जीवन में दृढ़ संकल्प होना क्यों जरूरी

जीवन में दृढ़ संकल्प होना क्यों जरूरी है  दोस्तों आज में ये post आपके लिए thoughtking पर लाया हु ,

जो बहुत ही ज्ञानवर्धक है. और आपको बहुत पसंद आएगी .

जीवन में दृढ़ संकल्प होना क्यों जरूरी

 

 

दोस्तों जैसा हमारी post का नाम है ” जीवन में दृढ़ संकल्प होना क्यों जरूरी है “ तो दोस्तों में आपसे पूछता हु,  की क्या होता है , दृढ़ संकल्प क्या आप बता सकते है .

 

दोस्तों दृढ़ संकल्प वो है जो इंसान कोई संकल्प लेता है और उसे अपनी सारी उम्र भर पालन करता है किसी भी मोके पर उस संकल्प को पूरा करने से पीछे नहीं हटता चाहे कोई कीमत ही क्यों न हो अपने संकल्प पर अड़िग रहता है . इसे कहते है दृढ़ संकल्प .

 

हर इंसान अपनी life में कुछ न कुछ संकल्प तो लेता है.  पर आज का इंसान उस संकल्प को पूरा नहीं कर  पाता उसे कई मोको पे तोड़ देता है , छोटी – छोटी चीजों के लिए ही अपना संकल्प तोड़ देता है .

 

और मेने ये भी देखा आज का इंसान संकल्प भी बहुत लेता है और तोड़ता भी बहुत है.

 

जीवन में दृढ़ संकल्प होना क्यों जरूरी है”

 

जैसे मेने देखा कोई बोलते है – में आज से बीड़ी –  सिगरेट या कोई गलत काम नहीं करुगा पर कुछ समय बाद ही वो अपना संकल्प भूल जाते है,  और फिर वैसे ही बन जाते है . मतलब आज के इंसान में दृढ़ संकल्प नहीं है .

 

दोस्तों हमे संकल्प ऐसा लेना है . की उसे पूरा करने में हमारे प्राण ही क्योना दाव पर लग जाये हमे अपना संकल्प नहीं तोड़ना है , चाहै जो समस्या  हो हमे अपने संकल्प पर अडीग रहना है ,

 

और सबसे अहम बात कोई हमसें हमारा संकल्प तुड़वाये तो हमे नहीं तोड़ना है चाहे वो हमे कोई भी लालच क्योना  दे  हमे अपने दृढ़ संकल्प पर बने रहना है .

 

जीवन में दृढ़ संकल्प होना क्यों जरूरी है  उसके ऊपर में आपके सामने स्वामी विवेकानद जी के जीवन का एक किस्सा बताने जारहा हु, जो आपको बहुत पसंद आएगा .

 

दोस्तों स्वामी विवेकानंद अपने शिकागो विश्व – धर्म सम्मेलन के भाषण  के बाद  विवेकानंद जी विदेशो में काफी लोकप्रिय हो गए थे . दोस्तों उनके वेदांत दर्शन से प्रभावित होकर कई लोग उनके शिष्य बन गए थे .

 

उसी समय एक विदेशी महिला उनसे भेट करने भारत आयी .

 

काफी देर बात करने वे बाद वह विदेशी महिला स्वामीजी से बोली – ” स्वामी जी में आपसे शादी करना चाहती हु ,”.

 

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इसपर वे चौक गए और मुस्कुराने लगे .

 

फिर बोले – ” देवी ऐसा नहीं हो सकता , क्योकि में ब्रह्मचर्य का पालन करता हु “.

 

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इसपर महिला ने कहा -” हे स्वामी जी , मुझे आपके समान प्रवीण बालक चाहिए , जो आगे चलकर विश्व को एक नई दिशा दे और अपने माता पिता का नाम रोशन करे .

 

इस पर स्वामी जी दोनों हाथ जोड़ कर झुक गए और उस महिला से बोले – ” है देवी ! चलिए आज से ही में आपको अपनी माता मान लेता हु , इस प्रकार आपको मेरे जैसा तेजस्वी बेटा भी मिल गया और मेरा ब्रह्मचर्य भी बच गया .

 

इस पर स्वामी जी दोनों हाथ जोड़ कर झुक गए और उस महिला से बोले – ” है देवी ! चलिए आज से ही में आपको अपनी माता मान लेता हु , इस प्रकार आपको मेरे जैसा तेजस्वी बेटा भी मिल गया और मेरा ब्रह्मचर्य भी बच गया .

 

तो दोस्तों देखा आपने स्वामी विवेकानंद ने जो दृढ़ संकल्प रखा था , की मुझे ब्रह्मचर्य का पालन करना है , तो उन्होंने ऐसा अपनी  पूरी life में किया और अगर उनकी जगए और कोई इंसान होता

 

और उसे कोई महिला बोलती तो वो क्या करता क्या स्वामी जी जैसा दृढ़ संकल्प रख पाता , नहीं रख पाता इसलिए हमे भी “जीवन में दृढ़ संकल्प होना क्यों जरूरी है ”  उसको पूरा करने के लिए स्वामी विवेकानंद से सिख लेना चाहिए .

 

तो दोस्तों आपको ये post ” जीवन में दृढ़ संकल्प होना क्यों जरूरी है “ केसी लगी हमे जरूर बताये और इसमें जो सिख है . आप उसे अपने जीवन में जरूर उतारे तभी हमारा जीवन सफल होगा और आप post से related अपने comments हमें बता सकते है हमे आपके comments का इंतजार रहेगा .

 

धन्यवाद

विजय पटेल

 

 

 

 

 

 

 

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