Chanakya ke vichar

 Chanakya ke Vichar  दोस्तों ये पोस्ट आज में आपके लिए लाया हु जो आपको बहुत ही पसंद आएगी



 Chanakya ke Vichar

इस बात को व्यक्त मत होने दीजिये की आपके क्या करने के लिए सोचा है, बुद्धिमानी से इसे रहस्य बनाये रखिये और इस काम को करने के लिए दृढ़ संकल्प रहिये

 

अगर सांप जहरीला ना हो तोभी उसे अपने आपको जहरीला दिखाना पढ़ता है.

 

शिक्षा सबसे अच्छी मित्र है .एक शिक्षित व्यक्ति हर जगहे सम्मान पता है शिक्षा सौंदर्य और यौवन है को परास्त कर देती है.

 

कैसी मुर्ख व्यक्ति के लिए किताबे उतनी ही उपयोगी है , जितना एक अंधे व्यक्ति के लिए आइना.

 

जब तक आपका शरीर स्वस्थ और नियंत्रण में है और मृत्यु दूर है , अपनी आत्मा को बचाने की कोशिश कीजिये , जब मृत्यु सर पर आएगी तब आप क्या कर पाएंगे ?

 

कोई व्यक्ति अपने कार्यो के महान होता है अपने जन्मो से नहीं .

 

सर्प , नृप , शेर , डंक मरने वाले तावेय , छोटे बच्चे , दुसरो के कुत्तो , और एक मुर्ख , इन सतो को नींद से नहीं उठाना चाहिए .

 

जिस प्रकार एक सूखे पेड़ को अगर आग लगा दी जाये तो वह पूरा जंगल जला देता है, उसी प्रकार एक पापी पुत्र पुरे परिवार को बदनाम कर देता है .

 Chanakya ke Vichar
 
सबसे बड़ा गुरु मन्त्र है : कभी भी अपने राज़ दूसरों को मत बताएं. ये आपको बर्वाद कर देगा.
 
 
 
पहले पांच सालों में अपने बच्चे को बड़े प्यार से रखिये. अगले पांच साल उन्हें डांट-डपट के रखिये. जब वह सोलह साल का हो जाये तो उसके साथ एक मित्र की तरह व्यवहार करिए. आपके वयस्क बच्चे ही आपके सबसे अच्छे मित्र हैं.
          
 
फूलों की सुगंध केवल वायु की दिशा में फैलती है. लेकिन एक व्यक्ति की अच्छाई हर दिशा में फैलती है.
 
Chanakya ke Vichar 
 
हमें भूत के बारे में पछतावा नहीं करना चाहिए, ना ही भविष्य के बारे में चिंतित होना चाहिए; विवेकवान व्यक्ति हमेशा वर्तमान में जीते हैं.
 
 
 
वेश्याएं निर्धनों के साथ नहीं रहतीं, नागरिक कमजोर संगठन का समर्थन नहीं करते, और पक्षी उस पेड़ पर घोंसला नहीं बनाते जिस पे फल ना हों.
 
 Chanakya ke Vichar
 
वह जो अपने परिवार से अत्यधिक जुड़ा हुआ है, उसे भय और चिंता का सामना करना पड़ता है, क्योंकि सभी दुखों कि जड़ लगाव है. इसलिए खुश रहने कि लिए लगाव छोड़ देना चाहिए.
 
 
 
वह जो हमारे चिंतन में रहता है वह करीब है, भले ही वास्तविकता में वह बहुत दूर ही क्यों ना हो; लेकिन जो हमारे ह्रदय में नहीं है वो करीब होते हुए भी बहुत दूर होता है.
 
 
अपमानित हो के जीने से अच्छा मरना है. मृत्यु तो बस एक क्षण का दुःख देती है, लेकिन अपमान हर दिन जीवन में दुःख लाता है.
 
Chanakya ke Vichar 
 
जब आप किसी काम की शुरुआत करें, तो असफलता से मत डरें और उस काम को ना छोड़ें. जो लोग ईमानदारी से काम करते हैं वो सबसे प्रसन्न होते हैं.
 
 
 
सेवक को तब परखें जब वह काम ना कर रहा हो, रिश्तेदार को किसी कठिनाई  में, मित्र को संकट में, और पत्नी को घोर विपत्ति में.
 
 
संतुलित दिमाग जैसी कोई सादगी नहीं है, संतोष जैसा कोई सुख नहीं है, लोभ जैसी कोई बीमारी नहीं है, और दया जैसा कोई पुण्य नहीं है.
 
 
 
यदि किसी का स्वभाव अच्छा है तो उसे किसी और गुण की क्या जरूरत है ? यदि आदमी के पास प्रसिद्धि है तो भला उसे और किसी श्रृंगार की क्या आवश्यकता है.
 
 
 
पृथ्वी सत्य की शक्ति द्वारा समर्थित है; ये सत्य की शक्ति ही है जो सूरज को चमक और हवा को वेग देती है; दरअसल सभी चीजें सत्य पर निर्भर करती हैं.
 
वो जिसका ज्ञान बस किताबों तक सीमित है और जिसका धन दूसरों के कब्ज़े मैं है, वो ज़रुरत पड़ने पर ना अपना ज्ञान प्रयोग कर सकता है ना धन.
 
जो सुख-शांति व्यक्ति को आध्यात्मिक शान्ति के अमृत से संतुष्ट होने पे मिलती है वो लालची लोगों को बेचैनी से इधर-उधर घूमने से नहीं मिलती.
 
एक अनपढ़ व्यक्ति का जीवन उसी तरह से बेकार है जैसे की कुत्ते की पूँछ, जो ना उसके पीछे का भाग ढकती  है ना ही उसे कीड़े-मकौडों के डंक से बचाती है.
 
एक उत्कृष्ट बात जो शेर से सीखी जा सकती है वो ये है कि व्यक्ति जो कुछ भी करना चाहता है उसे पूरे दिल और ज़ोरदार प्रयास के साथ करे.
तो दोस्तों आपको ये पोस्ट Chanakya ke Vichar कैसी लगी pliz हमे बताये और हमे आपके Comments का इंतजार रहेगा.
धन्यवाद 
विजय पटेल 

 

 

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