बैलेन्स क्या है यह क्यों जरूरी है

बैलेन्स क्या है यह क्यों जरूरी  है

 

बैलेन्स क्या है यह क्यों जरूरी है – दोस्तों  इंसान  के  जीवन में बैलेन्स बहुत  जरूरी  है  . तो  आज  हम  इस  post में  यह  देखेंगे  की  बैलेन्स  क्या  होता  है  . और  यह  हमारे  जीवन  में  क्यों  जरूरी  होता  है  .

 

सब  से  पहले  तो  हमे  यह  पता  होना  चाहिए  की  बैलेन्स  क्या  होता  है  . बैलेन्स  को  हिन्दी में  संतुलन  कहा  जाता  है  . और  दोस्तों  हमारे  जीवन  में  संतुलन  का  होना  बहुत  ही  जरूरी  है  . और  यह  बैलेन्स  हर  जगह  होना  बहुत  जरूरी  है  . मतलब  हमारे  रिश्तो  में  भी  बैलेन्स  बहुत  जरूरी  है  . हमारे  काम  में  बैलेन्स  होना  बहुत  जरूरी  है  . हमारा  लोगो  के  प्रति  कैसा  व्यवहार  है  . उसमे  भी  बैलेन्स का होना  बहुत  जरूरी  है .

 

जैसा  की  आप  जानते  होंगे  की  तराजू  के  दो  पलड़े  होते  है  . और  जब  तक  दोनों  में  बराबर  वजन  नहीं  होता  है  . तब – तक  दोनों  तरफ  संतुलन  नहीं  होता  है  . और  दोनों  पलड़ो  में  बराबर  वजन  हो  जाता  है , तो  तराजू  में  भी  संतुलन  बन  जाता  है  . दोस्तों  उसी  प्रकार  हमारी  Life में  भी  संतुलन  का  होना  बहुत  जरूरी  है  . और  ऐसा  नहीं  की  केवल  बड़ी  बातो  में  ही  बैलेन्स  का  होना  जरूरी  है  नहीं  हमे  छोटी  – छोटी  चीजों  में  भी  बैलेन्स  का  रखना  बहुत  जरूरी  है .

 

जैसे  हमारा  रहन – सहन  कैसा  है  , हम  कब  उठते  है . हम  कब  खाते  है ,  हम  कब  घूमते  है . क्या काम करते  है  . हमारी  पूरी  दिनचर्या  में  बैलेन्स  का  होना  बहुत  जरूरी  है . दोस्तों  कई  बार  इंसान  की  सफलता  भी  उसके  जीवन  के  बैलेन्स  पर  ही  depend   करती  है  . कुछ  लोग  जीवन  में  केवल  इसी  वजह  से  आगे  नहीं  बढ़  पाते  या  सफल  नहीं  हो  पाते  क्योकि  उनके  जीवन  में  बैलेन्स  या  संतुलन  नहीं  है .  और  जो  लोग  अपने  काम  में  या  अपने  जीवन  में  संतुलन  रखते  है . वो  जीवन  में  सफलता  प्राप्त  करते  है .

 

बैलेन्स क्या है यह क्यों जरूरी है:

 

दोस्तों  कुछ  लोग  क्या  करते  है  जिनके  पास  एक  अच्छा  Business भी  होता  है  . तो  भी  वो  लोग  उस  Business को  सही  से  चला  नहीं  पाते  मतलब  उसमे  किसी  प्रकार  का  संतुलन  नहीं  रख  पाते  जैसे  किसी  के  पास  एक  किराने  की  दुकान  है . और  उसमे  उसको  अच्छा  profit भी  है  . मगर  जिस  व्यक्ति   की  वो  दुकान  हे  वो  उसमे  किसी  प्रकार  का  बैलेन्स  नहीं  रखता  की  उसे  कब  दुकान  खोलना  कब  बन्द  करना  और  दूसरे  काम  कब  करना है . सब  बातो  का  संतुलन  रखना  बहुत  जरूरी  है  .

 

दोस्तों  इंसान  के  जीवन  में  कई  सारे  रिश्ते  होते  है  . माता  – पिता  ., पती  – पत्नी  का  रिश्ता  , भाई  – बहन  का  रिश्ता  और  दोस्ती  का  रिश्ता  तो  होता  क्या  है  . आपने  देखा  होगा  की  आज  के  दौर  में  रिश्ते  बहुत  ही  आसानी  से  टूट  रहे  है.

 

आए  दिन  लोगो   के  तलाक  होते  रहते  है  . हर  तरह  के  रिश्ते  टूटते  जारहे  है  . और  इसकी  वजह  क्या  है ? . इसकी  वजह  हे  रिश्तो  में  बैलेन्स  का  नहीं  होना  मतलब  इंसान  हर  तरह  का  रिश्ता  बना  तो  लेता  है  . पर  उसमे  बैलेन्स  नहीं  रख  पाता  और  इस  वजह  से  वो  रिश्ता  टूट  जाता  है .

 

दोस्तों बैलेन्स कैसे बनता है , इस  के  लिए  आपको  कुछ  उपाय  करना  होंगे  मतलब  अगर  आपकी  पत्नी  घुस्से  वाली  हे , तो  आपको  थोड़ा  cool  होना  पड़ेगा  और  अगर  किसी  का  पती  घुस्से  वाला  हे  तो वहा  पत्नी  को  cool  होना  पड़ेगा  मतलब  अगर  दोनों  में  झगड़ा  होता  है  . और  दोनों  ही  एक  दूसरे  से  लड़ते  है  . तो  वो  रिश्ता  धीरे  – धीरे  टूटने  की  कगार  पर  पहुंच  जाता  है .

 

मगर  किसी  एक  ने  भी   रिश्ते  में  बैलेन्स  रखा  तो  वो  रिश्ता  टूटने  से  बच  सकता  है  . और  हमे  यही  काम  हमारे  अन्य  रिश्तो  में  भी  करना  होगा  हमे  सब  के  साथ  संतुलन  बनके  रखना  होगा .

 

Also Read – हम Time का सदुपयोग कैसे करे

 

और  दोस्तों  इसी  तरह  इंसान  अपना  सबसे  ज्यादा  समय  अपने  Work Place पर  बिताता  है  . और  वहा  के  लोग   भी  उसके  साथ  सबसे  ज्यादा  रहते  है  . और  हमारा  इन  लोगो  से  लगाव  भी  बहुत  हो  जाता  है  . पर  होता  क्या  है  , जैसा  मैंने  देखा  है . हम  हमारे  Work Place पर  भी  कभी  – कभी  लोगो  के  साथ  बैलेन्स  नहीं  बना  पाते  तो  वहा  पर  भी  हमारे  उनके  साथ  कई  बार  झगड़े  होते  है  . तो  हमे  हमारे Work Place पर  भी  अपना  संतुलन  बनाये  रखना  है  .

 

Also Read – कैसे सहन करे अपनों से दुरी

 

और  सहनशील  बनना  है  . कुछ  लोग  बहुत  जल्दी  क्रोध  में  आजाते  है  . और  सामने  वाले  से  छोटी  – छोटी  बातो  पर  झगड़ा   कर लेते  है  . तो  हमे  ऐसा  नहीं  करना  है  . हम  कही  पर  भी  काम  करते  है , तो  हमारा  हर  इंसान  से  काम  पड़ता  है  . चाहे  वो  आपके  office का  चपड़ासी  भी   क्यों  ना हो  हमे  सब  के  साथ  संतुलन  बनाये  रखना  है.

 

Also Read – आप क्यों सोचते है परिणाम (Result) के बारे में

 

और  दोस्तों  आपने  अपने खुद   या  लोगो  से  बैलेन्स  रखना  यह  हर  इंसान  को  अपने  मन  से  करना  होगा  यह  आपको  रोज  कोई  पकड़  – पकड़  कर  नहीं  सीखा  सकता  की  हमे  रोज  ये  – ये  काम  करना  है  . इन  लोगो  से  मिलना  है  . और  इस  तरह  इन  से  हमे  बात  करना  है  . यह  सब  कला  है  . जीवन  में  संतुलन  बनाने  की  एक  कला  है  जो  इंसान  को  खुद  को  ही  सीखना  पड़ती  है  . दोस्तों  ज्यादा  दूर  भी  क्या  जाना  आप  आपने  खुद   के  बच्चो  से  भी  बात  करते  हो  तो  भी  आपको  पता  चल  जाता  है  .

 

Also Read – कैसा था हमारा बचपन क्या आपको पता है

 

हमे  अपने  बच्चो  में  भी  संतुलन  बनाना  पड़ता  है  . जैसे  हम  कैसे  गाड़ी  चलाते  है  . और  किस  तरह  हम  उसमे  संतुलन  जमाते  है  . तब  जाकर  वो  गाड़ी  चलती  है  . अगर  हमारा  गाड़ी  में  संतुलन  नहीं  होगा  तो  हम  गिर  भी  सकते  है  , और  हमारा  एक्सीडेंट  भी  हो  सकता  है  . और  जिस  तरह  हम  गाड़ी  में  संतुलन   बिठाते  है  . उसी  तरह  हमे  हमारे  जीवन  में  भी  संतुलन  बिठाना  बहुत  जरूरी  है  .

 

Also Read – रिश्तो की डोर मजबूत होनी चाहिए

 

तो  दोस्तों  कैसी  लगी  आपको  यह  post “  “ और  मै  आशा  करता  हु  , की  आप  मेरे  द्वारा  बताई  गयी  बातो  को   जरूर  Follow करेंगे  और  अपने  जीवन  में  हर  जगह  चाहे  आपका  घर  हो  या  work place या  कोई  दोस्त  सब  के  साथ  बैलेन्स  बनाके  रखना  है  . छोटी  – छोटी  मिस  अंडस्टेंडिंग  को  अपने  जीवन  में  हावी  नहीं  होने  देहा  है . और  आप  दुसरो  को  भी  बैलेन्स  बनाये  रखने  के  बारे  में  बताये  .

 

 

और आप इस post  से संबंधित अपने विचार हमे Comments के माध्यम से बता सकते है .

 

धन्यवाद

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *