दशहरा क्या है और यह क्यों मनाया जाता है

दशहरा क्या है और यह क्यों मनाया जाता है – मित्रो बुराई पर अच्छाई की जित के प्रतीक को दशहरा कहा जाता है, दशहरे के दिन भगवान राम ने रावण का वध किया था. इस लिए इसे विजयादशमी भी कहा जाता है. रामायण के अनुसार रावण एक अत्याचारी राजा था और उसने छल से माता सीता का अपहरण कर उन्हें बन्दी बना लिया था और तभी भगवान राम और उनकी सम्पूर्ण सेना ने लंका पर चढ़ाई कर के रावण से युद्ध किया और इसमें उसके सम्पूर्ण कुल का नाश हुवा और भगवान राम अनंततः माता सीता को सम्मान पूर्वक वापिस अपने साथ ले आये और जब राम ने रावण को मारा तो बुराई पर अच्छाई की जित हुई और उस दिन को हम दशहरे के रूप में मनाते है.दशहरा क्या है और यह क्यों मनाया जाता हैकुछ अन्य लोगो के अनुसार दशहरे का और अलग महत्व बताया गया है – इस दिन माता दुर्गा ने 9 रात्रि और एक दिन मिला के 10 दिनों तक युद्ध किया था. और फिर महिसासुर को मारकर उसका वध किया था. दशहरे को असत्य पर सत्य के रूप में हर साल बड़े धूम – धाम से मनाया जाता है.

दशहरा क्या है और यह क्यों मनाया जाता है”

दशहरे का महत्व

दशहरे का दूसरा पहलू भी है भारत देश एक कृषि प्रधान देश है, किसान अपने खेत में फसल उगाकर अनाज रूपी सम्पत्ति को घर लाता है. और ऐसे में जब किसान के घर में फसल आजाती है तो उसके उल्लास और उम्मंग का कोई ठिकाना नहीं होता. और किसान इस ख़ुशी को भगवान की कृपा मानता है. और प्रकट करने के लिए वह उसका पूजन भी करता है. यह रीती भारत के कई राज्यों में मनाई जाती है.

मित्रो भारत के महाराष्ट्र में सिलंगन पर्व के नाम से एक सामाजिक महोत्स्व मनाया जाता है. शाम के समय में हर ग्रामीण लोग अच्छे – अच्छे कपड़े पहन कर गांव के पास और गांव से दूर जाकर सहमी वृक्ष के पत्तो के रूप स्वर्ण लूटकर अपने घर लाते है और उस स्वर्ण का आदान – प्रदान करते है.

दशहरे पर मेला उत्स्व –

दोस्तों दशहरे का मतलब है = दश – होरा + दस दिन = दशवी तिथि. दशहरा त्यौहार साल की 3 अत्यंत शुभ तिथियों में से एक है और 2 अन्य चैत्र शुक्ल की एवं कार्तिक शुक्ल की प्रतिपदा इस दिन सम्पूर्ण लोग अस्त्र – शस्त्र की विशेष पूजा करते है और यही से एक नया कार्य शुरू करते है.

और मित्रो इस दिन कई लोग अक्षर लेखन के कार्य की शुरुवात करते है. अपना नया व्यवसाय, उद्द्योग आदि शुरू करते है. ऐसा माना जाता है की इस दिन आपने जो कार्य शुरू किया उसमे आपको सफलता जरूर मिलती है. कहा जाता है की प्राचीन काल में राजा और महाराजा लोग अपने कार्य और अन्य युद्ध के कार्य दशहरे के दिन ही शुरू करते थे. इस दिन भारत में हर जगह – जगह पर मेले लगते है, और कई – कई जगहों पर रामलीलाएं भी होती है

रामलीला के 11वे दिन रावण के पुतले को एक विशेष उचाई और खुले मैदान पर रखकर इस पुतले को जलाया जाता है, और यह भी मान्यता है की विजयादशमी के दिन बुराई पर अच्छाई की जित भी होती है. विजयादशमी भगवान राम की रावण पर विजय के रूप में मनाया जाता है. इस दिन दुर्गा पूजा भी मनाई जाती है. दुर्गा और राम दोनों शक्ति पूजा का पर्व है और अस्त्र – शस्त्र पूजन की एक तिथि है.

मित्रो दशहरा ख़ुशी हर्ष और उल्लास का विशेष पर्व है, व्यक्ति और समाज के रक्त में वीरता प्रकट हो, इसलिए दशहरे का उत्स्व मनाया जाता है. और आप जानते हो की दशहरे का पर्व 10 पापो का नाश करता है. – काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, मतसर, अहंकार, आलस्य, हिंसा और चोरी इन सभी बुराइयों का नाश होता है और हर इंसान के मन में सब के प्रति विशेष प्यार की भावना का सृजन होता है.

मित्रो भारत के अलग – अलग राज्यों में अलग तरिके से दशहरा मनाया जाता है –

दशहरा राम की विजय के रूप में मनाया जाये अथवा दुर्गा पूजा के रूप में दोनों रूपों में यह शक्ति की पूजा ही होती है, और मित्रो आप जानते हो जितना यह त्यौहार भारत में मनाया जाता है उतने ही जोश के साथ दूसरे  देशो में भी इसे मनाया जाता है.

दोस्तों सब जानते है की भारत देश विभिन्न भाषाओ और विभिन्न सभ्यताओं से मिलकर बना है हर राज्य में अलग बोली और त्यौहार मनाने के अपने रीती – रिवाज और तरिके होते है. यदि आप गुजरात में जाओगे तो वहा दशहरे को अलग तरिके से मनाया जाता है, महाराष्ट्र में मराठी स्टाइल में, राजस्थान में उस हिसाब से और मध्यप्रदेश वाले भी अपने तरिके से दशहरा मनाते है. मित्रो चाहे हर जगह त्यौहार मनाने का तरीका अलग हो पर किसी की भी उसके प्रति आस्था और श्रद्धा कम नहीं होती सब भक्त भगवान राम को उतना ही प्यार करते है चाहे वो किसी भी भाषा या बोली का हो.

दशहरे पर विजय पर्व –

मित्रो दशहरे का उत्स्व शक्ति का समन्वय बताने वाला है. भक्त नवरात्री के नो दिन माँ जगदम्बा की उपासना करके शक्तिशाली बन मनुष्य विजय प्राप्ति के लिए ततपर रहते है. इस दृष्टि से दशहरे के लिए प्रस्थान का उत्स्व अत्यंत जरूरी है. यदि कही अत्यंत जरूरी हो तब शत्रु के आक्रमण की प्रतीक्षा ना कर उस पर हमला कर उसका पराभव करना ही कुशल राजनीती है.

कहा जाता है महाराष्ट्र के वीर पुत्र शिवजी महाराज ने भी ओरंगजेब के खिलाफ इसी दिन अपनी लड़ाई की शुरुवात करके हिन्दू धर्म की रक्षा की थी. ऐसा भी माना गया है इस दिन शत्रु पर विजय के लिए इसी समय प्रस्थान करना चाहिए. युद्ध करने का प्रसंग ना होने पर भी इस काल में राजाओ और महत्वपूर्ण पदों पर विराजमान पदासीन लोग सिमा का पालन नहीं करते सब लोग इसे बहुत ही शुभ महूर्त मानते है.

मित्रो में आपसे अन्त में एक और बात कहना चाहता हु, जैसा की हम सब जानते है की दशहरे के दिन रावण दहन किया जाता है. पर में आपसे पूछना चाहता हु की क्या हम अपने अंदर के रावण को मारते है हर इंसान के अंदर एक रावण बैठा है पहले के युग में तो सिर्फ एक रावण था जो बुरे कर्म करता था. मित्रो अगर अध्यात्म के हिसाब से देखा जाये तो रावण का मीनिंग होता है बुराई या बुराई करने वाला और अब तो आप देखते ही है की इस दौर में हर व्यक्ति बुराई करता है सब रावण के हिसाब से ही काम करते है

हम हर साल दशहरे पर रावण का पुतला जलाते है पर कभी अपने अंदर की बुराई को नहीं जलाते दशहरे के दिन सब लोग रावण को ज्यादा अटेंशन देते है उसे याद करते है. पर कोई भी राम को ज्यादा याद नहीं करता जिसने रावण का वध किया था मित्रो हमे प्रभु राम को ज्यादा याद करना है हम बुराई पर ज्यादा ध्यान देंगे तो हमारे अंदर भी बुराई आती जाएगी और अगर हम अच्छा और शुभ ही शुभ सोचेंगे तो हम भी अच्छे बनते जायेगे.

इसलिए दोस्तों इस दशहरे पर यह संकल्प लो और रावण को जलाते हुए यह कसम खाओ की अब हम भी कभी कोई बुरा कर्म नहीं करेंगे किसी के साथ कुछ भी गलत नहीं करेंगे सदैव अच्छा काम करेंगे और अच्छाई के राह पर सदैव चलते रहेंगे हम भगवान राम जैसे गुण अपने अंदर भरेंगे.

दशहरे पर पावन संकल्प ले –

  • सदैव अच्छा काम करेंगे.

  • कभी किसी के प्रति मन में भी बुरा नहीं सोचेंगे.

  • हर स्त्री की तरह अच्छी नजरो से देखेंगे.

  • काम, क्रोध, लोभ से दूर रहेंगे.

  • सब से अच्छा बोलेंगे.

  • दुसरो की मदद करेंगे.

  • भगवान के कार्य में हाथ बढ़ाएंगे.

  • अपने अंदर के रावण को धीरे – धीरे जलाने की कोशिश करेंगे.

  • मनुष्य मात्र से प्रेम करेंगे.

  • प्रभु राम जैसे गुणवान बनने की कोशिश करेंगे.

तो दोस्तों यह थी post “दशहरा क्या है और यह क्यों मनाया जाता है” आपको यह पोस्ट कैसी लगी प्लीज़ हमे बताये और आप आपके परिवार के साथ अच्छे से दशहरा मनाये हमारी तरफ से भी आपको दशहरे की ढेरो शुभकामनाये और में समझता हु आप इस post में बताई गयी बातो को अपने जीवन में जरूर Follow  करेंगे.

और आप इस post के संबंध में हमे कोई भी राय और सुझाव देना चाहते है तो आप हमे Comments के द्वारा बता सकते है.

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