अकबर बीरबल की कहानीया

अकबर बीरबल की कहानियां

अकबर बीरबल की कहानीया  – दोस्तों हमारे देश में एक महान मुग़ल राजा अकबर हुए और उनकी राज सभा में नो रत्न होते थे और उन नो रत्नो में से एक रत्न का नाम बीरबल था और बीरबल बहुत ही बुद्धिमान थे जिनकी बुद्धि मत्ता सारी दुनिया में फैली थी. बीरबल एक अनुभवी और बड़े ही दयावान व्यक्ति थे जो हर किसी बेसहारा की मदद करते थे.

 

और वो बहुत ही न्याय प्रिय थे. वो कभी अन्याय को नहीं स्वीकारते थे. बीरबल किसी भी परिस्तिथि में हर व्यक्ति को न्याय दिलाते थे और इसी लिए उनकी ख्याति मानी जाती थी. तो दोस्तों आज की post  में हम अकबर और बीरबल के कुछ किस्से देखेंगे जो आपको बहुत पसंद आएंगे.

 

1 – बीरबल और अंगूठी चोर –

एक दिन भरे दरबार में राजा अकबर ने अपनी अंगूठी खो दी, जैसे ही राजा को यह बात पता चली उन्होंने सिपाहियों से उसे ढूंढ़ने को कहा पर वो नहीं मिली

राजा अकबर ने बीरबल को दुखी मन से बताया की वह अंगूठी उनके पिता की अमानत थी. जिससे वह बहुत ही प्यार करते थे. बीरबल ने जवाब में कहा, आप चिंता ना करे महाराज में अंगूठी ढूंढ लूंगा.

बीरबल ने दरबार में बैठे लोगो की तरह देखा और राजा से कहा ‘ महाराज चोरी इन्ही दरबारियों में से किसी ने की है. जिसकी दाढ़ी में तिनका फसा है उसी के पास आपकी अंगूठी है.

जिस दरबारी के पास महाराज की अंगूठी थी वह चौक गया और अचानक से घबराहट के मारे अपनी दाढ़ी को ध्यान से देखने लगा. बीरबल ने उसकी हरकत को देख लिया और उसी वक्त सेनिको को आदेश दिया और कहा ‘ इस आदमी की जांच की जाये.

बीरबल सही था अंगूठी उसी के पास थी. उसको पकड़ लिया गया और कारागार में दाल दिया गया. और बीरबल की इस चतुराई से राजा अकबर बहुत खुश हुए.

 

अकबर बीरबल की कहानीया “

 

2 – राज्य के कौवों की गिनती –

एक दिन राजा अकबर और बीरबल राजमहल के बगीचे में घूम रहे थे. बहुत ही सुंदर सुबह थी. बहुत सारे कौवे तालाब के आसपास घूम रहे थे. कौवों को देखते ही बादशाह अकबर के मन में एक प्रश्न उतपन्न हुवा. उनके मन में यह प्रश्न उतपन्न हुवा की उनके राज्य में कुल कितने कौवे है.

बीरबल तो उनके साथ ही बगीचे में टहल रहे थे. तो राजा अकबर ने बीरबल से ही यह प्रश्न कर डाला और पूछा, बीरबल आखिर हमारे राज्य में कितने कौवे है? यह सुनते ही चालाक  बीरबल ने तुरंत उत्तर दिया – महाराज पुरे 95,463 कौवे है हमारे राज्य में.

महाराज अकबर इतनी तेजी से दिए हुए उत्तर को सुन कर हक्का – बक्का रह गए और उन्होंने बीरबल की परीक्षा लेने का सोचा, महाराज ने बीरबल से दोबारा प्रश्न पूछा, अगर तुम्हारे गणना किये गए अनुसार कौवे ज्यादा हुए? बिना किसी संकोच के बीरबल बोले हो सकता है. किसी पड़ोसी राज्य के कौवे घूमने आए हो. और कम हुए तो, हो सकता है हमारे राज्य के कौवे अपने किसी रिश्तेदार के यहा घूमने गए हो.

 

3 – बीरबल की खिचड़ी –

यह एक ठण्ड के मौसम की सुबह थी. राजा अकबर और बीरबल सेर कर रहे थे. उसी वक्त बीरबल के मन में एक विचार आया और वो राजा अकबर के सामने बोल पड़े एक आदमी पैसे के लिए कुछ भी कर सकता है. यह सुनते ही अकबर ने पास के झील के पानी में अपनी उंगलियों को डाला और झट से निकाल दिया, पानी बहुत ही ठंडा

होने के कारण अकबर बोले क्या कोई ऐसा व्यक्ति है जो पैसे के लिए पूरी रात इस झील में ठन्डे पानी में खड़ा रह सके. बीरबल ने कहा, ” मुझे पूरा यकीन है की में किसी ना किसी ऐसे व्यक्ति का जरूर ढूंढ लूंगा. ” यह सुनते ही अकबर ने बीरबल से कहा, ” अगर तुम इस प्रकार के किसी व्यक्ति को हमारे पास ले कर आवोगे और वह यह कार्य करने में सफल हो गया तो हम उसे 100 स्वर्ण मुद्राये  देंगे .

दोस्तों अगले दिन बीरबल खोज में लग गए और उन्हें ऐसा आदमी मिल गया जो बहुत गरीब था. और वह 100 स्वर्ण मुद्रावो के लिए पूरी रात उस झील के ठन्डे पानी में खड़े रहने को तैयार भी हो गया.  वह आदमी झील के पानी में जा कर खड़ा हो गया. राजा अकबर के सैनिक भी उस गरीब मनुष्य को रात भर पहरा देने के लिए झील के पास खड़े थे. वह पूरी रात उस झील के पानी में गले तक खड़ा रहा. अगले दिन सुबहे उस आदमी को दरबार में राजा अकबर के पास लाया गया. बादशाह अकबर ने उस व्यक्ति से पूछा. ” तुम पूरी रात कैसे इतने ठंडे पानी में अपने सर तक दुब कर रह पाए.

उस गरीब व्यक्ति ने उत्तर दिया, ” है महाराज में पूरी रात आपके महल में जलते हुए एक दिप को रातभर देखता रहा, जिससे की मेरा ध्यान ठंड से दूर रहे. अकबर ने यह सुनते ही कहा, ” ऐसे व्यक्ति को कोई इनाम नहीं मिलेगा जिसने पूरी रात मेरे महल के दिप की गर्माहट से ठंडे पानी में समय बिताया हो.

यह सुनकर वह गरीब आदमी बहुत दुखी हुवा और बीरबल से उसने मदद मांगी. अगले दिन बीरबल दरबार में नहीं गए. जब राजा परेशान हुए तो उन्होंने अपने सेनिको को उनके घर भेजा. जब सैनिक बीरबल के घर से लोटे, तो उन्होंने राजा अकबर से कहा की जब तक बीरबल की खिचड़ी नहीं पकेगी तब तक वो दरबार में नहीं आएंगे. राजा कुछ घंटो के लये रुके और उसी दिन शाम को वह स्वयं बीरबल के घर गए. जब वह वहां पहुंचे तो उन्होंने देखा की बीरबल कुछ लकड़ियों में आग लगाकर निचे बैठे थे. और कुछ 5 फिट ऊपर एक मिटटी के एक कटोरे में खिचड़ी लटका रखी थी.

यह देखते ही राजा और उनके सैनिक हस पड़े, अकबर बोले, ” यह खिचड़ी कैसे पक सकती है जब की चावल से भरा कटोरा तो आग से दूर है.”

बीरबल ने उत्तर दिया, ” अगर कोई आदमी इतनी दूर से दीपक की गर्मी से पूरी रात झील के ठन्डे पानी में समय बिता सकता है. तो यह खिचड़ी क्यों नहीं पक सकती.

फिर राजा अकबर को अपनी गलती का एहसास हुवा और उन्होंने उस गरीब आदमी को उसका इनाम 100 स्वर्ण मुद्राये प्रदान की.

 

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4 – बीरबल ने चोर को पकड़ा –

एक बार राजा अकबर के प्रदेश में चोरी हुई. इस चोरी में एक चोर ने एक व्यापारी के घर से बहुत कीमती सामान चुरा लिया था. उस व्यापारी को इस बात पर तो पूरा विश्वास था. की चोर उसी के 10 सेनिको में से एक था. पर वह यह नहीं जनता था की वह कोन है .

यह जानने के लिए की चोर कोन है. वह व्यापारी बीरबल के पास गया और उसने बीरबल से मदद मांगी. बीरबल ने भी इस बात पर हा कर दिया और अपने सिपाहियों से कहा की सभी 10  सेनिको को कारागार में डाल दिया जाये. यह सुनते ही उसी दिन सिपाहियों द्वारा सभी नोकरो को पकड़ लिया गया. बीरबल ने सब से पूछा की चोरी किसने की है परन्तु किसी ने भी यह मानने से इंकार कर दिया की चोरी उसने की है.

बीरबल ने थोड़ी देर सोचा, और  कुछ  देर बाद वह दस समान लम्बाई की छड़ी लेकर आए और सभी चुने हुए लोगो को एक – एक छड़ी पकड़ा दी. पर छड़ी पकड़ते हुए बीरबल ने एक बात कही, उस इंसान की छड़ी 2 इंच बड़ी हो जाएगी जिसने यह चोरी की होगी. यह कहकर अकबर चले गए और अपने सिपाहियों को निर्देश दिया की सुबहे तक उनमे से किसी भी व्यक्ति को छोड़ा ना जाये.

जब बीरबल ने सुबहे सभी नोकरो की छड़ी को ध्यान से देखा तो पता चला उनमे से एक नौकर की छड़ी 2 इंच छोटी है. यह देख कर बीरबल ने कहा, यही है चोर.

बाद में यह देख कर उस व्यापारी ने बीरबल से प्रश्न किया की कैसे उन्हें पता चला की चोर वही है. बीरबल ने कहा की चोर ने अपनी छड़ी को 2 इंच बड़ी हो जाने के डर से रात के समय ही अपनी छड़ी को 2 इंच छोटा कर दिया था. और इस तरह चोर पकड़ा गया.

 

तो दोस्तों यह थी कुछ “अकबर बीरबल की कहानियां” तो आपको यह post  कैसी लगी प्लीज़ हमे बताये और हम आगे भी समय-समय पर आपके लिए अन्य कहानिया लाते रहेंगे और आप इस पोस्ट संबंधित अपने विचार हमे Comments के माध्यम से भेज सकते है.

 

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