम इस post में घमंड, अभिमान के बारे में जानेंगे.जीवन में घमंड ना करेदोस्तों आज के इस चका – चॉँद भरे संसार में हर आदमी या हर इंसान अपनी मस्ती में मस्त रहता है, आज का इंसान बस अपने बारे मेही सोचता है, दोस्तों आज का इंसान बहुत घमंडी होगया है. किसी के पास अगर कुछ रूपये पैसे आजाये तो उसे उसका अहंकार होजाता है, और किसी के पास किसी हुनर का बड़ापन होता है , Friends कहने का मतलब मेरा ये है कि इस दुनिया में इंसान के पास जो चीज है उसे उसका घमंड होता है.

दोस्तों इंसान को जीवन में किसी भी चीज का घमंड नहीं करना चाहिए भगवान ने हर इंसान को अलग अलग चीजों से नवाजा है सब को अलग अलग हुनर दिया है, हमारे पास जोभी हुनर है हमें उसका अहंकार नहीं  करना चाहिए इस दुनिया में कोई अच्छा गाता है तो कोई अच्छा नाचता है तो कोई अच्छा खेलता है.

जीवन में घमंड ना करे”

तो मित्रो कोई पैसे वाला होता है, तो किसी के पास कोई और हुनर होता है, याने हमारे में जोभी हुनर है हमे उसे लोगो में बाटना चाहिए में यूभी नहीं कह रहा की आप के पास पैसे है तो आप पैसे बाट दे नहीं दोस्तों पेसो को ऐसी जगह पे लगाए की जिससे किसी का फायदा  हो किसी को आप के द्वारा कमाने का अवसर मिले और अगर आप अच्छा गाते है.

तो अपने गानो अपनी आवाज के द्वारा लोगो का भला करे उनके कुछ काम आये और हर प्रकार के हुनर को आगे बढ़ाये अगर हम किसी ऑफिस में जॉब करते है तो जैसे वहा पे कोई इंसान ऐसा होता है की उसे सभी काम का नॉलेज होता है, और वो अगर उसका घमंड करता है तो दोस्तों ऐसा नहीं करना चाहिए उसे सब के साथ मिलके काम करना चाहिए घमंड नहीं करना चाहिए.

दोस्तों जीवन में किसी प्रकार का गुमान ना करे आज में उसके ऊपर आप के लिए  एक छोटी सी कहानी लाया हु, आप को जरूर पसंद आएगी हंसो का एक झुण्ड समुद्र  तट के ऊपर से गुजर रहा था, उसी जगह एक कोवा भी मौज मस्ती कर रहा था.

उसने  हंसो को उपेक्षा भरी नजरो से देखा ” तुम लोग कितनी अच्छी उड़ान भर लेते हो”
कोवा मजाक के लहजे में बोला तुम लोग और कर भी क्या सकते हो, बस अपना पंख फड़ – फड़ाके उड़ान भर सकते हो, क्या तुम मेरी तरह फुर्ती से उड़ सकते हो ? मेरी तरह हवा में कलाबाजिया दिखा सकते हो?नहीं तुम तो ठीक से जानते भी नहीं की उड़ना किसे कहते है.
कोए की बात सुनके एक वृद्ध हंस बोला की ये बहुत अच्छी बात है की तुम ये सब कर लेते हो लेकिन तुम्हे इस बात का अभिमान नहीं करना चाहिए.

में घमंड – वमंद नहीं जनता अगर तुम मेसे कोई भी मेरा मुकाबला कर सकते होतो सामने आये और मझे हरा कर दिखाए तभी एक युवा हंस ने कौवे की चुनौती स्वीकार कर ली, तय यह हुवा की प्रतियोगिता दो चरणों में होगी, पहले चरण में कोवा अपने करतब दिखायेगा और हंस कोभी वही करके दिखाना होगा.

और दूसरे चरण में कोए को हंस के करतब दोहराने होंगे – प्रतियोगिता शुरू हुई पहले चरण की शुरुआत कोए ने की और एक से बढ़कर एक करतब दिखाने लगा, वह कभी गोल – गोल चक्कर खाता तो कभी जमीन छूटे हुए ऊपर उड़ जाता, वही हंस उसके मुकाबले कुछ खास नहीं कर पाया.

कोवा अब और भी बढ़ – चढ़ के बोलने लगा, मेतो पहले ही कह रहा था की तुम लोगो को और कुछ नहीं आता ही ही ही……….
फिर दूसरा चरण शुरू हुवा, हंस ने उड़ान भरी और समंदर की और उड़ने लगा, कोवा भी उसके पीछे हो लिया
कोवा बोला ये कौन सा कमाल दिखा रहे हो सीधे – सीधे उड़ना भी भला कोई चुनौती है सच में तुम मुर्ख हो पर  हंस ने कोई जवाब  नहीं दिया और चुप चाप  उड़ते  रहा  धीरे – धीरे वो जमीन से बहुत दूर होते गए और कोये का बढ़बढ़ाना भी कम होते गया, और कुछ देर में बिलकुल ही बंद होगया.

कोवा अब बुरी तरह थक चका था, इतना की उसको अब अपने आप को हवा में रोकपाना भी मुश्किल था. और वो बार – बार पानी के करीब पहुंच जारहा था. हंस कोये की स्थिति समझ चूका था, पर अनजान बनते हुए कहा – तुम बार – बार पानी क्यों छू रहे हो, क्या ये भी तुम्हारा कोई करतब है क्या ? नहीं – कोवा बोला मुझे माफ़ करदो, में बिलकुल थक चूका हु, और यदि तुमने मेरी मदद नहीं कितो में यही दम तोड़ दुगा मुझे बचालो में कभी घमंड नहीं दिखाऊगा.

हंस को कौवे पर दया आगयी की चलो अब कोवा सबक तो सिख ही चूका है इसकी जान बचाई जाये और हंस कौवे को अपनी पीठ पे बिठा के निचे ले आता है.

तो दोस्तों हम भी हमारे जीवन में कभी – कभी कौवे जैसा काम करने लगते है, मेने देखा है इंसान अपने थोड़े से गुण की वजह से लोगो के अंदर अपना रोब जमाने लगता है, लोगो को थोड़ी – थोड़ी चीजों का अहंकार हो जाता है और अहंकार वश वो किसी को नहीं देखते पर मित्रो दुनिया का यह भी बहुत बढ़ा सत्य है की हर शेर बका सवाशेर जरूर आता है याने आपके पास एक करोड़ है तो कोई सो करोड़ वाला भी होगा.

इस लिए आप कभी अपनी किसी चीज का अहंकार उसका घमंड न करे किसी पर बे मतलब का रोब न जमाये हमे हमेशा ऊपर और निचे दोनों तरह देखना चाहिए तभी हम एक अच्छा इंसना बन सकते है. तो दोस्तों हमें कोवा नहीं हंस जैसा काम करना है और हंस गुणवान होने के साथ – साथ दयावान भी था इसलिए हमे भी अपने अंदर ओरो के लिए दया के भाव रखना है ताकि हमारी वजह से किसी को कोई दुःख न हो. इसलिए हमें जीवन में कभी घमंड नहीं करना है.

तो Friends आपको यह post “जीवन में घमंड ना करे” कैसी लगी कृपया हमे जरूर बताये और इस post में मैने आपको जो भी बात समझाने की कोशिश करी है, आशा करता हु, आप उसे जरूर समझेंगे और अपने जीवन में धारण करेंगे.

आप इस post से संबंधित अपने विचार हमे Comments के माध्यम से भेज सकते है.

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