क्या हमारे में भगवान राम जैसे गुण है

राम नवमी  special

 

क्या हमारे में भगवान राम जैसे गुण है

 

क्या हमारे में भगवान राम जैसे गुण है – दोस्तों जैसे अभी राम नवमी  आरही है . तो आज में आपके लिए एक राम नवमी  special  post  लेके आया हु , जो बहुत ही ज्ञानवर्धक है . और आपको बहुत ही पसंद आएगी आप इसे पूरा पड़े . और आप यह post भी पड़ सकते है – राम नवमी का महत्व in hindi

 

तो आज हम इस post  में भगवान राम के गुणों के बारे में देखने वाले हे , की भगवान राम में क्या – क्या गुण है – और क्या हम इंसानो में उनके जैसे गुण हे . दोस्तों मुझे नहीं लगता की हम इंसानो में भगवान राम के समान गुण हे , और में यह भी नहीं कहता की किसी भी इंसान में उनके जैसे गुण नहीं हे , जरूर हे पर वो कुछ ही लोगो में हे .

 

आपने रामायण देखी या पड़ी होगी तो रामायण में बताया गया है . की श्री राम को मर्यादा पुर्षोत्तम कहा जाता हे . और दोस्तों मर्यादा पुर्षोत्तम केवल एक नाम ही नहीं है . यह एक उपाधी होती है .

 

जो किसी भी इंसान में नहीं होती मर्यादा पुर्षोत्तम का मतलब होता है , की हर मर्यादा का पालन करने वाला हर रिश्ते को सम्मान देने वाला और हर रिश्ते को निभाने वाला जैसे आपको पता है , की भगवान राम ने अपने सभी रिश्तो को चाहे वो पिता – पुत्र का हो या माता का हो या भाई का हो या पति – पत्नी का हो या मित्र का हो सबको भली भाती से निभाया है . भगवान राम ने हर रिश्ते के साथ न्याय किया है .

 

श्री राम ने जैसा एक पिता – पुत्र का रिश्ता निभाया है , क्या उस तरह से हम आज निभा सकते है . क्या हम अपने पिता की इतनी सुनते है  , की जो पिता बोलदे वो हमारे लिए सही और वो हमारे लिए पत्थर की लकीर हो . और चाहे वो सही होया गलत हम क्या उसे मानते है . पर प्रभु राम अपने पिता का कहा हर एक वचन या हर एक बात मानते थे . फिर चाहे वो सही हो या गलत .

 

और भगवान राम ने एक माता के साथ भी अपना रिश्ता कैसे निभाया है , की माता ने बोला की राम को वनवास भेजदो तो वो बिना कोई सवाल पूछे राज महल से सीधे वनवास पहुंच गए . और क्या हमारी माता अगर हमे आज के दौर में बोले की तुम्हे वनवास जाना है . तो क्या हम आज उनकी बात सुनते है . वनवास जाना तो दूर हम हमारी माता की थोडी सी बात भी नहीं मानते

 

और आपने देखा होगा की भगवान राम ने किस तरह एक भाई का रिश्ता निभाया है . जिन्होंने अपने भाई को अपना राज्य देदिया और अपने भाई लक्ष्मण के किस तरह प्राण बचाये और आज के जमाने में भाई – भाई का दुश्मन हो गया है , एक भाई दूसरे भाई से बात तक नही करता और जायदात की बात तो छोड़ ही दो आज के दौर का इंसान अपने भाई से एक रुपया  भी नहीं छोड़ना चाहता . आज के जमाने के भाई छोटी – छोटी चीजों के लिए मरने मारने के लिए तैयार हो जाते है .

 

क्या हमारे में भगवान राम जैसे गुण है

 

और दोस्तों अगर हम भगवान  राम की मित्रता की बात करे तो सम्पूर्ण विश्व जानता है , की भगवान राम और हनुमान के बिच कैसी मित्रता थी . जो जग जाहिर है . श्री राम अपने हर रिश्ते को बहुत ही ईमानदारी से निभाते थे .

 

और हम आज के हमारे दौर की मित्रता की बात करे तो आज केवल लालच की मित्रता होती है . आज अगर किसी को किसी के लालच हे , तो वो आपका मित्र बनेगा नहीं तो कोई आपसे बात भी करना पसंद नहीं करेगा और ये केवल में ही नहीं बोलता इसका आपने भी अनुभव किया है .

 

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और दोस्तों आपने देखा होगा की श्री राम ने पती के रूप में भी किस तरह अपने कर्तव्य निभाए . और वो  भी जग जाहिर है , उनहोने हमे पती धर्म सिखाया  है , की एक शादी शुदा इंसान का  किसी पराई स्त्री पर नजर डालना भी पाप है. पर आज क्या हो रहा है .

 

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आज इंसान क्या करता हे वो मुझे  यहा बताने की जरूरत नहीं है . आप सब जानते है . पर हमे श्री राम से शिक्षा लेनी है हमे उनके गुण धारण करने है और हमे भी उनके जैसा इंसान बनना है .

 

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दोस्तों हम तो इंसान है , हम क्या भगवान जैसे गुण अपने में लाएंगे , और हम क्या भगवान के गुणों का बखान करेंगे . पर हम उनसे गुण सिख सख्ते है . हम चाहे  मर्यादा पुर्षोत्तम नहीं बन सके तो केवल हम मर्यादा  तो सीखे इस युग मे केवल हम मर्यादा को केवल जानहि लेंगे तो हमारे लिए ठीक होगा .

 

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मतलब दोस्तों हम भगवान राम के समान तो नहीं बन सकते मगर उनके जैसे गुण तो हम हमारे में धारण  कर ही सकते  है . हम भी हमारे रिश्ते अच्छे से निभाना सिख सकते है . जैसा प्रभु निभाते थे . और जो भी रिश्ता हो सब में हमे ईमानदारी रखना है .

 

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और दोस्तों हमे केवल रिश्तो में ही नहीं समाज में भी अच्छा वय्वहार करना है . तो आप  जानते ही है , की राम को सम्पूर्ण विश्व पूजता है . तो हमे भी उनके जैसा सभी के साथ अच्छा व्यवहार करना है . हमे एक छोटे बच्चे से लेके किसी सीनियर व्यक्ति सब के अच्छा व्यवहार करना है .

 

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तभी हमारी इज्जत बनेगी और हमे हमारी मर्यादा का पालन करना है , की जिस से भी बात करे वहा सामने वाले को भी इज्जत से बात करना है . ताकि उसे भी अच्छा लगे . और सामने वाला भी आपसे अच्छी बात करेगा अगर हम अच्छा रहेंगे . तो दोस्तों अन्त में मेरा आपसे बस यही कहना  है , की इस राम नवमी हम सपथ ले की हम प्रभु राम जैसे गुण अपने में धारण करेंगे .

 

दोस्तों श्री राम  भी मानव रूप में ही इस दुनिया में आए थे . और हम भी उनके समान हे और उनमे मैने जो आपको ऊपर बताया वो गुण तो हे ही सही पर उनके और भी कई गुण थे जैसे – सहनशीलता , धैर्य , आदर करना  , अच्छा बोलना इन्ही  सब गुणों के वजह से भी वो पूजे जाते है . हम आज के दौर के इंसानो को देखते है आज का इंसान कुछ भी धैर्यवान नहीं है या कुछ भी सहन शील नहीं है

 

आज हमे छोटी – छोटी बातो पर क्रोध आता है . हम थोड़े भी धैर्यवान नहीं है . हम थोड़े समय के लिए भी किसी चीज के लिए रुकना नहीं चाहते . पर प्रभु राम ऐसा नहीं करते तह वो सबको समान अवसर देते थे फिर चाहे वो बड़ा होया छोटा और वो सबसे अच्छी और मिठे स्वभाव से बात करते थे

 

मगर हम ऐसा नहीं करते हम किसी से प्रेम से बोलना भी भूल गए है. हमे अगर किसी से कोई गरज है , तो ही हम किसी से बात करते है . मगर किसी से कोई काम नहीं है तो हम उसके तरफ देखते भी नहीं है . मतलब आज हम में कोई भी इसांनियत का गुण नहीं है . हमे सब सीखना होगा .

 

तो दोस्तों आपको यह post  ” क्या हमारे में भगवान राम जैसे गुण है ” कैसी लगी pliz  हमे बताये और में समझता हु , की आपको मेरे द्वारा बताई गयी बाते जरूर समझमे आएगी . और आप भी एक अच्छा इंसान बनेगे .

 

और आप इस post  से Related  अपने विचार हमे Comments  के माध्यम से भेज सकते है .

 

धन्यवाद

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