मेरी बेटी पर अनमोल कथन

मेरी बेटी पर अनमोल कथन  –  मै  जब  रोज  अपने  काम  से  थक  –  हार  कर  अपने  घर  लोटता  हु  तो  जब  घर  पहुँचता  हु  तब  एक  सुन्दर  मुस्कान  देख  कर  मेरी  सारी  थकान  मिट  जाती  है  और  वो  मुस्कान  होती  है  मेरी  प्यारी  बेटी  की  मेरी  बेटी  जिससे  में  बहुत  प्यार  करता  हु  जिस  पर  में  दुनिया  की  सारी  खुशिया  कुर्बान  कर  सकता  हु. और  इस  दुनिया  में  बहुत  किस्मत  वाले  होते  है  वो  लोग  जिनकी  बेटी  होती  है  अगर  हम  बेटे  और  बेटी  की  Comparison  करे  तो  बेतिया  बेटो  से  कहि  ज्यादा  अपने  माँ – बाप  के  प्रति  अपना  फर्ज  निभाती  है.

मेरी बेटी पर अनमोल कथन

एक  पिता  की  दृष्टि  से  अगर  देखा  जाये  तो  वो  अपनी  बेटी  से  बहुत  प्यार  करता  है  मैने  अक्सर  देखा  है  एक  माँ  अपने  बेटे  से  ज्यादा  प्यार  करती  है  मगर  बाप  अपनी  बिटिया  से  करता  है  एक  बेटा  अगर  पड़ता  है  तो  उसका  ही  भला  होता  है  मगर  एक  बेटी  अगर  पड़ती  है  तो  दो  परिवारों  का  भला  करती  है.

एक  पिता  हमेशा  चाहता  है  की  उसकी  गुड़िया  हमेशा  उसकी  आँखों  के  सामने  रहे  उसकी  किलकारियों  से  उसका  घर  हमेशा  गूंजता  रहे  पिता  कभी  नहीं  चाहता  की  उसकी  बेटी  कभी  उसकी  नजरो  से  दूर  चली  जाये  पर  जैसी  जमाने  की  प्रीत  है  हर  बेटी  को  एक  न  एक  दिन  अपने  बाबुल  का  घर  छोड़ना  पड़ता  है  और  अपने  ससुराल  में  जाना  पड़ता  है  और  यही  पल  एक  पिता  के  लिए  सबसे  पीड़ा  दायी  होता  है.

एक  पिता  अपनी  बिटिया  के  लिए  क्या  चाहता  है  वो  चाहता  है  की  मेरी  बेटी  अपने  जीवन  में  बहुत  आगे  जाये  खूब  पड़े  – लिखे  अच्छी  job  करे  मेरा  और  अपने  देश  का  नाम  रोशन  करे  और  उसे  बहुत  तरक्की  मिले  और  जब  उसकी  शादी  हो  तब  उसे  ऐसा  पती  मिले  की  उसे  कभी  उसके  पिता  की  याद  ना  आए  उसको  एक  बहुत  प्यार  करने  वाला  उसकी  जरूरतों  का  ध्यान  रखने  वाला  और  उसके  पिता  की  कभी  कमी  महसूस  ना  करने  वाला  पती  मिले  और  जब  ऐसे  गुण  वाला  पती  अपनी  बिटिया  को  मिलता  है  तब  पिता  भी  संतुष्ट  हो  जाता  है.

पर  दोस्तों  प्रायः  ऐसा  देखने  में  आता  है  की  पता  नहीं  क्यों  कुछ  माता – पिता  अपनी  पुत्री  को  बोझ  समझने  लगते  है  जन्म  से  ही  उसको  ऐसा मानने लगते है की हमारे ऊपर एक कर्ज आगया हो और उनको उस पुत्री की चिंता होने लगती है. पर मित्रो मै आज की इस पोस्ट के माध्यम से ऐसे माता – पिता से यह कहना चाहता हु, की आप अपने आस – पास देखे की बेटिया कितनी तरक्की कर रही है और आज हम किसी भी Field  में देखे बेटिया किसी से भी पीछे नहीं है.

जिस काम में देखोगे उसमे बेटिया बेटो से दो कदम आगे निकल रही है चाहे वो खेल हो या सेना हो या पुलिस हो या साइंटिस्ट हो या Business हो बेटिया हर जगह अपने कदम जमा चुकी है. याने देखा जाये तो आज के दौर में किसी की बेटी किसी के बेटे से कम नहीं हे, तो जो ऐसे माता पिता है जो बेटी के जन्म से दुखी होते है उनको अब दुखी होने की जरूरत नहीं है क्योकि आज बेटी किसी से कम नहीं है.

मेरी बेटी पर अनमोल कथन”

तो मित्रो अब हम इस post में मेरी बेटी पर कुछ अनमोल कथन देखेंगे जो आपको बहुत अच्छे लगेंगे.

1 – प्रभु ने इंसान को जीवन में कई सारी नेमते दी है और उसमे से एक है उसकी  बेटी.

2 – एक बेटी के कई रूप होते है कभी बेटी, तो कभी पत्नी, तो कभी माँ, तो कभी बहु.

3 – नए दौर की बेटिया जो ठान ले वो करके ही मानती है.

4 – बेटी है तो कल है.

5 – में प्रभु से यदि दुवा करता हु, मुझे हर जन्म में चाहे बेटा ना दे पर एक प्यासी बेटी जरूर दे.

6 – बेटियों को लक्ष्मी, सरस्वती और दुर्गा माना जाता है, जो समय – समय पर अपना रूप बदलती है.

7 – खुद टूटकर भी परिवारों को जोड़ती है बिटिया.

8 – खुद संतोष कर घर में खुशिया बिखेरती है बिटिया.

9 – कोई परिवार तब तक ही खुश रह पाता है, जब तक की ये बिटिया खुश रह पाती है.

10 – बेटी के जन्म पर रोक ना लगाओ, बेटी के पैदा होने पर खुशिया मनाओ.

11 – बेरंग घर को भी खुशियों से भर देती है बिटिया.

12 – जिस घर में होती है बिटिया, रौशनी हरपल रहती है वहा, हरदम सुख ही बरसे उस घर में, मुस्कान बिखेरे बिटिया जिस घर में.

13 – बेटी बोझ नहीं है, बोझ तो वो लोग है जो उसे आगे बढ़ने का मौका नहीं देते.

14 – ऐसी क्या दुआ दू आपको, जो आपके लबो पे ख़ुशी के फूल खिला दे, बस ये दुआ है मेरी, सितारों सी रौशनी खुदा आपकी तकदीर बना दे.

15 – बुलंद रहे सदा आपके सितारे, टलती रहे आपकी सारी बलाए यही दुआ हमारी.

16 – यु तो हर दिन खास है, जो मेरा परिवार मेरे साथ है. पर आज मुझे कुछ कहना मेरी बेटी से, मुझे गर्व है उस पर.

17 – दुवा मिले बंदो से खुशिया मिले जग से, साथ मिले अपनों से रेहत मिले रब से, जिंदगी में आपको बे पनाह प्यार मिले, खुश रहे मेरी बेटी दुनिया में सब से.

18 – दर्द और गम से आप अनजान रहे, खुशियों से आपकी पहचान रहे, हमारे तो दिल की सिर्फ इतनी दुआ है, आपके चेहरे पर सदा मुस्कान रहे.

19 – जब घर में संकट आते है, तब बेटियां ही उससे बचाते है.

20 – बेटा – बेटी एक समान, यह तो है हमारी शान.

21 – जब – जब खड़ी हुई है नारी, हर किसी पर पड़ी है भारी.

22 – बेटी नहीं है किसी से कम, मिटा दो अपने सारे भृम.

23 – जैसे करते हो खुद की रक्षा, ऐसे ही करो बेटी की सुरक्षा.

24 – हर घर में अब आवाज उठेगी, बेटियां भी अब आगे बढ़ेंगे.

25 – हर राह आसान हो, हर राह पर खुशिया हो, हर दिन खूबसूरत हो, यही हर दिन मेरी दुआ हो.

26 – सूरज चाँद की किरणे तेज दे आपको, खिलते हुए फूल खुशबु दे आपको, हम जो देंगे वो भी कम होगा, देने वाला जिंदगी की हर ख़ुशी दे आपको.

27 – चाँद से प्यारी चाँदनी, चाँदनी से प्यारी रात, रात से प्यारी जिंदगी, और जिंदगी से भी प्यारी मेरी बिटिया.

28 – आसमान का चाँद तेरी बाहो में हो, तू जो चाहे वो तेरी राहो में हो, हर वो ख्वाब हो पूरा जो तेरी आँखों में है, खुश किस्मती की हर लकीर मेरी बिटिया के हाथो में हो.

29 – जैसे करते है खुद की रक्षा, ऐसे है करो बेटी की सुरक्षा.

30 – अश्लीलता को दूर भगाओ, अपनी बेटियों को बचाओ.

31 – अब ना बनाओ कोई नया किस्सा, बेटियों को दे अब समाज में हिस्सा.

32 – कहते है बेटियां उसी घर में होती है, जो घर भगवान को पसंद होता है.

33 – बेटी बचाने का इरादा, अभी से दो हमे यह वादा.

34 – हर बेटी अपने पिता के लिए परी होती है.

35 – जरूरी नहीं रौशनी चिरागो से हि हो, बेटियां भी घर में उजाला करती है.

36 – हर बेटी के भाग्य में पिता होता है, पर हर पिता के भाग्य में, बेटी नहीं होती.

37 – बेटे तो सिर्फ एक घर चलाते है, लेकिन बेटियां दो घरो को स्वर्ग बनाती है.

38 – खुद दुखो के दर्द को सहकर भी परिवार में खुशिया बिखेरती है ये प्यारी बेटियां.

39 – बेटियां कभी अपने मन में कोई स्वार्थ नहीं रखती वह सदैव अपने माँ – बाप और भाई बहन का ख्याल रहती है.

40 – बेटियों का भविष्य जैसा होगा वैसा हि हमारे समाज जा भविष्य होगा.

41 – बेटियों से आबाद होते है घर परिवार, अगर ये नहीं होती तो थम जाता संसार.

42 – एक पिता तब तक अधूरा है, जब तक न मिले उसे एक बिटिया.

43 – बिन पंख होते हुए भी प्यारी बिटिया अपने पापा की बगिया से एक दिन उड़ हि जाती है.

44 – जैसे बेटियों को संस्कार देंगे, वैसे हि हम समाज का निर्माण करेंगे.

45 – मेरी बिटिया तुम मेरे लिए खास हो, तुम किसी से कम नहीं हमे ये अहसास है.

46 – मेरा बेटा तब तक मेरा है जब तक उसको पत्नी नहीं मिल जाती है, लेकिन मेरी बेटी मरते दम तक मेरी है.

47 – जहा मानवता मर जाती है वही तो बेटियों का गला गर्भ में ही घोट दिया जाता है.

48 – यदि समाज को शिक्षित करना है, तो सबसे पहले बेटियों को शिक्षित करो.

49 –  एक बेटी को ही ऐसा वरदान होता है, जिसके जीवन में कई तरह के अवतार होते है.

50 – बेटी माता – पिता की ऐसी आंख होती है, जो हमेशा रोशन होती है और सदैव उनको रोशन करती रहती है.

तो मित्रो यह थी पोस्ट “मेरी बेटी पर अनमोल कथन” और में समझता हु, आपको यह पोस्ट बहुत अच्छी लगी होगी और आप इस post को पढ़कर अपनी बेटी से और अधिक प्यार करने लगेंगे मित्रो मेरा आपसे यह कहना है की आप अपनी बेटी पर विश्वास करे उसे बाहर निकलने दे लोग क्या कहेगे उसे छोड़कर उसे जमाने के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने दे और में आपको यह ग्यारेन्टी देता हु की आपकी बेटी कभी आपको निराश नहीं करेगी और अपने माता – पिता का नाम जरूर रोशन करेगी और जो लोग बिटिया को ज्यादा पड़ने नहीं देते तो उनसे भी मेरा अनुरोध है की आप अपनी बेटी को खुद पढाये.

तो आपको यह पोस्ट कैसी लगी आप जरूर हमे बताये.

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