जानिए हमे जीवन में कैसी शुरुवात करना चाहिए

जानिए हमे जीवन में कैसी शुरुवात करना चाहिए – दोस्तों हम किसी भी चीज या किसी भी काम की शुरुवात करते है तो वो दो प्रकार की होती है. एक तो अच्छी तेज शुरुवात और एक धीमे शुरुवात और आप एक बात जानले की दोनों प्रकार की शुरूवातो का अपना – अपना, अलग – अलग महत्व है. मतलब हमे यह देखना होगा की किस समय हमे कोन सी शुरुवात करना चाहिए. तो आज हम इस post में यही जानेगे की आख़िर शुरुवात या Start होता क्या है.जानिए हमे जीवन में कैसी शुरुवात करना चाहिएजैसा की हम आज तेज शुरुवात और धीमी शुरुवात के बारे में जान रहे है तो दोस्तों यह हमे जानना बहुत जरूरी है, की किस समय हमे तेज शुरुवात करना है और कब धीमे हम एक उदाहरण देखते है, हम सब Cricket  Match  देखते है. और Cricket में तीन तरह के format  होते है, T – 20 , One Day, और Test  Match. और तीनो ही format में खेलने का तरीका अलग होता है. जैसा की हम T – 20 देखते है तो उसमे बेस्टमैन को तेज शुरुवात करना होता है.

और One Day Match में थोड़ी उससे कम और Test Match में धीमी शुरुवात होती है. तो यह क्या होता है, खेलने वाले खिलाडी भी वही होते है, खेल भी वही होता है. पर दोस्तों परिस्तिथि भिन्न हो जाती है

और इसी परिस्तिथि की वजह से खेल को खेलने का तरीका भी बदल जाता है. ऐसा नहीं है की बैट्समैन Test  Match  में तेज शुरुवात नहीं कर सकता या वह ज्यादा रन नहीं बना सकता पर वह सिचवेशन ही ऐसी होती है जिस वजह से उसे धीमे – धीमे खेलना पड़ता है. वो उस समय की मांग होती है.

मेरा आपको यह उदाहरण देने का मतलब शायद आप लोग समझ ही गए होंगे और जो नहीं भी समझे है उनको में समझता हु, दोस्तों हमारे जीवन में भी कई बार हमारे सामने ऐसी परिस्तिथिया आजाती है.

जब हमे धीमे या तेज शुरुवात करने की जरूरत पढ़ती है, और यह परिस्तिथि हमारे सामने कई जगह आती है. जैसे हमारे काम में हमारे रिश्तो में और भी अन्य जगहों पर हमे इस प्रकार की शुरुवात की जरूरत होती है. मगर कई बार हम परिस्तिथी को समझ नहीं पाते और उससे विपरीत कदम उठा लेते है और उस वजह से हमे बाद में पछताना पढ़ता है.

दोस्तों जैसे हम तेज शुरुवात के कुछ उदाहरण देखते है, की जब कोई रेस होती है, तो उसमे कई खिलाडी दौड़ लगाते है, तो उस जगह पर हमे तेज शुरुवात करने की जरूरत होती है, और अगर वहा हम धीमे दोड़ेगे तो हम पीछे रह जायेगे हार जायेगे.

कई बार हम देखते है की हमे कोई बस या ट्रैन पकड़ना होती है, तो हमे उस समय तेज भागना पड़ता है, अगर जब तेज नहीं जायेगे तो हमारी बस या ट्रैन निकल जाएगी. इस लिए हमे परिस्तिथी के अनुसार कदम बढ़ाना पड़ता है.

जानिए हमे जीवन में कैसी शुरुवात करना चाहिए”

और धीमी शुरुवात के उदाहरण क्या है, धीमी शुरुवात में जब कोई बच्चा अपनी क्लास में पढ़ाई करता है तो उसे पुरे साल पड़ना होता है, और अपनी पढ़ाई को निरंतर करना होता है, एक स्कूल का बच्चा ऐसा  नहीं कर सकता की  एक बार में पुरे साल की पढ़ाई करले वहा उसे समय देना पड़ता है जैसा टेस्ट मैच में पांच दिन का वक्त होता है उसी प्रकार एक क्लास में भी पूरा एक साल का वक्त होता है.

और उस एक साल के दौरान ही अच्छी पढ़ाई करना होती है. हम किसी  job Interview की preparation  करते है, तो वहा भी हमे पूरी समझदारी और समझ – बुझ के साथ अपनी तैयारी करना पड़ती है. हम उस तेयारी को भी तेजी से नहीं कर सकते उसमे भी धीमे शुरुवात की जरूरत होती है.

और दोस्तों मैने आपको यह भी बताया की हमे रिश्तो में भी कैसी शुरुवात करना है उसे समझना होता है कई बार ऐसा होता है की रिस्तो मे छोटी – छोटी बातो की वजह से दरार पड़ जाती है, और वो रिस्ता उस समय टूटने की कगार पर आजाता है.

तो दोस्तों यहा शुरुवात का मतलब यह है की हमे अपने रिश्तो को समझ कर किस समय कैसी बात या कैसा जवाब देना है यह समझना होगा मानलो आपका किसी बात पर आपकी पत्नी के साथ झगड़ा हो जाता है, तो उस समय आपको धीमे याने कुल होने की जरूरत होती है. अगर हमने वहा भी तेज याने घुस्सा दिखाया तो हमे उसका बहुत बुरा परिणाम भुगतना पड़ सकता है.

और दोस्तों कुछ लोग ऐसे भी होते है जो बहुत घुस्से वाले होते है, और ऐसे लोग कही काम करते है तो बहुत जल्दी झगड़ा करते है मानलो कोई ऐसा घुस्सेल व्यक्ति किसी Office में काम करता हो और उसकी उसके बोस के साथ बात – चित हो जाती है, तो वो सहन नहीं करता मगर उस समय ऐसा नहीं करना चाहिए ऐसे में इंसान को धीमी याने ठन्डे तरिके से काम करना चाहिए है, और सामने वाले से बात करना चाहिए है ताकि जिससे कोई नुकसान ना हो.

तो दोस्तों मुझे लगता है, की मैने आपको इस post में जो भी समझाने की कोशिश करी उसे आपने समझा होगा. और आप भी अपने जीवन में हमेशा परिस्तिथी को देखकर ही कदम उठाएंगे आप हमेशा इस बात का ध्यान रखेंगे की किस समय घुस्सा करना है

और किस समय प्यार दिखाना है. हमे समय के अनुकूल काम करना है उसके विपरीत नहीं जाना है और दोस्तों जो इंसान समय को समझ के काम करता है वो कभी बाद में नहीं पछताता उसका काम भी हमेशा सफल होता है. और हम ऐसे लोगो से सिख भी सकते है.

तो दोस्तों आपको यह post  ” जानिए हमे जीवन में कैसी शुरुवात करना चाहिए ” कैसी लगी प्लीज़ हमे बताये और में आशा करता हु, की आप भी अपने जीवन में हमेशा अच्छी और पोसिटिव शुरुवात करेंगे और सब को समझायेंगे और आप इस post संबंधित अपनी राय हमे Comments के माध्यम से भेज सकते है.

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