पर्यावरण को खराब करने में इंसान का योगदान

 

पर्यावरण को खराब करने में इंसान का योगदान  –  आज  सम्पूर्ण  विश्व  में  पर्यावरण  बहुत  तेजी  से  बिगड़ता  जारहा  है  और  पर्यावरण  के  खराब  होने  के  दुष्परिणाम  सम्पूर्ण  मानव  जाती  को  भुगतनी  पड़  रही  है . आज  हम  देखते  है  दुनिया  में  इतनी  भीषण  गर्मी  बढ़ती  जारही  है  की  इसमें  मानव  का  जीना  मुश्किल  होता  जारहा  है  . और  केवल  एक  ही  मौसम  नहीं  हर  मौसम  पहले  की तुलना  में  खराब  होता  जारहा  है  . तो  आज  हम  इस  post में  देखेंगे  की  इंसान  ने  किस  तरह  पर्यावरण  को  खराब  किया  है  उसे  बिगाड़ा  है .

 

दोस्तों  सब  से  पहले  तो  हम  यह  समझे  की  पर्यावरण  होता  क्या  है  पर्यावरण  वह  होता  है  की  हमे  हमेशा  शुद्ध  और  ताजा हवा  मिले  जिससे हम हमेशा ताजा साँस ले सके चारो  तरफ  पेड़ – पौधे  लगेहो  नदियों  में  पानी  बहता  हो  और  मानव  प्रजाति और हर जिव – जंतु  भी  बिना  किसी  बीमारी  के  जीवन  बिताये . तो  आज  यह  पर्यावरण  किस  तरह  बिगड़  चूका  है .

 

दोस्तों  हम  आज  से  कुछ  साल  पहले  की  तुलना  अगर  आज  के  पर्यावरण  से  करे  तो  हमे  उसमे  बहुत  अन्तर  दिखेगा  पहले  हमे  शुद्ध  ताजा  हवा  मिलती  थी . जिधर  देखो  उधर  पेड़  – पौधे  होते थे . नदियों  में  बारह  महीने  पानी  बेहता  था . हर  मौसम  नियमित  रूप  से  होता  था  याने  बारिश  में  अच्छी  बारिश  होती  थी  ठण्ड  में  अच्छी  ठंड  और  गर्मी  भी  limited ही  होती  थी .

 

मगर  आज  वो  सब  नहीं  होता  आज  ना  समय  पर  बारिश  होती  है  ना  अच्छी  ठंड  पड़ती  है  और गर्मी  तो  भीषण  होती  जारही  है  और  इस  बिगड़ते  मौसम  से  और  बिगड़ते  पर्यावरण  से  सम्पूर्ण  मानव  जाती  प्रभावित  हुई  है . और  मेरे  ख्याल  से  आगे  जाके  हमे  इसके  और  भी  बुरे  दुश  परिणाम  भुगतने  पड़  सकते  है . और  पर्यावरण  को  खराब  करने  में  कही  ना  कही  योगदान  इंसान  का  ही  है . पर्यावरण  खुद  अपने  आप  तो  बिगड़ा  नहीं  इंसानो  ने  ही  आज  अपनी  बढ़ती  हुई  आधुनिकता  के  द्वारा  पर्यावरण  को  बिगाड़ा  है .

 

दोस्तों शायद आप नहीं जानते होंगे की जब भगवान ने इस प्रकृति की रचना करी तो उसने सब चीजे सम्पूर्णता में बनाई भगवान ने प्रकृति को बहुत सुंदर बनाया हर तरफ पेड़ – पौधे नदिया झरने और हर मौसम और हर ऋतू अपनी सम्पूर्णता के साथ प्रकृति में अपना योगदान देते पहले कभी कोई मौसम बिगड़ता नहीं था . मगर आज सब कुछ ही बिगड़ता जारहा है .

 

पर्यावरण को खराब करने में इंसान का योगदान

 

तो  अब  हम  इस  post  में  वो  कारण  देखेंगे  की  जिनके  द्वारा  मानव  ने  पर्यावरण  को  खराब  करने में अपना योगदान निभाया है .

 

1 – Crowd Pollution

दोस्तों  crowd pollution मतलब  जनसंख्या  वृध्दि  आज  दुनिया  में  इंसान  की प्रजाति  इतनी  तेजी  से  बढ़ती  जारही  है . की  यह  एक  मुख्य  और  सबसे  बड़ा  कारण  बन  गया  है , पर्यावरण  को  खराब  करने  का  क्योकि  इंसान  जितने  बड़ेगे  उनकी  जरूरते  भी  उतनी  ही  बढ़ेगी  और  उन  जरूरतों  को  पूरा  करने  में  कही  ना  कही  प्रकृति  को  नुकसान  पहुँचता  है . crowd pollution का  दुनिया  के  हर  छेत्र  में  प्रभाव  पड़ता  है  . धीरे  – धीरे  जमीने  बत  जाती  है  लोग  पेड़  – पौधे  काटते  जाते  है  . जिससे pollution  बढ़ता जाता है .

 

2 – पेड़ – पौधे की कटाई –

दोस्तों पर्यावरण को खराब करने में आज सबसे बड़ा कारण यह है , की इस दुनिया से पेड़ पौधे बहुत तेजी से कटते जारहे है , जिसे देखो वो पेड़ काट देता है और कोई भी नया पेड़ नहीं लगता दोस्तों हमे जितनी भी शुद्ध और ताजी हवा मिलती है , वो सभी पेड़ – पोधो के कारण ही मिलती है . पहले में बचपन में था तो में भी अपने आस – पास बहुत पेड़ देखता था . पर धीरे – धीरे सब खत्म होगया आज कही – कही इक्का – दुक्का पेड़ ही दीखते है .

 

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3 – जल संरक्षण –

आप जानते ही है , की आज के युग में किस तरह पानी को रोका जारहा है नदियों में बांध बांधे जारहे है . जिससे पानी का बहाव नहीं होता आज जिसतरह बिजली की उतपत्ति के लिए पानी को रोका जारहा है , उसमे पर्यावरण का बहुत नुकसान है पानी यदि बेहता रहता है तो हर तरफ हरीयाली रहती है फसले लहलहाती रहती है मगर आज जिससे पानी को रोका जारहा है वो आगे जाकर और भी घातक सावित होने वाला है .

 

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4 –  Development  –

आज के युग में दुनिया में Development बहुत तेजी से बढ़ता जारहा है . जिधर देखो उधर बिल्डिंगें , फ़ैक्टरिया , बड़े – बड़े शहर बनते जारहे है . और बहुत तेजी से विकास हो रहा है और इस विकास को करने के लिए जिस जमीन का उपयोग होता है वो जमीन खेती करने वाली होती है और जहा खेती होती थी वहा का पर्यावरण बहुत अच्छा होता था . पर जब उसमे कारखाने लग गए तो वो जमीन कोई काम की नहीं होती और उन कारखानों से निकलने वाले धुएं से पर्यावरण खराब होता है और यह सब इंसान द्वारा किया हुवा है होता है .

 

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5 – वाहनों से निकलने वाला धुँवा –

दोस्तों जैसा हम देखते है हम इंसानो ने वाहन गाड़िया बनाई और उन गाड़ियों से आज हमारा पर्यावरण बहुत तेजी से बिगड़ता जारहा है . आज जितनी तेजी से गाड़िया बढ़ती जारही है , उससे निकलने वाले धुएं और वायु से हमारा पर्यावरण बहुत बिगड़ा है . गाड़ियों से निकले वाला धुँवा सीधे आसमान में जाता है और वो शुद्ध हवा को खराब करता है जिससे हमे सास लेने के लिए अच्छी और शुद्ध हवा नहीं मिलती .

 

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तो दोस्तों यह थी post  ” पर्यावरण को खराब करने में इंसान का योगदान ” आप को यह post  कैसी लगी प्लीज़ हमे बताये और आप हमेशा पर्यावरण को सुधारने में अपना योगदान दे और पर्यावरण को हमेशा शुद्ध रखे .

 

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और आप हमे अपनी राय अपने Comments के माध्यम से भेज सकते है .

 

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