होली क्या है हम क्यों मनाते है

होली क्या है हम क्यों मनाते है

 

दोस्तों हिंदुवो का होली एक बहुत बड़ा त्यौहार है , और हम इसे बड़े धूम – धाम से मनाते है , होली का पौराणिक तोर पे भी बहुत महत्व है तो आज हम इस post  ” होली क्या है हम क्यों मनाते है “ मै होली के बारेमे देखेंगे .

 

होली कब मनाते है –

दोस्तों होली बसंत ऋतू मै मनाया जाने वाला त्यौहार है. और यह त्यौहार हिन्दू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है . और इसे फाल्गुन माह मै मनाने के कारण फाल्गुनी भी कहते है . और यह त्यौहार बसंत पंचमी  से ही शुरू हो जाता है . जिसे बसंत की ऋतू मै हर्ष उल्लास के साथ मनाया जाता  है . इस लिए इसे वसंतोत्स्व और काम महोत्सव भी कहा जाता है .

 

और ये त्यौहार इस लिए भी खास रहता है. की इस समय पर किसानो का अनाज भी काटता है . गांव – गांव मै खुशहाली रहती है , और लोगो के चेहरे पर खुशी भी रहती है . जो अपने काम के साथ – साथ होली मनाते है .

 

होली क्या है हम क्यों मनाते है:

 

हम होली क्यों मनाते है 

दोस्तों होली के त्यौहार के बारे मै इतिहास मै कई कथाये प्रचलित है . की  किस – किस कारण होली मनाते है , पर ज्यादातर एक कथा  का महत्व है की जब भग्त प्रहलाद को मारने मै लिए उनके पिता ने अपनी बहन होलिका को बुलाया था. यह कथा ज्यादा चलती है .

 

दोस्तों अब मै आपको detail  वो कहानी बताता हु , जिस कारण होली मनाई जाती है .

 

Also Read – बसन्त पंचमी क्या है और ये क्यों मनाई जाती है

 

दोस्तों भक्त  प्रहलाद श्री हरी विष्णु के परम् भक्त थे . प्रहलाद का पिता देती राज  हिरण्यकश्यप एक नास्तिक और अत्यंत निर्दयी और अत्याचारी था . उसके अपने पुत्र प्रहलाद से विष्णु भक्ति  छोड़ने को कहा , लेकिन प्रह्लाद ने अपनी विष्णु भक्ति  नहीं छोड़ी

 

इसके बाद हिरण्यकश्यप ने अपने बेटे की भक्ति को देखते हुए उसे मरवाने का निर्णय लिया उसके साथ कई अत्याचार किये उसे कई बार मारने का प्रयत्न किया उसे पहाड़ से फेका उसे नदी मै फेका पर वो अपनी अटूट भक्ति के कारण हर बार बच जाता था .

 

Also Read – लोहड़ी क्या है कैसे मनाई जाती है

 

किन्तु उसके पिता की कोई भी कोशिश सफल नहीं हुयी . इसके बाद हिरण्ययकश्यप ने अपनी बहन होलिका को प्रह्लाद को मारने का काम सोपा हिरण्ययकश्यप की बहन को यह वरदान था. की वह आग मै कभी जल नहीं सकती . हिरण्ययकश्यप के आदेश पर होलिका प्रह्लाद को जलती हुई आग मै लेकर बैठ गई .

 

परन्तु होता क्या है . जब होलिका प्रह्लाद को आग मै लेकर बैठी तो आग से होलिका जल गई , लेकिन प्रह्लाद बच गया . इसलिए दोस्तों प्रह्लाद की याद मै होली जलाई जाती है . और प्रहलाद का अर्थ आन्नद होता है . वेर व् उत्पीड़न की प्रतीक होलिका जलती है , प्रेम और उल्लास का प्रतीक प्रहलाद अक़छुणय रहता है . और इसी लये हम यह त्यौहार मनाते है .

 

Also Read – दिवाली क्यों मनाते है

 

पर दोस्तों आपको पता है की हमे इस कहानी से क्या शिक्षा मिली हमे इस कहानी से यह शिक्षा मिलती है . की अगर कोई अपनी शक्तियों का दुरूपयोग करता है . अर्थात अपनी शक्ति का प्रयोग बुरे काम के लिए करता है तो उसकी शक्ति भी नहीं रहती और वो इंसान भी नहीं बचता . तो हमे जीवन मै अच्छे काम करना है , होलिका जैसा नहीं जिसने बिना विचारे अपने भाई के कहने और प्रहलाद को आग मै लेके बैठ गई और मर गई ऐसे काम हमे नहीं करना है .

 

 

Also Read – महशिवरात्रि क्या है और यह क्यों मनाई जाती है

 

और दोस्तों होली का त्यौहार भारत के तो गांव – गांव और शहर – शहर मे तो मनाया ही जाता है . पर इसे सारी दुनिया मै भी कई जगह पर मनाया जाता है . और लोग इस दिन अपने सारे काम छोड़ सारी टेंशन छोड़ होली के रंग मै रंग जाते है . और पुरे हर्ष – उल्लास के साथ होली मनाते है . और कहा भी गया है की होली के दिन दिल मिल जाते है और दुश्मन भी गले मिल जाते है .

 

दोस्तों होली आज से ही नहीं युगो – युगो से मनाई जा रही है . आपने सुना होगा की बरसाने में श्रीकृष्ण गोपियों के साथ होली खेलते थे मथुरा ब्रिंदाबन में भी होली खेली जाती थी . और सभी गांव वासी एक साथ मिलकर त्यौहार मनाते थे . और होली खेलते थे . और वो परम्परा आज देश में मनाई जाती है .

 

और होली रंगो का त्यौहार है इस दिन हर इंसान एक दूसरे को रंग लगाता है . और इस त्यौहार को हिंदुस्तान ही नहीं सारी दुनिया में बहुत ही मनोरम ढंग से मनाया जाता है . और लोग इस दिन की बहुत पहले से तैयारी करते है . और आपने देखा होगा की होली का बच्चो में बहुत crage होता है बच्चे होली हो बहुत ही हर्ष के साथ मनाते है .

 

बच्चे होली की तैयारी 2 – 4 दिन पहले से ही करने लगते है , और उनको होली के दिन school से भी छुट्टी मिलती है . तो वो सारा दिन अपने दोस्तों के साथ मिलकर होली खेलते है . और इस त्यौहार को इंजॉय करते है .

 

अर्थात इस दिन इंसान अपना सारा बेर भी भुला देता है . अपने दुश्मन को भी Colour लगा देता है . जिससे उसकी पुनः दोस्तों भी हो जाती है . और आप भी अच्छे से इस त्यौहार को मनाये इसी के साथ ” हैप्पी होली “.

 

दोस्तों हमारे Bollywood  का और होली का भी बहुत ही चोली दामन का साथ है . जब से हमारे देश में फिल्मे बन रही है तभी से फिल्मो में होली दिखाई गयी है . पूराने से लेकर नए दौर में भी फिल्मो में होली के सीन्स दिखाए जाते है .

 

हम नवरंग से लेकर बलम पिचकारी तक का दौर फिल्मो में देखते है . की किस तरह होली को फिल्माया जाता है . अपने एक बहुत ही चर्चित और super hit  फिल्म देखी होगी जिसका नाम है . शोले और शोले movie  में भी होली दिखाई गयी थी . और उस फिल्म का गाना हम आज भी सुनते है उसे पसंद करते है .

 

और दोस्तों नया दौर होया पुराना Bollywood  की  फिल्मो में होली का महत्व रहता ही है .  आज की फिल्मे भी इस पर बनती है . और फिल्मे बनने के साथ – साथ वो हमे सिख भी देकर जाती है . और हम नए – नए आधुनिक होली खेलने के तरिके फिल्मो से सीखते है .

 

तो दोस्तों आपको यह post  ” होली क्या है हम क्यों मनाते है ” कैसी लगी pliz  हमे बताये और मे आशा करता हु, की आप किसी से बिना विवाद होली मनाएंगे और सब मे प्यार के रंग भरेंगे .

 

और आप इस post से Related अपने विचार हमे Comments के माध्यम से भेज सकते है हमे आपके Comments का इंतजार रहेगा .

 

धन्यवाद

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.