जीवन बदलने वाली कहानी

सफलता का रहस्य क्या हे – दोस्तों आज में ये post आपके लिए thoughtking पर लाया हु , जो आपको बहुत पसंद आएगी .
 
जीवन बदलने वाली कहानी

दोस्तों में आज आपके सामने एक कहानी पेश करुगा जो किसी का जीवन बदल सकती हे !

 

दोस्तों एक समय की बात हे एक गुरु और  उनका शिष्य जंगल से गुजर रहे थे , वो दोनों  आपस में बात करते करते जा रहे थे , और उनको चलते चलते जंगल में भूक और प्यास लगने लगी और उन्होंने आगे जाते हुए देखा की  कुछ दुरी पे एक गांव आरहा  हे

 

दोनों गुरु और शिष्य वहा जाने लगे जहा उनको एक घर दिखा  वो घर गांव से कुछ दुरी पे पहले ही था वो दोनों  वहा पहुंच जाते हे और उसका दरवाजा खट – खटाते हे कुछ देर में अंदर से एक आदमी आता हे जो उनका हाल चाल पूछता हे वो आदमी दिखने में खास अच्छा नहीं होता हे

 

उसने अपने शरीर पे फटे पुराने वस्त्र पहने हुए होते हे , गुरु और शिष्य उस आदमी से पिने के लिए पानी मांगते हे वो आदमी भी आदर सत्कार करने में अच्छा रहता हे उसने भी उन गुरु और शिष्य को आज रात अपने घर पेही खाना खाके और सुबहे जाने केलिए कहा और वो दोनों   भी मान  जाते हे

 

अब जब रात को उस आदमी के घर पे गुरु और शिष्य खाना कहा रहेथे तो गुरु ने उस आदमी से पूछा की आप यहा रहते हे और यहा आप का जीवन यापन कैसे होता हे यहा आप कैसे रह पाते हो

 

तो वो आदमी उन गुरु जी से कहता हे की गुरु जी यहा की ये सब आस पास की जो आप जमीने देख रहे हे ये सब मेरी ही हे तो गुरु जी बोलते हे अगर तुम हारी जमीन हे तो ये सब बंजर और खाली क्यों पढ़ी हे और तुम्हारा गुजारा कैसे होता हे गुरु जी ने पूछा

 

तभी उस आदमी ने उत्तर दिया की गुरु जी मेरे अस एक भेस हे , जो बहुत अच्छा दूध देती हे जिससे मेरे परिवार का भरण पोषण हो जाता हे , और हमें कोई और काम करने की कोई जरुरत भी नहीं हे  और हम भेस के दूध को बेच के हमारी जरूरते पूरा कर लेते हे !

 

दोस्तों ये बाते गुरु जी के समझ में आती हे , फिर रात  में गुरूजी और उनका शिष्य योजना बनाते हे और दोनों

जने रात में उठते हे , और उस भेस को लेजाकर पहाड़ से निचे गिरा देते हे !

 

और दोनों गुरु – शिष्य रात  में  ही  वहा से निकल लेते हे ,

 

दोस्तों अब कुछ साल बाद वो गुरूजी भी मर जाते हे , और वो शिष्य आश्रम चलाने लगता हे , तो अब उस शिष्य के मन में एक बात आती  हे की कुछ साल पहले मेरे गुरूजी ने और मेने उस गरीब आदमी की भेस को मार दिया था पता नहीं अब उस बेचारे  की क्या हालत होगी

 

दोस्तों ये सब बाते सोच के वो शिष्य उस आदमी से मिलने निकल जाता हे

 

और जैसे ही वो उस गांव में पहुँचता हे , वो क्या देखता हे , जिस जगहे पे उस आदमी का टुटा फूटा मकान था

 

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अब वहा पे  एक अच्छा सा घर बना हे , और जो खेत बंजर हुवा करते थे वहा अब अच्छी अच्छी फसले लगी हे

 

और वो शिष्य फिर उस घर में जाता हे , और दरवाजा बजाता हे तो अंदर से वही आदमी बहार आता हे, जो पहले वहा रहता था !

 

वो आदमी बोलता हे – आइये मान्यवर आप उसदिन मुझे बिना बताये ही यहा  से आपके गुरूजी के साथ चले गए थे , और उसदिन मेरी भेस जाने कैसे मर गई

 

शिष्य ने पूछा  – फिर तुम्हारी हालत पहले से बदल कैसे गई

 

वो बोला महाराज  जब भेस मर गई तो मेरे पास पैसे कमाने के लिए कुछ नहीं था और फिर मजबूरन मुझे

 

खेती करना पढ़ी और फिर खेती में मुझे अच्छा मुनाफा होने लगा और मेरी जिंदगी बदल गई

 

दोस्तों सालो पहले जो काम अपने गुरूजी के साथ उसने किया था ! उसको उसका मतलब आज समझ में आया  और उसने अपने गुरूजी को धन्यवाद दिया

 

तो दोस्तों कभी कभी हम भी अपने जीवन में ऐसी ही कोई भेस पाल लेते हे जो हमें जिन्दा तो रखती हे पर आगे नहीं बढ़ने देती दोस्तों मेरा मतलब यहा भेस से अपने काम से हे हम कोई ऐसी जॉब करते हे , जिसमे हमारी जिंदगी चलती हे पर हम आगे नहीं बढ़ पाते तो दोस्तों हमें भी अब अपनी भेस को मार कर आगे बढ़ने का समय आगया  हे तभी हमारे जीवन में कुछ हो पायेगा

 

तो दोस्तों आज की ये पोस्ट आप को केसी लगी प्लीज़ मुझे बताये हमे आप के कमैंट्स का इंतजार रहेगा

 

धन्यवाद

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