कैसी है उड़ती चिड़िया की ज़िन्दगी

कैसी है उड़ती चिड़िया की ज़िन्दगी

 

 

कैसी है उड़ती चिड़िया की ज़िन्दगी – दोस्तों क्या आप जानते है , की उड़ती चिड़िया की जिंदगी कैसी होती है .

 

और आपने कभी किसी चिड़िया को उड़ते हुए देखा है . और अगर देखा है तो आप उसके बारे में जरूर जानते होंगे तो आज में आपको इस post में एक उड़ती चिड़िया के जीवन के बारे में बताऊंगा और हम उस चिड़िया से क्या सिख सकते है .

 

दोस्तों आप सब जानते ही है . की चिड़िया या किसी भी पक्छी को उड़ना ही पसंद होता है . मतलब आजाद ज़िंदगी सबको पसंद है . कोई भी कैद में नहीं रहना चाहता वो चाहे एक चिड़िया हो या कोई इंसान ही क्यों ना हो सब को आजादी पसंद है .

 

जैसे एक चिड़िया जब आजाद रहती है . तो वो अपनी मर्जी से जीती है . जो चाहे वो कर सकती है . किसी  भी जगह आना – जाना कर सकती  है . किसी भी जगह उड़ सकती है . मतलब अपनी मर्जी की मालिक होती है . जहा चाहे वहा दाना चुग सकती है , जिस डाल पर बैठना चाहे वहा बेठ सकती है . ना कोई उसे रोकने वाला होता है , ना कोई कुछ बोलने वाला सब अपनी मर्जी का होता है .

 

दोस्तों भगवान ने दुनिया बनाई और और उसने सभी जिव – जंतु को आजाद बनाया , कोई किसी के वश में नहीं रहना चाहता . और इसी लिए भगवान ने हर जिव – जंतु की Life  अपने – अपने हिसाब से बनाई की कोई किसी को कष्ठ या कोई किसी पर किसी प्रकार का बंधन नहीं डाल सके .

 

सब दुनिया में आजाद रहे और अपने हिसाब से अपना जीवन बिताये , जैसे एक उड़ती चिड़िया होती है ,  वो आजाद होती है . और वो जितना सुख जितनी आजादी उढ़ के मतलब किसी बंदन मुक्त होकर पाती है , वैसा सुख किसी के बंधन में नहीं पा सकती .

 

कैसी है उड़ती चिड़िया की ज़िन्दगी

 

दोस्तों मेरा आज आपको ” उड़ती चिड़िया की जिंदगी ” का उदाहरण देने का बस यही मतलब था . की हमे भी अपनी जिंदगी को आजाद बनाना है , हमे भी किसी प्रकार के बंधन या कैद में नहीं रहना है . और अगर हमे जीवन में सुखी और खुश रहना है ,

 

तो हमे भी एक चिड़िया की भाती आजाद रहना पड़ेगा जैसे चिड़िया उड़ कर सुखी और अपनी मर्जी  की जिंदगी जीती है . उसी प्रकार हमे भी आजाद और अपनी मर्जी की जिंदगी जीना है . तभी हम भी खुश रह पाएंगे .

 

जैसे हम  किसी चिड़िया को एक पिंजरे में कैद कर लेते है , तो उसकी जिंदगी कैसी बन जाती है . वो बस एक जगह की ही होकर रह जाती है . कही आ जा नहीं सकती बस कैद में ही रहती है .

 

तो दोस्तों उसी प्रकार में आपसे पूछता हु , की आपको कोन सी जिंदगी पसंद है . आजाद या कैद में रहने वाली ? . आप यही कहोगे की हमे आजाद जिंदगी ही पसंद है . सब इंसान ऐसा ही सोचते है की हम ऐसी जिंदगी जिए जिसमे हम अपनी मर्जी के मालिक हो किसी प्रकार का कोई बंधन नहीं . ना किसी की कोई टेंशन बस एक उड़ती चिड़िया की तरह हम भी अपना जीवन बिताये .

 

और आप एक बात समझलो के मै यहा आपको आजादी का मतलब यह नहीं बता रहा , की हम किसी जेल मे है . और उस जेल के बंधन से हमे आजाद होना है नहीं . दोस्तों ऐसी आजादी नहीं , मै आपको उस आजादी के बारे मै बता रहा हु , जिसमे आपको अपनी मर्जी का काम करना पड़े .

 

मतलब आप किसी के दबाव मै आकर कोई job  या कोई Business  ना करे . मतलब जीवन ऐसे ना जिए जो आपको पसंद ना हो और आपको उसमे स्वयं ही लगे की अरे मै कहा जेह मै फस गया हु , तो आपको ऐसे काम नहीं करना है , जिसमे आपको ऐसी फ़िलिंग आए .

 

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जैसे मै आपको उदाहरण के द्वारा समझाता  हु , की कोई इंसान एक job  कर रहा है , और मानलो वो job  उसके  पसंद की  नहीं है , फिर भी उसे करे जा  रहा है . मतलब वो उस job  के बंधन मै फस गया है . और वह उस job  रूपी जेल से निकल भी नहीं पारहा  है . वहा वो इंसान जिन्दा है , जिरहा है , अपने काम भी कर रहा है रोज अपने घर भी जाता है पर फिर भी आजाद नहीं है .

 

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उसके जीवन मै ख़ुशी नहीं है वो जो चाहे वो नहीं कर पा रहा है . जैसे आजाद चिड़िया होती है . वो अपनी मर्जी से काम करती है , मगर कोई इंसान जो किसी काम मै इस तरह बंध गया है की वो खुद को जेल मै महसूस करने लगा है . वो सोचता है की मै यहा  फस गया हु , अब मेरा जीवन खराब होगया है . वह उस चिड़िया की भाती सोचता है जो पिंजरे मै कैद रहती है . और जो चाहकर भी अपनी मर्जी से बाहर निकल नहीं पाती .

 

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मगर मै आपको बताऊ की चिड़िया अगर किसी पिंजरे मै फसी है , तो वो उसकी मजबूरी  है . चिड़िया असहाय होती है . उसके पास सोचने – समझने की  शक्ति नहीं होती ना उसके पास हाथ होते है , की वो पिंजरा  तोड़  के निकल जाये . एक चिड़िया चाहकर भी ऐसा नहीं कर पाती . पर मै आपसे पुछु की क्या इंसान के पास भी कोई सोचने समझने की शक्ति है , क्या इंसान के पास भी हाथ नहीं है .

 

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जो अपने बंधन तोड़ के बाहर निकल जाये , और बंधन या पिंजरा तोड़ने से मतलब है . की हम हमारा ऐसा काम छोड़  के निकल जाये जिसमे हमे जेल जैसा महसूस होता है . या पिंजरे मै रहने जैसा लगता है . तो हमे ऐसे सभी पिंजरों को तोड़ना है .

 

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और ऐसे काम करना है जिसमे हमे आजादी महसूस हो और जिसको हम पसंद करते हो जिसमे हमे उड़ने जैसा अनुभव हो और उसमे हमे ख़ुशी मिले . और दोस्तों यह किसी एक इंसान की समस्या नहीं है . आज दुनिया के हर दूसरे इंसान के साथ यही होरहा है , सब किसी ना किसी बंधन मै बंधे हुए है . जो वहा से छूट नहीं पारहे है .

 

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तो दोस्तों आप समझ ही गए होंगे की इंसान को कैसे  एक उड़ती चिड़िया की तरह जिंदगी जीना चाहिए , ताकि जिसमे हम अपनी मर्जी के काम कर सके और किसी भी बंधन से मुक्त रह सके . दोस्तों आपको मै एक बात और बतादू की आज के दौर मै किसी भी इंसान को कोई भी इंसान अपने बंधन मै नहीं फसाता , मगर आज का इंसान ही अपने लिए बंधन क्रियेट करता है . वो ही हर बंधन मै फसता है .

 

और आप एक बात और जानलो की इंसान के जीवन के केवल काम का ही बंधन नहीं होता . आज इंसान कई तरह के बंधनो मै फसा है . जैसे रिश्तो के बंधन मै और कही ऐसी निर्जीव चीज के बंधन मै जिसे वो छोड़ नहीं सकता . तो हमे ऐसे हर बंधन को छोड़ना  है . और एक उड़ती चिड़िया की तरह आजाद आसमान  मै उड़ना है . जिसमे हम अपनी मर्जी के मालिक हो  और उसमे हमे ख़ुशी मिले .

 

तो दोस्तों आपको यह post  ” कैसी है उड़ती चिड़िया की ज़िन्दगी ” कैसी लगी pliz  हमे बताये . और मै समझता हु , की आप भी ऐसी ही चिड़िया की तरह जिंदगी जियेंगे और हर बंधन से मुक्त रहेंगे . और अपने मन पर भी किसी तरह का टेंशन नहीं आने देंगे . और सदा एक आजाद जिंदगी जियेंगे . और ओरो को भी सही राह दिखाएंगे .

 

और आप अपने सुझाव हमे comments  के माध्यम से बता सकते है . आप अगर हमे कुछ भी बतायेगे तो हमे बहुत ख़ुशी होंगी .

 

धन्यवाद

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