जानिए स्वतंत्रता दिवस Independence Day का महत्व

जानिए स्वतंत्रता दिवस Independence Day का महत्व

जानिए स्वतंत्रता दिवस Independence Day का महत्व – स्वतंत्रता दिवस हम सभी हिन्दुस्तानियों की आजादी का दिन माना जाता है, और यह दिन हर भारतीय के लिए एक गौरव का दिन होता है. दोस्तों हमारा देश भारत  अंग्रेजो के हाथो गुलाम था और लगभग 200 साल तक हमारे देश में अंग्रेजो ने राज किया तब हमारा देश गुलाम कहा जाता था, मगर आज हम स्वतंत्र है

 

हमारे देश के वीर सपूतो ने उनके बलिदान के द्वारा हमे अंग्रेजो से आजादी दिलवाई हमारा देश 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजो से आजाद हुवा था. और इस दिन को हम “Independence day/स्वतंत्रता दिवस” कहते है. तो दोस्तों आज हम इस post में हमको अंग्रेजो से आजादी किस प्रकार मिली क्या – क्या बलिदान देने पड़े सबको विस्तार से देखेंगे.

 

दोस्तों गुलामी बहुत बुरी चीज होती है, चाहे वो किसी इंसान की हो या किसी देश की हो गुलामी का जीवन दुनिया का कोई भी इंसान नहीं जीना चाहता, और इंसान क्या कोई भी जिव – जंतु हो सबको आजादी पसंद होती है, आप एक तोते को भी पिंजरे में कैद करके रखते है, तो यह भी सही नहीं है. उसमे वो तोता आपका गुलाम बन जाता है. वो  तोता अंदर ही अंदर कुडता रहता है, और एक गुलामी की जिंदगी जीने के लिए विवश हो जाता है.

वो तोता हर पल यही सोचता है की कैसे भी करके में इस गुलामी के जीवन से आजाद हो जाऊ और अपना जीवन जीते रहु. और जब वो पिंजरे से बाहर निकलने में सफल हो जाता है तो उस तोते के लिए वो दिन आजादी का या स्वतंत्रता का दिन बन जाता है.

 

और इसी तरह जब हमारा मुल्क (देश) भी जब अंग्रेजी हुकूमत के हाथो गुलाम था, तब देश का हर इंसान इस तरह के जीवन जीने से आजाद होना चाहता था. हर इंसान आजादी चाहता था.  और अंततः भारत आजाद हुवा पर आजादी के लिए उस समय के लोगो ने बहुत दुःख बहुत तकलीफे झेली कई मावो ने अपने बेटे खोये तो कई पत्नियों ने अपने पतियों को खोया अपने बच्चे खोये और कई बहनो ने अपने भाइयो को खोया युवाओ ने अपने देश की आजादी के लिए हस्ते – हस्ते बलिदान दे दिया उन्होंने अपने देश के लिए अपने जीवन को न्योछावर कर दिया सरदार भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव चंद्रशेखर आजाद जैसे कई वीर देश भक्त क्रांतिकारियोने हिंदुस्तान की आजादी के लिए अपना बलिदान दिया तब जाकर भारत गुलामी की बेड़ियों से छूटा और देश के सभी लोगो को आजादी मिली.

 

दोस्तों जैसे मैने आपको बताया की गुलामी का जीवन जीना सबसे ज्यादा खराब होता है, इंसान अपनी मर्जी से कुछ कर नहीं सकता कही आना – जाना नहीं कर सकता उसकी पूरी स्वतंत्रता किसी दूसरे व्यक्ति के हातो में आजाती है. अंग्रेजो ने हमारे देश को गुलाम बनाया और हमारे लोगो को उन्होंने बहुत यातनाये दी उनके शासन में सबकुछ उनकी ही मर्जी से होता था. वो जिसे चाहे उसे उठा ले जाते जिसे चाहे उसे मारते थे. गुलामी के इस दौर में देशवासियो के हाथो में कुछ भी नहीं था. न कानून उनके साथ था ना कोई नेता जो होता था वो अंग्रेजो के हिसाब से ही होता था.

 

हर इंसान अपने जीवन में स्वतंत्रता “In dependency” के लिए तरसता था. और जो लोग उस दौर में अंग्रेजो के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश करते वो बेचारे बे मोत ही मारे जाते थे. और इसी डर के कारण लोग उनकी यातनाये सहने के लिए मजबूर रहते थे.

दोस्तों ऐसा कहते है, मतलब आज भी कुछ लोग हमारे दादा की उम्र के हमे  मिल जायेगे जिन्होंने आजादी से पहले वाला गुलामी का समय देखा होगा वो बताते है, की अंग्रेज बहुत ही निर्दय होते थे. वो भोले – भाले लोगो को पकड़ के ले जाकर उनको मारते थे, उनको जो सुंदर औरत नजर आजाये वो उसे भी उठा कर ले जाते थे.

 

वो ना बच्चो पर दया करते थे ना बूढ़ो पर ना ही ओरतो पर जिसने भी गुलामी का दौर देखा है वो आज भी यह सुनकर ही डरने लगता है. इसी लिए मैने आपको बताया की गुलामी बहुत खराब होती है. चाहे वो कोई सी भी हो चाहे किसी इंसान के द्वारा इंसान की गुलामी या इंसान के द्वारा किसी जिव – जंतु को गुलाम बनाना दोस्तों मेरी आपसे यह रिकवेस्ट है, की आप भलेही कितने भी पावर फुल क्योना हो आप अपने से कमजोर को कभी ना डराए उसको कभी गुलाम ना बनाये सबको अपना जीवन अपनी मर्जी से जिनेदे.

 

पर दोस्तों कोई कब तक सहन करता है, जैसे मैने आपको ऊपर एक तोते का उदाहरण दिया था. की एक तोते को हम चाहे पिंजरे में कैद करके उसे गुलाम बनाले पर वो भी अपनी आजादी अपनी स्वतंत्रता के लिए कुछ ना कुछ तो कोशिश जरूर करेगा और एक दिन ऐसा भी आएगा जब वो पिंजरे से बाहर निकल कर उड़ जायेगा. और इसी तरह हिन्दुस्तानियों ने भी अंग्रेजो की यातनावो से निपटने की सोची और पुरे देश के हर इंसान ने अपने – अपने तरिके से अंग्रेजो से लड़ने की सोची कई लोगो ने आंदोलन किये किसी को नरमदल पसंद था तो किसी को गरमदल किसी को भगत सिंह पसंद था,  तो किसी को महात्मा गाँधी हर इंसान ने अपने – अपने स्तर पर देश को आजादी दिलाने के लिए संघर्ष करना शुरू किया.

और इस संघर्ष में कई लोगो ने अपने प्राणो की आहूति भी देदी दोस्तों आज भलेही हम 15  अगस्त के दिन हम बड़े गर्व से कहे की आज हम आजाद भारत में एक आजाद नागरिक का जीवन जीते है, पर आप कभी उन लोगो के जीवन के बारे में सोचकर देखो जिन लोगो ने उस दौर में देश को अंग्रेजी हुकूमत से आजादी दिलवाई और इन लोगो के अथक प्रयासों से अंततः देश को आजादी भी मिल गयी और परिणाम स्वरूप आज हम आजाद देश में आजाद नागरिक का जीवन जीते है. तो इसका श्रेय उन देश भक्तो को जाता है, जिन्होंने हस्ते – हस्ते अपने सीने पर गोली खाई अगर वो लोग अपने परिवार अपने माँ – बाप अपने बीवी बच्चो के बारे में सोचते और घर में बैठ जाते तो क्या हमे अंग्रेजो से आजादी मिलती नहीं मिलती इसलिए दोस्तों हमे उन देश भक्त क्रांतिकारियों को हाथ जोड़कर नमन करना चाहिए.

 

जानिए स्वतंत्रता दिवस Independence Day का महत्व”

 

भारत के स्वतंत्रता दिवस का महत्व –

दोस्तों आप सभी को यह तो पता ही है, की हमारे देश भारत में स्वतंत्रता दिवस Independence day हर साल 15  अगस्त को मनाया जाता है, और इस दिन स्वतंत्रता दिवस बड़े ही हर्ष और उत्साह के साथ मनाया जाता है. स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले ही देश के राष्ट्रपति द्वारा शाम के समय भाषण पेश किया जाता है जिसमे वो देश को सम्बोधित करते है.

 

अगले दिन भारत के प्रधानमंत्री द्वारा दिल्ली के लाल किले पर ध्वजारोहण किया जाता है. साथ ही 21  तोपों की सलामी भी दी जाती है. और फिर सब लोग एक साथ खड़े होके राष्ट्रगान गाते है. दोस्तों हम भारतवासी स्वतंत्रता दिवस को बड़े ही हर्ष के साथ मनाते है, और अपने देश के वीर शहीदों को याद करते है जिन्होंने अपने देश को आजादी दिलाने में अपने शरीर की आहूति दी.

स्वतंत्रता दिवस का महत्व हमे सबसे ज्यादा स्कूलों में, कालेजों में और विभिन्न संस्थावो में देखने को मिलता है, स्कूल के बच्चे विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेते है, और इस दिन सब लोग हर प्रकार के जात धर्म को भूलके  एक दूसरे के साथ खड़े होते है.

 

15  अगस्त के दिन पतंग उड़ाने का भी अपना ही अलग महत्व है, इस दिन भिन्न – भिन्न प्रकार की पतंगों से आकाश भर जाता है. और दोस्तों ज्यादातर पतंगे तिरंगे के रंग की होती है. जो भरतीय राष्ट्रीय ध्वज को प्रकाशित करती है. स्वतंत्रता दिवस Independence day को हम भारत की आजादी को याद करने के लिए मनाते है. तता उन विरो को याद करने के लिए मनाते है. जिन्होंने देश को आजाद कराने में अपना योगदान दिया.

 

भारतीय स्वतंत्रता दिवस का इतिहास –

1757  ईस्वी की प्लासी की लड़ाई और 1764  ईस्वी का बक्सर का युद्ध भारतीयों द्वारा हार जाने के बाद अंग्रेजो ने बंगाल पर ब्रिटिश ईस्ट इण्डिया कम्पनी द्वार अपने शासन का शिकंजा कसा और अपने शासन को मजबूत करने के लिए अंग्रेजो ने कई नियम (एक्ट) बनाये.

 

भारतीयों द्वारा 1857 ईस्वी में महान क्रांति की शुरुवात हुई. इसकी शुरुवात 10  मई 1857  ईस्वी में मेरठ में हुई. माना जाता है, की 1857 का जो विद्रोह था वो बहुत बड़ा विद्रोह था.

 

1858  ईस्वी में भारत का शासन कम्पनी के हाथो से छीनकर ब्रिटिश क्राउन अर्थात ब्रिटिश की राजशाही के हाथो सोप दिया गया था. इसके अतिरिक्त महात्मा गाँधी द्वारा अहिंसक आंदोलन की शुरुवात भी हुई थी.

 

इसी बिच भारतीय जनता धीरे – धीरे अपना विकास कर रही थी. और इसके परिणामस्वरूप 1885  में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी का निर्माण हुवा.

 

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा 1929 को पूर्ण स्वराज की घोषणा की गयी. 1947 में प्रधानमंत्री क्लीमेंट एटली ने यह घोषणा कि की 1948  में ब्रिटिश सरकार भारत को पूर्ण स्वतंत्रता का अधिकार सौपेगी.

 

1947  ईस्वी के भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम के अनुसार भारत को दो अधिराज्यों में बाटा गया (भारत तथा पाकिस्तान) देश को बाटने के बाद महात्मा गाँधी की मदद से भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू बने.

 

भारत देश की स्वतंत्रता के लिए अनेको विरो ने देश के प्रति अपना बलिदान दिया. महात्मा गाँधी जैसे कई भारतीय देशभक्तो के नेतृत्व में लोगो ने अहिंसक प्रतिरोध और आंदोलनों में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया.

स्वतंत्रता के बाद भारत दो भागो में बाटा गया जिसे भारत तथा पाकिस्तान नामक दो नए देशो का उदय हुवा, भारत के विभाजन के बाद अनेक दंगे, हिंसा और अनेक प्रकार की बहुत सारी घटनाये हुई और जिसमे बढ़ी संख्या में लोगो का विस्थापन हुवा.

 

अधिक मात्रा में जितने भी मुस्लिम धर्म के लोग थे. वे पाकिस्तान चले गए और जितने भी हिन्दू एवं सिख के लोग थे. वे भारत  आगये.

 

स्वतंत्रता दिवस Independence day का उत्सव –

दोस्तों भारत के राष्ट्रीय अवकाश के रूप में पुरे भारत में स्वतंत्रता दिवस को मनाया जाता है. इसे हर साल प्रत्येक राज्य और और केंद्र शासित प्रदेशो में और प्रत्येक जिलों और प्रत्येक गावो में पुरे उत्सुकता से मनाया जाता है. स्वतंत्रता दिवस के एक दिन पहले की शाम को “राष्ट्र के नाम सम्बोधन” में हर साल भारत के राष्ट्रपति भाषण देते है. 15  अगस्त को देश की राजधानी में पुरे जूनून के साथ इसे मनाया जाता है. जहा दिल्ली के लाल किले पर भारत के प्रधानमंत्री झंडा फहराते है. ध्वजारोहण के बाद, राष्ट्रगान होता है, 21 तोपों की सलामी दी जाती है. तथा तिरंगे और महान पर्व को सम्मान दिया जाता है.

 

दोस्तों स्वतंत्रता सेनानियों और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के नेताओ जिन्होंने अपने प्राणो की आहुति दी थी. और उनको श्रध्दांजलि के बाद, स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण के दौरान भारत के प्रधानमंत्री पिछले साल की उपलब्धियों, महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दे और उनके हल, देश के आगे का विकास, शिक्षा आदि को रेखांकित करते है, पैरामिलेट्री फोर्सेस और भारतीय सेनिको द्वारा भव्य मार्च पोस्ट किया जाता है. विभिन्न सांस्कृतिक परम्पराये अलग – अलग राज्य में स्वतंत्रता दिवस का उत्स्व मनाया जाता है. जहा हर राज्य का मुख्य मंत्री तिरंगे को  फहराता है, जोकि प्रतिभागियों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक क्रिया- कलापो द्वारा लहराया जाता है.

 

ध्वजारोहण, राष्ट्रगान, परेड समारोह, दूसरे सांस्कृतिक कार्यक्रम सहित लगभग सभी सरकारी और गैर- सरकारी संस्थान, शिक्षण संस्थान, कुछ निजी संस्थान आदि पुरे देश में होता है. स्कूल तथा कॉलेजों में प्रधानाचार्य द्वारा झंडा फहराया जाता है. और फिर वहा के विद्यार्थियों द्वारा परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जाता है. और जो विद्यार्थी  इस प्रतियोगिता में विजय होते है उनको उचित इनाम दिया जाता है.

 

इस दिन पर, सरकारी कार्यालय, बिल्डिंग आदि को रौशनी, फूलो और दूसरे सजावटी सामानो से सजाया जाता है. अलग – अलग लम्बाई के झंडे के द्वारा लोग देश के प्रति अपने समर्पण और प्रतिबद्धता  को दर्शाते  है, कुछ लोग अपनी शर्ट की जेब पर तिरंगा लगा कर बड़े गर्व के साथ घूमते है,  कई लोग अपनी सायकल, मोटरसायकल पर भी तिरंगा लगाकर बड़े गर्व के साथ पुरे शहर में घूमते है. कुछ लोग अपने मकान की छत पर भी तिरंगा फहराते है.

 

दोस्तों स्वतंत्रता दिवस Independence day को मनाने के दौरान आतंकवादी हमलो का भी बड़ा खतरा रहता है, खासतौर पर दिल्ली, मुंबई, तथा जम्मू-कश्मीर जैसे बड़े शहरों में इसी वजह से इस अवसर पर हवाई हमलो से बचने के लिए लाल किले के आस – पास के छेत्र को “नो फ़्लाइंग जोन” घोषित कर दिया जाता है. और प्रधानमंत्री की भी इस दिन कढ़ी सुरक्षा की जाती है. सुरक्षा कारणों से पुरे शहर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाती है. पुरे देश के लोगो के लिए इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया जाता है.

 

इस अवसर को लोग अपने दोस्त, परिवार, और पड़ोसियों के साथ फिल्म देखकर, पिकनिक मनाकर, सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेकर मनाया जाता है. इस दिन पर बच्चे अपने हाथ में तिरंगा लेकर ‘जय जवान जय किसान’ और दूसरे प्रसिध्द नारे लगाते है.

 

दोस्तों 15 अगस्त के दौरान बारिश का मौसम होता है, और इस दिन सारे देश में छुट्टी का दिन होता है और देश के कई सारे लोग इस दिन प्राकृतिक सौंदर्य को निहारने के लिए अपने घरो से दूर नदियों, पहाड़ो, झरनो को निहारने जाते है, और स्वतंत्रता दिवस का पर्व बड़े ही हर्ष उल्लास के साथ मनाते है.

 

और दोस्तों हम लोग स्वतंत्रता दिवस Independence day  कैसे मनाते थे, जब हम बच्चे थे तो उस समय केबल कनेक्शन का ज्यादा दौर नहीं था. हमारे समय में केवल टीवी पर एक ही चलन दूरदर्शन आता था. और स्वतंत्रता दिवस के दिन एक देश भक्ति की फिल्म आती थी. तो हमे उस फिल्म का बड़े ही बेसब्री से इंतजार रहता था. और हम लोग दिन – भर घूमके शामको सब काम छोड़के फिल्म देखते थे. और बहुत मजे आते थे.

 

जानिए स्वतंत्रता दिवस Independence Day का महत्व

 

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्वतंत्रता दिवस

प्रवासी भारतीयों विषेशकर भारतीय अप्रवासियों की उच्च सघनता के क्षेत्रों में परेड और प्रतियोगिताओ के साथ दुनिया भर में स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है. न्यूयार्क, कनाडा और अन्य अमेरिकी शहरों में कुछ स्थानों में , 15 अगस्त प्रवासी और स्थानीय आबादी के बिच में भारत दिवस बन गया है, यहा लोग 15 अगस्त के आसपास या सप्ताह के अंतिम दिन पर भारत दिवस मनाते है और कई प्रतियोगिताएं रखते है.

दोस्तों कहते है, जो इंसान जिस देश का रहने वाला है उसने जहा जन्म लिया है जिस माटी में उसने अपना बचपन गुजरा है, वो दुनिया के किसी भी कोने में क्योना चले जाये वो अपने देश को कभी नहीं भूलता और न ही यहा के त्योहारों को भूलता है, स्वतंत्रता दिवस को दुनिया भर में रहने वाले भारतीय बड़े ही गर्व के साथ मनाते है और अपने देश हिन्दुस्तान को और अधिक तरक्की करने की कामना करते है.

 

भारत के स्वतंत्रता सेनानियों के नाम –

दोस्तों वैसे तो देश को आजादी दिलाने में सम्पूर्ण देशवासियो का योगदान है. सभी ने अपने खून से होली खेलकर इस देश को आजाद करवाया है. सब देशवासियो का योगदान अग्रणीय है. लेनिन में आपके सामने कुछ ऐसे स्वतंत्रता सेनानियों के नाम रखना चाहता हु , जिनका देश की आजादी में अहम योगदान रहा.

महात्मा गाँधी,  भगत सिंह, चंद्र शेखर आजाद, सुभाष चंद्र बोस, बालगंगाधर तिलक, सरदार वल्ल्भ भाई पटेल, विनायक दामोदर सावरकर, बटुकेश्वर दत्त, दुर्गावती देवी, रास बिहारी बोस, रामप्रसाद बिस्मिल, गणेश दामोदर सावरकर, भीमराव अम्बेडकर, खुदीराम बोस, अशफाकुल्ला खा, मदनलाल ढींगरा, एनी बिसेट, लाला हरदयाल, अल्लुरी सतराम राजू, माखन लाल चतुर्वेदी, बिसरा मुंडा, हेमू कालानी, सुखदेव, राजगुरु, दादाभाई नोरजी, भीमाजी काका, गोपाल कृष्ण गोखले, बिपिन चंद्र पाल, लाला लाजपत राय, राममनोहर  लोहिया, मौलाना अबुल कलाम आजाद, सरोजनी नायडू, डॉ राजेंद्र प्रसाद, शहीद उधम सिंह, लाल बहादुर शास्त्री, मंगल पांडे, टीपू सुल्तान, बहादुर शाह जफर, बाबू कुंवर सिंह, आचार्य कृपलानी, रानी लक्ष्मी बाई, चितरन्ज दास, हेमू कालानी, अनंत लक्ष्मण कनहर.

दोस्तों वैसे स्वतंत्रता सेनानी तो और भी थे पर मैने आपके सामने कुछ चंद नाम यहा रखे है.

 

तो दोस्तों यह थी पोस्ट “जानिए स्वतंत्रता दिवस Independence day का महत्व” तो आपको यह पोस्ट कैसी लगी प्लीज़ हमे जरूर बताये और मित्रो अंत में,  मै आपको बस यही बात कहना चाहता हु, की जो हम आज की पीढ़ी है उसने यह गुलामी वाला दुःख नहीं देखा है और जिसने देखा है उससे पूछे की उस दौर में कितनी तकलीफे झेलनी पड़ती थी, तो मेरा आपसे बस इतना कहना है की हमे जो आजादी मिली है, हमे इस आजादी को संभाल कर रखना है मतलब हमे अब अपने देश को आगे बढ़ाना है अब कोई विदेशी अपने देश को आंख नहीं दिखा पाए ऐसी कोशिश करना है हमे हमारे देश को एक शश्क्त राष्ट्र बनाना है.

 

दोस्तों आपके पास भी Independence day के ऊपर कोई विचार या सुझाव हो तो आप हमे comments  के माध्यम से भेज सकते है.

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