दिलो को जोड़ने वाला FIFA World Cup और Football का इतिहास

दिलो को जोड़ने वाला FIFA World Cup और Football का इतिहास

दिलो को जोड़ने वाला FIFA World Cup और Football का इतिहास – दोस्तों  हम  सब  लोग  जिस  चीज  का  बहुत  बेसब्री  से  इंतजार  करते  है  और  जिसके  लिए  दिल  थाम  कर  बैठते  है  वो  है  “FIFA World Cup”. दोस्तों FIFA World Cup Football के world cup को  कहा  जाता  है. और  आप  जानते  ही  हो  की  Football दुनिया  का  सबसे  ज्यादा  खेले  जाने  वाला Game है. यह  सारे  विश्व  में  बहुत  ही  जोर  शोर  से  खेला  जाता  है. और  जब  world cup आता  है  तो  लोगो  में  इसका  एक  अलग  ही  नशा  बन  जाता  है. इस  खेल  में  कई  देशो  की टीम भाग  लेती  है  और  अपना  जज्बा  दिखाती  है.

 

दोस्तों  दुनिया  में  जितने  भी  खेल  खेले  जाते  है  उनमे  सबसे  अधीक  Football ही  खेला  जाता  है  और  दुनिया में सबसे  अधिक Football खेलने  वाले  देशो  की  संख्या  है. और  दूसरे  खेल  भी  है, जैसे  Cricket ,होकि,कबड्डी या  अन्य  इन  की  संख्या  कम  है  हम  Cricket world cup भी  देखते  है  इसमें  सिर्फ  10 -12 Teams ही  होती  है, और  अन्य  खेलो  में  भी  कम  Teams होती  है  मगर  Football world cup में  50 – 60 Teams खेलती  है.

 

और  अगर  हम  इन  के  प्रशसंको  की  बात  करे  तो  FIFA World Cup को  देखने  वालो  की  संख्या  अरबो  में  है. दोस्तों  और  एक  खास  बात  इस  Football world cup को  जो  देश  खेलते  है  वहा  के  लोग  तो  देखते  ही  है. पर  जिन  देशो  की  Team इसमें  नहीं  होती  वहा  के  लोग  भी  इसे  देखते  है. और  इसका  समर्थन  करते  है.

 

और  जैसा  मेने  post का  टायटल  दिया  की  दिलो  को  जोड़ने  वाला  है  यह  खेल  तो  यह  सही  भी  है. लोग  Football के  इतने  समर्थक  है  की  अपनी  दुश्मनी  भूलकर  Match देखते  है. और  यह  दो  देशो  को  भी  करीब  लता  है. और  दोस्तों  हम  हिंदुस्तान  में  रहते  है  हमारा  देश  बहुत  बड़ा  है. पर  यह  की  कोई  राष्ट्रीय  Football Team नहीं  है. पर  यह  भी  करोड़ो  प्रशंसक  है  जो  इस  खेल  की  और  भी  गरिमा  बढ़ाते  है. और में भविष्य में यह आशा करता हु की हमारे देश में भी Football का क्रेज बड़े और यहा की भी एक राष्ट्रीय टीम हो.

 

दिलो को जोड़ने वाला FIFA World Cup और Football का इतिहास”

Football का इतिहास-

दोस्तों  फुटबॉल शब्द की उतपत्ति कहा से हुई है, इसके पीछे कई लोगो की अलग – अलग राय है. ये माना जाता है की इस खेल के दौरान गेंद को पैर से मारना होता है. इस वजह से इसका नाम फुटबॉल पड़ गया. हालांकि इस नाम की उतपत्ति के वास्तविक स्त्रोत का पता नहीं चल पाया है. FIFA के अनुसार फुटबॉल एक चीनी खेल सुजू का ही विकसित रूप है. यह खेल चीन में ह्या वंश के दौरान विकसित हुवा था. इसी खेल को जापान असुका वंश के शासन काल में केमरी के नाम से खेला जा रहा था. इस खेल का विकास एक लम्बे अरसे तक हुवा है. कालांतर में 1556  ईस्वी में ये जान डेविस नाम के एक समुद्री जहाज के कप्तान के कार्यकर्तावो द्वारा ग्रीन लैंड में खेला गया. फुलबॉल के विकास के सफर नामे को रॉबर्ट ब्रोज स्मिथ ने सन 1878  में एक किताब की शक्ल में पेश किया.

 

पंद्रहवी शताब्दी में फुटबॉल –

पंद्रहवी सदी में फुटबॉल नाम का ही एक खेल स्काट लेंड में खेला जाता था. 1424 ईस्वी में इसे वहा पर फुटबॉल एक्ट के तहत बेन कर दिया गया. हालांकि यह बेन जल्द ही हटा लिया गया, लेकिन तब तक लोगो में इस खेल की रूचि खत्म हो गयी थी. और एक लम्बे अरसे बाद 19 वी शताब्दी में यह खेल देखने को मिलता है. हालांकि इस दौरान कई अन्य जगहों पर फुटबॉल खेला जारहा था.

1409 ईस्वी में ब्रिटेन के राजकुमार हेनरी चतुर्थ ने पहली बार अंग्रेजी में “फुटबॉल” शब्द का इस्तेमाल किया था. इसके साथ ही लेटिन में भी इसका एक विस्तृत इतिहास रहा है. पर दोस्तों कुल मिलाकर यह कहा जाता है की आज जो छोटा दिखने वाला खेल है वो आज sari दुनिया में अपना वर्चस्व बनाये हुए है.

 

फुटबॉल के इतिहास के कुछ रोचक तथ्य –

दोस्तों फुटबॉल के इतिहास के कई सारे रोचक तथ्य है उनमे से आपके सामने कुछ प्रस्तुत है.

सन 1886  में यह कहा गया की ” फुटबॉल ” एक खेल होने से अभिक एक विशेष तरह की गेंद है. यह कथन सेंट अलबंस की किताब में निहित है.

सन 1526 में इंग्लैंड के राजा किंग हेनरी अष्टम ने फुटबॉल खेलने के लिए पहली बार एक जोड़ी ऐसा जूता बनाने की आज्ञा दी, जिसे पहनकर फुटबॉल आसानी से खेला जा सके.

सन 1580  में सर फिलिप सिडनी की एक कविता में महिलावो के द्वारा एक विशेष तरह का फुर्बल खेलने का वर्णन आया है.

16 वी सदी के अन्त और 17 वी सदी के आरम्भ में पहली बार इस खेल में मुकाबले की भावना लाने के लिए इस खेल में ‘गोल’ की धारणा का आविर्भाव हुवा इसके लिए खिलाड़ियों ने मैदान में दो विपरीत शीर्ष में झाड़ियाँ लगाकर गोल पोस्ट का निर्माण किया. उस समय आठ अथवा बारह गोल का एक मैच खेला जाता था.

मध्य युग से ही फुटबॉल पर सदा बेन का संकट रहा.

सन 1314 में पहली बार यह कानून ब्रिटेन में पारित हुवा. इसके बाद 18 वी सदी में इसे सशस्त्र विरोध का सामना करना पड़ा.

सन 1921  में इलिश और स्कॉटिश फुटबॉल लीग में महिलावो का खेलना निषेध हो गया. हालांकि इस बेन को सन 1970 में पुनः हटा लिया गया.

 – और दोस्तों वो महिलाएं जो फुटबॉल में अपना जलवा दिखाना चाहती है उन्हें आज भी विरोध का सामना करना पड़ता है.

 

20 वी सदी में फुटबॉल –

20 वी सदी को एक ऐसी संस्था की जरूरत होने लगी, जो इसकी देखभाल नियमित रूप से कर सके. इंग्लिश फुटबॉल असोसिएसन की तरफ से कई ऐसी सभाएं आयोजित की गयी. जहा से एक अंतर्राष्ट्रीय स्तर की संस्था का उद्गम हो. इसके फलस्वरूप यूरोप के सात बड़े देश फ्रांस, बेल्जियम, डेनमार्क, नीदरलैंड, स्पेन, स्वीडेन, और स्विट्जरलैंड  ने मिल कर 21  मई 1904  में ‘फेडरेशन इंटरनेशनल ऑफ फुटबॉल असोसिएशन’ (FIFA) की स्थापना की, जिसके पहले अध्यक्ष्य रॉबर्ट गुएरीन हुए.

 

वर्तमान में फुटबॉल –

दोस्तों आज के दौर में फुटबॉल बहुत बड़े पैमाने पर खेला जारहा है. और इसके कई मुकाबले राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर होने लगे है. इसके अतिरिक्त कई फुटबॉल क्लबों की स्थापना राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हो चुकी है. और दोस्तों जैसा की आप जानते है इस खेल का सबसे बड़ा मुकाबला या टुर्नामेन्ट फुटबॉल वर्ल्ड कप का होता है. और फुटबॉल में कई चेहरे है जो सारी दुनिया के चहेते है, लियोन मेस्सी, रोनाल्डिन्हो, रोनाल्डो, नेमार आदि कई नाम इस तरह दुनिया भर में मशहूर हुए है. और दोस्तों आज सारे विश्व के युवावों में फुटबॉल के प्रति अत्यधिक प्रेम और उत्साह देखा जाता है.

 

फुटबॉल का फॉर्मेट –

दोस्तों इस खेल में भी किसी दल का उद्देश्य 90 मिनट के खेल के दौरान अधीक से अधीक गोल करने का होता है. प्रत्येक दल में 11 खिलाडी होते है. 90 मिनट के खेल के दौरान 45 मिनट पर एक ब्रेक होता है. जिसे हाफ Time कहते है. यह हाफ Time 15 मिनट का होता है. और इसके बाद का 45 मिनट का समय लगातार चलता रहता है. इस दौरान कोई खिलाडी घायल होता है तो “इंजरी टाइम” के तहत कुछ देर के लिए खेल स्थगित हो जाता है. इसके बाद खेल पुनः शुरू होता है.

 

आधुनिक फुटबॉल गेंद –

शुरुवाती समय में फुटबॉल जानवरो की ब्लेडर से निर्मित होती थी. कालांतर में इस पर जानवरो की चमड़ी का इस्तेमाल होने लगा. जिससे इसका आकर निश्चित रहने लगा. आधुनिक समय में विकसित वैज्ञानिक तकनीक के सहारे कई  फुटबॉल कम्पनिया स्थापित हो गयी है. जो मैच, खिलाड़ियों की उम्र, मैदान आदि के मद्दे नजर फुटबॉल बना रही है. फुटबॉल गेंद 58 सेमी से 61  सेमी के मध्य की परिधि की एक वृताकार गेंद होती है.

 

तो दोस्तों यह थी post  ” दिलो को जोड़ने वाला FIFA World Cup और Football का इतिहास ” आपको यह जानकारिया कैसी लगी प्लीज़ हमे बताये और में समझता हु, की आप इस FIFA World Cup को बहुत इंजॉय करेंगे और इस दौरान अपने सब दुःख टेंशन भूल कर सिर्फ मैच देखेंगे और अपना मनोरंजन करेंगे.

 

आप इस post  से Related अपने सुझाव हमे Comments के माध्यम से भेज सकते है.

 

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