लाल बहादुर शास्त्री के अनमोल विचार Quotes इन हिन्दी

लाल बहादुर शास्त्री के अनमोल विचार Quotes इन हिन्दी

लाल बहादुर शास्त्री के अनमोल विचार Quotes इन हिन्दी – दोस्तों लाल बहादुर शास्त्री भारत के द्व्तीय प्रधानमन्त्री थे. शास्त्री जी बहुमुखी प्रतिभा के व्यक्ति थे. शास्त्री जी ने बहुत गरीब परिवार में जन्म जिया था, जिनका जन्म 2 अक्टूबर, 1904  को उत्तर  प्रदेश के मुगलसराय, जिले के एक सामान्य और बहुत ही गरीब परिवार में हुवा था. उनका वास्तविक नाम लाल बहादुर श्रीवास्तव था. शास्त्री जी के पिता मुंशी शारदा प्रसाद श्रीवास्तव एक शिक्षक थे. व बाद में उन्होंने भारत सरकार के राजस्व विभाग में क्लर्क के पद पर कार्य किया. लाल बहादुर शास्त्री जी की माँ का नाम रामदुलारी था.

दोस्तों लाल बहादुर शास्त्री जी ने स्वाधीनता संग्राम के जिन आंदोलनों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही उनमे 1921 का असहयोग आंदोलन, उन्होंने महात्मा गाँधी के साथ 1930  के दांडी मार्च तथा 1942  का भारत छोडो आंदोलन उल्लेखनीय है.

 

लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिभा और निष्ठा को देखते हुए भारत के प्रथम प्रधानमन्त्री जवाहरलाल नेहरू की मृत्यु के पश्चात कांग्रेस पार्टी ने 1964  में लाल बहादुर शास्त्री जी को प्रधानमन्त्री पद का उत्तरदायित्व सोपा. उन 9 जून 1964 भारत के प्रधानमन्त्री का पदभार संभाला.

दोस्तों शास्त्री जी एक ऐसे राजनेता थे. जिन्होंने कभी सत्ता का मोह नहीं रखा उन्होंने भारत को आजादी दिलाने में महात्मा गाँधी और सरदार पटेल जैसे स्वतंत्रता सेनानियों का साथ दिया और कांग्रेस में अपनी सक्रिय भूमिका रखी जवाहरलाल नेहरू, और सरदार वल्ल्भ भाई पटेल के बाद शास्त्री जी कांग्रेस में अपनी अहम भूमिका रखते थे. उन्होंने देश की निःस्वार्थ सेवा करी और भारत को आजादी दिलाने में महात्मा गाँधी के साथ कई आंदोलनों में उनका साथ दिया वे एक सच्चे देश भक्त थे जिन्होंने अपना पूरा जीवन देश की भलाई के लिए ही बिताया इसलिए आज हम उनके गौरवपूर्ण विचारो से ग्रन्वित है.

 

लाल बहादुर शास्त्री के अनमोल विचार Quotes इन हिन्दी”

 

दोस्तों अगर हम लाल बहादुर शास्त्री जी के जीवन के बारे देखे तो उनसे जुडी  हुई कई घटनाये है. पर आज हम उनके द्वारा कहे गए अनमोल Quotes विचार देखेंगे.

 

1 – जय जवान जय किसान.

 

2 – आजादी की रक्षा केवल सेनिको  का काम नहीं है, पुरे देश को मजबूत होना होगा.

 

3 – मेरी समझ में प्रशासन का मूल विचार यह है की समाज को एकजुट रखा जाये ताकि वह विकास कर सके और अपने लक्ष्यों की तरफ बढ़ सके.

 

4 – जो शासन करते  है, उन्हें देखना चाहिए की लोग प्रशासन पर किस तरह प्रतिक्रिया करते है. अंततः जनता ही मुखिया होती है.

 

5 – हमारी ताकत और स्थिरता के लिए हमारे सामने जो जरूरी काम है उनमे लोगो में एकता और एकजुटता स्थापित करने से बढ़ कर कोई काम नहीं है.

6 – हम अपने देश के लिए आजादी चाहते है, पर दुसरो का शोषण कर के नहीं, ही दूसरे देशो को निचा दिखा कर मै अपने देश की आजादी ऐसे चाहता हु, की अन्य देश मेरे आजाद देश से कुछ सिख सके, और मेरे देश के संसाधन मानवता के लाभ के लिए प्रयोग हो सके.

 

7 – हम सभी को अपने अपने क्षेत्रों में उसी समर्पण, उसी उत्साह, और उसी संकल्प के साथ काम करना होगा जो रण भूम  में  एक  योद्धा  को  प्रेरित और  उत्साहित करती है. और यह सिर्फ बोलना नहीं है, बल्कि वास्तविकता में कर के दिखाना है.

 

8 – देश के प्रति निष्ठा सभी निष्ठाओं से पहले आती है, और यह पूर्ण निष्ठा है क्योकि इसमें कोई प्रतीक्षा नहीं कर सकता की बदले में उसे क्या मिल सकता है.

 

9 – कानून का सम्मान किया जाना चाहिए ताकि हमारे लोकतंत्र की बुनियादी संरचना बरकरार रहे और भी मजबूत बने.

 

10 – आर्थिक मुद्दे हमारे लिए सबसे जरूरी है, और यह बेहद महत्वपूर्ण है, की हम अपने सबसे बड़े दुश्मन गरीबी और बेरोजगारी से लड़े.

11 – देश की जनता की सेवा करना और उनकी जररतो को पूरा करना हर सरकार की पहली प्राथमिकता है.

 

12 – यदि कोई एक व्यक्ति भी ऐसा रह गया जिसे किसी रूप में अछूत कहा जाये तो ऐसे में भारत को अपना शर्म  से झुकाना पड़ेगा.

 

13 – हम सिर्फ अपने लिए ही नहीं बल्कि समस्त विश्व के शांति और शांतिपूर्ण विकास में विश्वास रखते है.

 

14 – भ्र्ष्टाचार को पकड़ना बहुत कठिन काम है, लेकिन मै पुरे जोर के साथ कहता हु, की यदि हम इस समस्या से गंभीरता और दृढ़ संकल्प के साथ नहीं निपटते तो हम अपने कर्तव्यों का निर्वाह करने में असफल होंगे.

 

15 – यदि मै तानाशाह होता तो धर्म और राष्ट्र अलग – अलग होते. मै धर्म के लिए जान तक दे दूंगा.लेकिन यह मेरा निजी मामला है. राज्य का इससे कोई लेना – देना नहीं है. राष्ट्र धर्मनिर्पेक्ष्य कल्याण, स्वास्थ्य, संचार, विदेशी संबंधो, मुद्रा इत्यादि का ध्यान रखना, लेकिन मेरे या आपके धर्म का नहीं. वो सबका निजी मामला है.

16 – मै जैसा दीखता हु, उतना साधारण मै हु नहीं.

 

17 – विज्ञान और वैज्ञानिक कार्यो में सफलता सीमित या बड़े संसाधनों का प्रावधान करने से नहीं मिलती, बल्कि यह समस्याओ और उद्देश्यों को बुध्ददिमानी और सतर्कता से चुनने से मिलती है. और सबसे बढ़कर जो चीज चाहिए वो है निरंतर कठोर परिश्रम की शक्ति और समर्पण की

 

18 – किसी भी देश के लिए उसकी सेना जितनी जरूरी है, उतनी ही जरूरी उसकी प्रजा भी है.

 

19 – हमे जीवन में अपने स्वयं और स्वयं के कार्यो से बढ़कर अपने देश को आगे रखना होगा.

 

20 – देश के राजनेताओ का यह कर्तव्य है की उनके रहते देश की जनता को किसी भी तरह का दुःख और तकलीफ नहीं सहन करना पड़े.

तो दोस्तों यह थे भारत देश के द्व्तीय प्रधानमंत्रीलाल बहादुर शास्त्री Quotes इन हिन्दीमुझे लगता है आप इन्हे पड़ेगे और अपने जीवन में  इन्हे लागु करेंगे. हमे शास्त्री जी के विचारो से जीवन जीने का तरीका और सलीखा सीखना होगा.

 

तो दोस्तों आपको यह पोस्ट कैसी लगी प्लीज़ आप अपने Comments  के माध्यम से हमे जरूर बताये और हम आगे भी आपके लिए कई अन्य महा पुरषो के  विचार Quotes लाते रहेंगे.

 

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