भाषा क्या है जीवन में भाषा का क्या महत्व है

भाषा क्या है जीवन में भाषा का क्या महत्व है – दोस्तों हमारे जीवन की सब से महत्व पूर्ण चीज हमारी भाषा language है, और भाषा से ही हमे पहचाना जाता है. की हम कहा के है और कोन सी भाषा बोलते है. भाषा चाहे दुनिया में हर इंसान की अलग – अलग ही क्यों ना हो पर अलग – अलग भाषा भी हर इंसान को एक दूसरे से जोड़ती है. चाहे हम किसी भी मुल्क देश या प्रान्त में रहे पर हर इंसान को उसकी भाषा एक दूसरे से जोड़ती है इंसान तो क्या जानवर के पास भी अपनी एक भाषा होती है जो एक दूसरे को आपस में जोड़ती है तो आज हम इस post में भाषा के बारे में Details में देखेंगे की आखिर भाषा language क्या है, और हमारे लिए ये कितनी महत्वपूर्ण है.

भाषा क्या है जीवन में भाषा का क्या महत्व हैदोस्तों किसी भी इंसान का जन्म होता है . इस दुनिया में तो क्या वो बचपन से किसी भाषा को जानता है . या वो अपने जन्म से ही बोलने लगता है . नहीं एक नवजात बच्चा उस कोरे कागज के समान होता है.  जिस पर आप कुछ भी लिख सकते है वो जो आप लिखोगे वो उसपे हमेशा लिखा रहेगा कभी मिटेगा नहीं, तो दोस्तों उसी प्रकार भाषा का भी हमारे जीवन में वही महत्व है. जैसा मैने बताया एक बच्चा जहा जन्म लेता है . या जिस भी परिवार या जिस भी प्रान्त में जन्म लेता है. वो वहा की भाषा सीखता है .

और ऐसा है की अगर किसी बच्चे का जन्म किसी परिवार में हुवा और उस बच्ची को किसी दूसरे परिवार ने गोद लेलिया तो वो अपने सगे माँ – बाप  की भाषा नहीं सीखेगा वो वही की भाषा सीखेगा जहा वो रहता है .

मगर एक बात यह भी है की अगर इंसान सीखना चहेतो दुनिया की कोई भी भाषा सीख सकता है . बस उसमे सिखने की इक्षा होनी चाहिए. कोई भाषा ऐसी नहीं है जो इंसान अपने जीवन में सिख नहीं सखता और दोस्तों मैने देखा है की कोई इंसान किसी भाषा को कब सीखता है , जब वो उस माहौल में रहता है तो इसके लिए उसे किसी प्रकार की कोच्चिंग लेने की भी कोई जरूरत नहीं है . बस उसको वह जाके कुछ समय रहना पड़ेगा.

भाषा क्या है जीवन में भाषा का क्या महत्व है”

दोस्तों कैसे में आपको कुछ उदाहरण देके समझता हु , मानलो आपका जन्म गुजरात में हुवा है और मानलो आप 20  साल की उम्र तक वहा रहते है. और अगर आपके मन में मराठी भाषा सिकने की इक्षा है तो आपको किसी प्रकार की कोई कोचिंग लेने की कोई जरूरत नहीं है . आपको क्या करना होगा आपको ये करना होगा की आपको कुछ समय जाके महाराष्ट्र में रहना होगा . और अगर आप मानलो 2 – 3  साल वहा जाके रहेंगे तो आप मराठी भाषा सीख सकते है. और यही भषा सिखने का simpul तरीका है.

और यह तरीका आप हिंदुस्तान की किसी भी भाषा को सिखने के लिए कर सकते है . क्योकि दोस्तों किसी काम को करके सीखना और उसे प्रैक्टिकल कर के सीखना बहुत अलग होता है अगर हम वहा जाते है . तो हमे वहा के छोटे – छोटे शब्द सिखने को मिलेंगे जो हमे किताब में नहीं मिलते. हम वहा के गली महोल्ले में कैसे शब्द बोले जाते है . वो सीखते  है की कैसे – कैसे छोटे – छोटे शब्द होते है जो हम सीखते है और वो हमे perfect हो जाते है .

और यही तरीका हमे विदेशी भाषा को सिखने में भी अपनाना होगा. जैसे हमको  रशियन भाषा सीखनी है तो हमे रशिया जाना पड़ेगा और अगर फ्रेंच सीखनी है तो फ्रेंच जहा बोली जाती है वहा जाना पड़ेगा और हम अगर यह तरीका अपनाएगे तो हम दुनिया की कोई भी भाषा सीख सकते है . और दोस्तों ऐसा भी नहीं है की आप कही कोच्चिंग लगाकर भाषा नहीं सीख सकते है . अगर आपमें सिखने की लगन है तो आप दुनिया की किसी भी भाषा को  सीख सकते है.

और दोस्तों “जीवन में भाषा का क्या महत्व है” तो मै आपको बताता हु, भाषा से इंसान का पता चलता है की ये इंसान किस स्थान का रहने वाला है. इंसान की भाषा में मिठास होती है और कई भाषाएँ ऐसी होती है. जिसका अर्थ या हमे वो समझ में नहीं आती पर फिर भी वो सुनने में हमे बहुत अच्छी लगती है मीठी लगती है. जैसे हम किसी काम से साउथ इंडिया में जाते है तो वहा की भाषा लैंग्वेज हमे बिलकुल भी समझ में नहीं आती है पर वहा के जो स्थानीय लोग रहते है और वो वहा की बोली बोलते है तो हमे वो सुनने में बहुत अच्छी लगती है और जो किसी दूसरी जगह का इंसान हमारे प्रान्त में आता है तो उसे भी हमारी भाषा उतनी ही प्रिय लगती है.

हमारे देश में कई भाषाएँ  है –

जिनमे प्रमुख – हिन्दी , उर्दू , मराठी, गुजराती, तमिल, तेलगु, मलयालम, कन्नड़ और भी कई प्रकार की भाषाएँ और बोली,  बोली जाती है जिनमे बहुत मिठास होती है .

और दोस्तों इंसान के जीवन में भाषा का बहुत महत्व होता है उसे अपनी मात्र भाषा याने जो बोली उसने बचपन से बोली है उससे उसका बहुत लगाव  होता है और में आपको एक सत्य बताता ही की कभी आपने देखा होगा की जब हम अपने आपसे बात करते है. तो हम किस भाषा में बात करते है.

क्या आप English में बोलते है, या आप हिन्दी में बोलते है, या किसी और भाषा में पर ऐसा नहीं है . जब इंसान अपने आप से बात करता है तो वो उसी भाषा या बोली का उपयोग करता है . जो वो बचपन से बोलता आया है जिस  भाषा के साथ उसने अपने दोस्तों के साथ समय बिताया है हमारे जीवन में उस भाषा का बहुत महत्व होता है.

और दोस्तों हमारे जीवन और और भी कई प्रकार से भाषा का महत्व है , और में आपको एक बात बताता हु, की कोई भी भाषा बड़ी या छोटी नहीं होती हमे हर इंसान की भाषा का सम्मान करना है चाहे वो किसी छोटे राज्य से आता है या किसी बड़े देश से हमे कभी भाषा के आधार पर भेदभाव भी नहीं करना है , की ये अपने वाला है तो इसको पसंद करो इसका काम करो नहीं हमे जीवन में सदा लोगो की काबिलियत देखनी है. ना की किसी की भाषा को देखना है और अगर हमे अपनी भाषा का सम्मान करवाना है. तो हमे ओरो की भाषा का भी सम्मान करना पड़ेगा. और ये बात जीवन में हमेशा याद रखनी है.

मित्रो मै आपको एक बात और बताना चाहता हु की इंसान बोली या भाषा कोई सी भी बोले पर उसके बोलने में मिठास होनी बहुत जरूरी है आप अगर लोगो से प्यार से और सम्मान के साथ बोलोगे तो आप चाहे किसी भी बोली में बोलते हो सबका दिल जित सकते हो और कहते है जहा प्यार है वहा तो बोलने की भी जरूरत नहीं है हम एक दूसरे के हाव – भाव से ही समझ जाते है की सामने वाला हमसे क्या कहना चाहता है हमे दुसरो को बहुत ही आदर के साथ सम्बोधित करना है चाहे वो हम से बड़ा है या छोटा हमे सबसे इज्जत से बात करनी है. और आप ऐसे अन्य लोगो से किसी भी भाषा में बात कर सकते है.

और हम जिस देश में रहते है उस देश का सदियों पुराना इतिहास है याने हमारे देश भारत में सबसे पहले से बोलिया बोली जाती है. संस्कृत को सब भाषाओ की जननी माना जाता है याने संस्कृत युगो पहले से हिन्दुस्तान में बोली जाती है जो देवी – देवताओ से समय से बोली जाती है और कहते है संस्कृत से ही हिन्दी और देश की अन्य भषाओ का जन्म हुवा है पर आज संस्कृत ज्यादा बोलचाल की भाषा नहीं है पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों में आज भी संस्कृत का ही इस्तेमाल होता है.

तो दोस्तों आपको ये post ” भाषा क्या है जीवन में भाषा का क्या महत्व है” आपको कैसी लगी pliz हमे बताये और में आशा करता हु, की मेरी इस post को पड़के आप भी कई चीजे सीखेंगे और भाषा का महत्व आपको भी पता चलेगा. और हमेशा आप अपने जीवन में नई भाषाएँ सिखने की कोशिश करेंगे और जीवन में यह बात कभी नहीं भूलेंगे की आप अन्य सभी भाषाओ का और उनको बोलने वाले लोगो का सम्मान करेंगे चाहे वो कही के भी रहने वाले हो.

और आप इस post से Related अपने विचार और सुझाव हमे जरूर सकते है और में आपसे ये जानना चाहता हु, की आपको देश और दुनिया की कोन सी भाषा ज्यादा मीठी और प्यारी लगती है जिसे आपको बोलने में और सुनने में आनंद आता है. मुझे जरूर बताये  हमे आपके Comments का इंतजार रहेगा.

धन्यवाद

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