रिश्तो की डोर मजबूत होनी चाहिए

रिश्तो की डोर मजबूत होनी चाहिए – दोस्तों आज ये post में आपके लिए Thoughtking पर लाया हु , जो आपको बहुत पसंद आएगी.

रिश्तो की डोर मजबूत होनी चाहिए

 

तो दोस्तों जैसा हमारी आज की post का नाम है ,”रिश्तो की डोर मजबूत होनी चाहिए” , आज हम ये post मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने के अवसर पर लिख रहे है, जैसे हम एक पतंग की डोर थामे रखते है, उसे मजबूत रखते है, की अपनी पतंग कटे नहीं . और समय – समय पर हम उसमे ढील भी देते रहते है. इसी प्रकार हमारी जिंदगी में भी रिश्तो रूपी पतंग की डोर होती  है जिसे हमे मजबूती से थामना है.

 

दोस्तों कहते है , की पतंग की डोर की तरह ही रिश्ते भी होते हे , फिर वो चाहे मायके – ससुराल के रिश्ते हो या दोस्ती के हो , या अपने सहकर्मी के हो. और दोस्तों वो सभी एक अनदेखी डोर से बंधे होते है. और यह डोर होती है, समझ और सामंजस्य की आपसी तालमेल की जो बहुत कुछ बांधे रखती है. और दोस्तों रिश्तो की यह डोर सुलझी रहे तो सहजता बनी रहती है . और उलझ जाये तो सभी रिश्तो को कमजोर कर देती है.

 

रिश्तो की डोर मजबूत होनी चाहिए

 

और आपस में दुरिया भड़ा देती है , और कभी – कभी तो उस रिश्ते को हमसे काटकर हमेशा के लिए अलग भी कर देती है. इसलिए जरूरी है की हम समय रहते समझे और और इस स्नेह की डोर को उलझ ने ना दे , दोस्तों रिश्तो की डोरको थामना और छोड़ना सब हमारे ही हाथो में होता है, हमे  ये समझना होगा की हम अपनी डोर को कैसे थामे रखते है, हमे ये देखना है की क्या हमारी डोर कमजोर तो नहीं हो रही है.

 

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या उसको और मजबूती की जरूरत तो नहीं है , और हम ये समझ के उसको समय – समय पर मजबूती देते रहेंगे तो हमारी रिश्तो की डोर कभी नहीं टूटेगी. और दोस्तों आप जानते हो की रिश्तो की डोर को मजबूती कैसे देना है, रिश्तो की डोर को मजबूती  प्यार से आपसी विश्वास से आपसी तालमेल से देते है, और हमे इन चीजों की कमी हमारे रिश्तो में नहीं होने देना चाहिए , जिससे हमारी डोर मजबूत बनी रहे .

 

 

और दोस्तों रिश्तो की डोर में ढील देना भी जरूरी है –

 

आमतौर पर हम जिनसे जुड़ते है, उन्हें बांधना चाहते है. एक हक का भाव चाहे अनचाहे उस रिश्ते में जुड़ ही जाता है. जो कभी – कभी बेढी  बन जाता है, इसलिए जरूरी है की हम हर रिश्ते में ठीक – ठाक स्पेस मेंटेन करने की कोशिश करे .

 

ब्लेस्ड कम्युनिकेशन रखते हुए , रिश्ते में भील भी दे , जिससे हमारा रिश्ता मजबूत बना रहे, ठीक पतंग की डोर की तरह ताकि वो अपने आसमान में उड़े , खुलकर जिए , और आपसे बंधे भी रहे . दोस्तों स्नेह और प्यार की डोर का बंधन जोर – जबरदस्ती और हावी होने से नहीं टिक सकता , इन्हे प्यार और भरोसे से  बांधे. रिश्तो को स्ट्रेस फ्री रखना है, तो पतंग की डोर सी ढील तो देनी ही होगी. ताकी आपके अपने जिन्दादिली से अपने – अपने आसमान में उड़ सके.

 

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इसलिए हमे रिश्तो में ढील देना बहुत जरूरी है, पर कुछ लोग ढील की वजह से भी अपने रिश्ते खराब कर लेते है , या बिगाड़ लेते है.  दोस्तों जो समझदार इंसान होते है, उनको पता होता है की , रिश्तो को बनाये रखने के लिए ढील देना बहुत आवश्यक है , इसलिए उन्हें कभी – कभी कड़क स्वभाव दिखाना पढ़ता है. इसलिए दोस्तों जीवन में “रिश्तो की डोर मजबूत होनी चाहिए”.

 

तो दोस्तों आपको ये post “रिश्तो की डोर मजबूत होनी चाहिए” केसी लगी pliz हमे बताये और में आशा करता हु, की आप अपने रिश्तो की डोर को मजबूत करेंगे , और इसके साथ समय – समय पर उसमे ढील भी देते रहेंगे. और आप इस post से related अपने सुझाव हमे comments के माध्यम से बता सकते है. हमे आपके Comments का इंतजार रहेगा .

 

धन्यवाद

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