हम अपने बच्चो को कैसे control करे

हम  अपने  बच्चो  को  कैसे  control करे  – आज  ये  post में  Thoughtking पर  आपके  लिए  लाया  हु.

जो  आपको  बहुत  पसंद  आएगी  और  ये  आपकी  life में  बहुत  कुछ  नया  करके  जाएगी .

 

हम  अपने  बच्चो  को  कैसे  control करे

दोस्तों  आज  मै  सुबह  – सुबह  news सुन  रहा  था  तो  उसमे  एक  news आरही  थी

 

की  एक  7 साल  का बच्चा  अपने  पिता  की  रिपोट  लिखवाने  थाने  पहुंच  गया  की ” मेरी  पिता  मुझे  बहुत  मारते  है” . तो  दोस्तों  ये   क्या  होरहा  है.  7 साल  का  बच्चा   थाने  क्यों  पहुंच  जाता  है .

 

क्या  हमारी  परवरीश  कमजोर  होगई  है , या  आज  के  बच्चे  इतने  क्रोधी  और  इतने  चिढ  – चिढ़े  होगये  है , क्या  आज  के  बच्चे  बिलकुल  सहनशील  नहीं   है .

 

जो  जरासी   बातो  पे  नाराज  हो  जाते  है . और  घर  से  भागने  की  या  कुछ  और  करने  की  धमकी  देते  है . और  हम  उनके  इस  प्रेशर  मै  आजाते  है  और  उन्हे  कुछ  बोल  नहीं  पाते  और  वो  अपनी  मन  मर्जी  के  काम  करते  है .

 

हम  अपने  बच्चो  को  कैसे  control करे:

 

दोस्तों  क्या  मै  आपसे  पुछू  की  इसकी  शुरुआत  कहा  से  होती  है . और  कौन  है  इसका  जिम्मेदार  जो  आज  हमारे  बच्चे  ऐसे  होते  जारहे  है . मित्रो  मै इस  का  जिम्मेदार  किसी  और  को  नहीं  बच्चो  के  पेरेंट्स  कोही मानता हु ,

 

जो  शुरुआत  से  ही  उनकी  आदत  ऐसी  बना  रहे  है . जिससे  हमे  आगे  चलके  इसका  परिणाम  भुगतना  पढ़  रहा  है . दोस्तों  हमारा  लाढ़ – प्यार  और  आज   की  technology इन  सब  का  कारण  है  कैसे  मै  आपको  बताऊंगा

 

इसके  पहले  हम  कुछ  पीछे   की  बात करते  है  . दोस्तों  हम  हमारी  आजकी  पीढ़ी  जो   अभी  2 – 15 साल  के  बच्चे  हे.  उनके  पहले  की पीढ़ी  जब  हम  बच्चे  थे. उसकी  बात  करते  है,

 

क्या  उस  समय  भी  हम  ऐसा  ही  करते  थे . क्या  हम  भी  बहोत  क्रोधित  होते  थे . या  घर  से  भागजाते  थे.  या  ऐसा काम  जो  हमे  नहीं  करना  चाहिए  मुझे  नहीं  लगता  दोस्तों  हमारी  पीढी ने  कभी  कोई  ऐसा  काम  किया  होगा  जो  आज  के  बच्चे  करते  है .

 

और  दोस्तों  हमारी  तुलना  मै   आज  के  बच्चो  को  मार  भी  नहीं  पढ़ती  है  . हमें  तो  बहुत  मार  पढ़ती  थी . और  पहले  के  Teachers भी  बहुत  मारते  थे  अगर  आज  के  Teachers भी  बच्चो  को  नहीं  मारते  पहले  माँ  – बाप  ही  बोलते  थे .

 

“की  इनको  कितना  भी  मारो  पर  ये  सीखना  चाहिए ” . मगर  आज  के  बच्चो  को  अगर  हाथ  लगादो  तो  उसके  पेरेंट्स   ही  लड़ने  आजाते  है , की  आपने  हमारे  बच्चे  को  क्यों  मारा . मगर  पहले  ऐसा  नहीं  था  किसी  के  घर  की  कोई  बंदिशे  नहीं  थी  Teachers को  पूरा  Power था .

 

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दोस्तों  मै  समझता  हु , ये  जो  होरहा  है  हमारी  आज  की  परवरीश  का  ही  नतीजा  है  दोस्तों  मै  आपको  बताऊ  “जब  हम  छोटे  थे  तो  हमारे  पिता  हमारे  दादजी   के  सांमने   अपने  लड़का  – लड़की  को  नहीं  उठाते  थे “.

 

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यहा  तक  की   उनके  सामने  बच्चे  से  बात  भी  नहीं  करते   थे  . इससे  बच्चा  अपने  पिता  से  डरता  था . और  उनकी  इज्जत  करता  था  मगर  दोस्तों  आज  के  दौर  मै  क्या  होता  है  ,

 

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कोई  पिता  अपने  बच्चे  को  किसी  के  भी  सामने  उठालेता  है  , चाहे  दादा – दादी  हो  चाहे  नाना  – नानी  या  कोई  और  किसी  की  भी  शर्म  नहीं  रखते  है  पर  पहले  शर्म  रखी  जाती  थी .

 

पर  दोस्तों  जो  आज  के  दौर  मै  क्या  हो  रहा  है  , की  हम अपने  बच्चे  को  इतना  लाढ़  – प्यार  करते  है . की  उसकी  किसी  गलती  को  नहीं  देखते  उसकी  सब  गलतियों  पर  परदा  डालते  चले  जाते  है, पर  हमे  ये  नहीं  पता  की  इसका  परिणाम  आगे  जाके  क्या  होगा  .

 

दोस्तों  हमे  बचपने  मै  बच्चे  को प्यार   देना  ही  दिखता  है  , पर  उस  चक्कर  मै  हम  उनको  अच्छे  संस्कार  देना  भूल   जाते  है  , हम  उनको  जिंदगी  जीना  भी  नहीं  सीखा  पाते  इसके   फलस्वरूप  वो  हमारे  ही  दुश्मन  बन  जाते  है .

 

और  एक  खास  बात  आज  के  दौर  मै  जो  हम  बच्चो  को  छोटी  उम्र  से  ही  technology से  जोड़ते  जारहे  है.

 

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इसका  बहुत  दुष  परिणाम  होरहा  है , आज  के  दौर  मै  लोग  5 साल  के  बच्चो  के  हाथो  मै  ही  smart phone with internet देदेते है .  दोस्तों  इतनी  कम  उम्र  के  बच्चो  को  mobile देना  अच्छा  नहीं  है .

 

हमे  बच्चो  को  ऐसी  बाते  बतानी  है . जिससे  उनकी  बुद्धि  का  विकास  हो  और  उनमे  संस्कार  आए  नाकी  technology के  पीछे  भागे  हम  ऐसा  करते  है . की  अगर  बच्चा  नाराज  है .

 

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तो  उसे  खुश  करने  के  लिए  उसको  phone पकड़ा  देते  है  . की  इसमें  game खेलो  , लेकिन  दोस्तों  बच्चा  अभी  तो  शान्त  हो  जाता  है  . पर  उसमे  अब  ये  आदत  बन  जाती  है .

 

और  वो  धीरे  – धीरे  इन  चीजों  का  आदि  होता  जाता  है

 

इसी  लिए  हमे  हमारे   बच्चो  को  technology से  कुछ  हद  तक  दूर  रखना  है. और  किसी  दूसरे  पर  यानी  Teacher पर  प्रेशर  नहीं  बनाना  है . अगर  बच्चा  गलती  करता  है, तो  उसे  जरूर  डाटना  है .

 

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ताकि  दोस्तों  वो  आगे  जाके  गलती  ना   दोहराये  और  हमे  उसे  रिश्तो  की  अहमियत  भी  समझानी   है , और  ज्यादा  लाढ़  – प्यार  भी  नहीं  करना  है , ताकि  फिर  आगे  जाके  ऐसी  नौबत  ना आए  जो  मैने  आपको  ऊपर  बताई  थी.   की  बच्चा  पिता की  रिपोर्ट  लिखवाने  पहुंच  गया .

 

तो  दोस्तों  आपको  ये  post  “हम  अपने  बच्चो  को  कैसे  control करे ” केसी  लगी  हमे  जरूर  बताये , और  दोस्तों  मै आशा  करता  हु , की  आप  मेरी  इस  post से  जरूर  सीखेंगे  और  अपने  बच्चो  को  सही  तरिके  से  सुधार  ने  की

 

कोशिश  करेंगे  और  दोस्तों  आपके  पास  अगर  post से  related कोई  सुझाव  हो  तो  आप  हमे  comments के  माध्यम  से  बता  सकते  है  . हमे  आपके  comments का  इंतजार   रहेगा . ताकी  हम  इससे  और  अच्छा  लिख  सके  .

 

धन्यवाद

विजय  पटेल

 

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