वोट देने से पहले क्या सोचता है आम भारतीय वोटर

वोट देने से पहले क्या सोचता है आम भारतीय वोटर – दोस्तों  जैसे  ही  देश  में  चुवावो  की  सरगर्मी  बढ़ने  लगती  है  देश  में  एक  अलग  ही  तरह  का  माहौल  बनने  लगता  है  हर  राजनैतिक  पार्टी  चाहे  वो  कोई  सी  भी  हो  सभी  चुनाव  की  तैयारियो  में  लग  जाती  है  और  हर  पार्टी  का  target  सिर्फ  एक  ही  होता  है,  और  वो  है  “आम  वोटर”  राजनैतिक  पार्टिया  वोटर  को  लुभाने  के  लिए  कई  तरह  के  वादे  करती  है  कई  घोषणाएं  करती  है  एक  पूरा  मैनिफेस्टो  तैयार  करती  है  अपने  वोटर्स  या  यु  कहे  अपने  वोटर्स  को  रिझाने  के  लिए  और  इसमें  कई  पार्टिया  कुछ  हद  तक  कामयाब  भी  हो  जाती  है. पर  जब  चुनाव  हो  जाता  है  वोट  डल  जाते  है  और  सरकार  बन  जाती  है, तो  उसके  बाद  क्या  होता  है  यह  आप  सब  जानते  है.वोट देने से पहले क्या सोचता है आम भारतीय वोटरपर मित्रो  मेरा  सवाल  यह  है  की  एक  भारतीय  आम  वोटर  क्या  चाहता  है  उसकी  क्या  सोच  है  वो  सरकार  से  क्या  आशा  रखता  है  की  अगर  सरकार  बने  तो  क्या – क्या  काम  होने  चाहिए  कितना  हमारा  फायदा  होगा  एक  आम  वोटर  के  मन  में  कई  तरह  के  सपने  होते  है  और  वो  चाहता  है  की  अगर  यह  पार्टी  जीतती  है  तो  बाद  में  ऐसा  काम  होगा  और  उसी  उम्मीद  से  वो  अपना  बहुमूल्य  वोट  उस  पार्टी  को  देता  है.

दोस्तों  आप  भी  जानते  हो  की  जितने  भी  चुनाव  के  केम्पेन  होते  है  चाहे  वो  राज्यों  के  या  केन्द्र  के  सब  का  टारगेट  सिर्फ  आम  वोटर  पर  होता  है  क्योकि  वोट  देंने  के  लिए  सबसे  ज्यादा  आम  वोटर्स  ही  अपने  घरो  से  निकलते  है  और  वोट  डालते  है.

कौन  है  ये  आम  वोटर्स – अगर  category wise देखा  जाये  तो  इस  भारत  देश  में  आम  वोटर्स  की  संख्या  बहुत  ज्यादा  है. जैसे  एक  किसान  आम  वोटर  है, एक  मजदूर  जो  दिन  भर  मजदूरी  करता  है, एक  मिडिल क्लास का  ऐसा  व्यक्ति  जो  10 – 12  हजार  की  job से  अपना  घर  चलाता  है  छोटे  दुकान  वाले  हर  तरह  का  गरीब  व्यक्ति  चाहे  वो  किसी  भी  जात  या  समाज  से  आता  है  वह  आम  वोटर  कहलाता  है  और  इस  तरह  के  वोटर्स  की  संख्या  अपने  देश  में  बहुत  अधिक  है.

वोट देने से पहले क्या सोचता है आम भारतीय वोटर”

आप  ने  कभी  ऐसा  देखा  की  चुनाव  प्रचार  के  दौरान  राजनैतिक  पार्टिया  कभी  किसी  Business man  के  लिए  घोषणा  करती  की  हमारी  सरकार  बन  गयी  तो  हम  आपके  Business  को और आगे  बढ़ाने  में  और  अधिक  प्रयास  करेंगे  जितने  भी  बड़े  लोग  होते  है  पार्टिया  कभी  उनको  target नहीं  करती  सिर्फ  मध्यम  वर्गीय  वोटर्स  को  ही  लुभाया  जाता  है

उनकी  ही  आँखों  में  सपने  दिखाए  जाते  है  पर  दुर्भाग्य  वश  होता  यह  है  की  जो  आम  वोटर  होता  है, वो  वोट  डालता  है  और  चुनाव  के  बाद  भी  वह  आम  ही  बना  रहता  है.  और  जो  खास  है  वो  तो  शायद  वोट  डालने  भी  नहीं  जाता  होगा  पर  फिर  भी  उसकी  स्तथि  और  अधिक  सुधरती  रहती  है.वोट देने से पहले क्या सोचता है आम भारतीय वोटरFriends  में  आपको  अपना  स्वयं  का  अनुभव  बताता  हु,  जैसे  की  आप  को  पता  है  मै  गांव  का  रहने  वाला  हु,  और  गावो  में  चुनावो  की  कुछ  ज्यादा  ही  दिलचस्पी  होती  है. शहरों  में  क्या  होता  है  लोग  अपने  अपने  काम  में  व्यस्त  रहते  है  किसी  को  किसी  से  बात  करने  की  भी  फुरसत  नहीं  होती  सब  अपने  काम  से  काम  रखते  है  पर  गांव  में  इसका  उल्टा  होता  है. गांव  के  लोग  भी  अपना  – अपना  काम  करते  है  पर  यहा  इनकी   एक  अच्छी  आदत  होती  है  की  शाम  को  सब  लोग  अलग  – अलग  जगह  एक  दूसरे  से  मिलते  है  और  इधर – उधर  की  बात  करते  है  जैसे  किसी  मंदिर  या  किसी  ओटले  या  किसी  दुकान  पर  बैठते  है

और  मैंने  देखा  है  की  इनका   सबसे  बड़ा  topic होता  है  राजनीती  और  दोस्तों  सबसे  मजे  की  बात  है  की  गावो  में  हर  party के  स्पोटर  होते  है  और  यह  सब  आम  लोग  या  आम  वोटर  होते  है  तो  जब  5 – 10 लोग  एक  जगह  इकट्ठा  होकर  मिलते  है  तो  चुनाव  का  मुद्दा  उठता  है  की  किसकी  सरकार  बनेगी  और  किसकी  नहीं  और  लोग  यह  भी  define करते  है

की  अभी  की  मौजूदा  सरकार  ने  क्या –  क्या  काम  किये  और  जो  लोग  उसके  विरोध  में  रहते  है  वो  दूसरी  party की  तारीफ  करते  है  की  अगर  हमारी  सरकार  बनी  तो  देश  में  यह  योजना  आएगी  और  सबका  फायदा  होगा  और  लोग  अपनी – अपनी  पार्टी  के  प्रति  उत्साही  होते  है  दोस्तों  मुझे  भी  इस  तरह  की  डिबेट  में  बहुत  मजे  आते  है  मै  भी अपना काम करने के बाद लोगो के बिच जाता हु और चुनावी दंगल में कूद जाता हु.

और  दोस्तों  जैसे  की  हमे  News channels  पर  Election polls  दिखाते  है,  तो  मैंने  आज  तक  कभी  किसी  channel  वालो  की  किसी  गांव  में  आते  हुए  गांव  वालो  की  राय  लेते  हुए  नहीं  देखा  वो  हमेशा  शहरों  में  रहने  वाले  वोटर्स  कीही  राय  लेते  है. पर  देखा  जाये  तो  सही  मायने  में  कोई  भी  opinion poll  गांव  में  ही  करना  चाहिए  क्योकि  देखा  जाये  तो  गावो  में  ही  आम  वोटर  रहता  है.

और  सही  आंकड़ा  गावो  से  ही  पता  चल  पायेगा  और  गावो  में  रहने  वाले  लोगो  की  क्या  मांगे  है  यह  भी  सरकार  और  विपक्षी  दल  तक  पहुंचेगी  तो  इससे  वो  एक  सही  तरह  की  चुनावी  रणनीति  भी  बना  सकते  है. तो  यदि  इस  post  के  माध्यम  से  मेरी  बात  किसी  भी  News channels  के  पास  जाये  तो  अब  उनको  गावो  में  अपना  सर्वे  करना  चाहिए.

एक  गांव  का  मतदाता  याने  एक  किसान  चाहता  है  की  उसे  उसकी  फसलों  का  अच्छा  दाम  मिले  बीज  सस्ता  मिले  खाद  सस्ता  मिले  खेतो  में  सिचाई  करने  के  लिए  पर्याप्त  बिजली  मिले  और  यदि  किसी  कारण  वश  किसान  को  अपनी  जमीन  बेचना  पड़े  तो  उसका  उसको  उचित  मुवावजा  मिले  बस  यही  चाहता  है  एक  आम  मतदाता  किसी  की  भी  सरकार  बने  उससे  उसको  कोई  मतलब  नहीं  होता  पर  उसका  रोजगार  उसकी  दाल  रोटी  चलती  रहे  बस यही सोचकर वो मतदान करता है.

पर  दोस्तो  ध्यान  रखने  वाली  बात  यह  है  की  चुनाव  के  प्रति  ज्यादा  दिलचस्पी  आम  वोटर  ही  रखता  है  और  उसका  वोट  ही  यह  decide  करता  है  की  किसकी  सरकार  बनना  है  और  किसकी  नहीं  और  सरकार  से  उम्मीदे  भी  आम  वोटर  ही  ज्यादा रखता है. और मित्रो आजकल तो Election का क्रेज इतना बढ़ गया है की छोटे बच्चे भी इसमें दिलचस्पी दिखाते है

वो अपने स्कूल के साथ – साथ चुवावो में भी अपना ध्यान लगाते है और वो इसलिए की उनकी भी चुनाव से उम्मीदे लगी रहती है की अगर अपनी सरकार बनी तो हमारे लिए बहुत चीजे सस्ती होगी कॉलेज के स्टूडेंट सोचते है की motorcycle में डलवाने के लिए पेट्रोल सस्ता होगा घूमना – फिरना सस्ता होगा बहुत सारी चीजे कम होगी और इसी उम्मीद से वो अपना बहुत मूल्य वोट डालते है.वोट देने से पहले क्या सोचता है आम भारतीय वोटरदोस्तों कुल मिलाकर देखा जाये तो एक आम वोटर की भारत सरकार और जिस राज्य में वो रहता है उसकी सरकार से बहुत उम्मीदे रहती है की कोई भी नई सरकार या मौजूदा सरकार हमारे जीवन स्तर को सुधारे हमारे लिए नई – नई योजनाए लाये हमारे बच्चो के लिए रोजगार के अवसर बड़े हमे सरकारी काम से संबंधित कोई दिक्क्त न झेलनी पड़े और भी की तरह की छोटी – छोटी आशाये एक आम मतदाता वोट देने से पहले रखता है.

पर में इस post  के  माध्यम से एक बात सरकार से भी कहना चाहता हु, की आप भी चुनाव के बाद जनता का दिल न तोड़े जो भी वादे आप जनता के कल्याण के लिए चुनाव से पहले करते है कम से कम उनसे आधे तो जरूर पुरे करे ताकि जनता में राजनैतिक पार्टियों की तरफ विश्वास बड़े और जैसा ही अभी हिन्दुस्तान में चुनावी सीजन चल रहा है. तो मेरी सब पार्टियों के लिए यह शुभकामनाये है की वो चुनाव जीते और जनता का खूब विकास करे.

तो दोस्तों यह थी post “वोट देने से पहले क्या सोचता है आम भारतीय वोटर” आपको यह पोस्ट कैसी लगी प्लीज़ हमे जरूर बताये और में आशा करता हु, की मेरी इस पोस्ट में माध्यम से एक वोटर को संदेश पहुंचे की वो अपने मत का उचित प्रयोग करे और मतदान जरूर करे क्योकि मतदान हमारा अधिकार है और एक भारत के नागरिक होने के कारण हमारा वोट डालना बहुत जरूरी है. और में समझता हु की मेरी बात राजनैतिक पार्टियों तक भी पहुंचेगी और वो भी जब चुनाव के बाद अपनी सरकार बनाएगी तो जनता और उनके कामो का पूरा ध्यान रखेगी.

और मित्रो आपको यह post कैसी लगी pliz आप हमे अपने Comments के माध्यम से जरूर बताये.

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