जीवन की तीन सिख

जीवन की तीन सिख – आज मै ये post  Thoughtking पर आप के लिए लाया हु . जो आपको बहुत पसंद आएगी .
जीवन की तीन सिख

दोस्तों क्या आप जानते हे , हमारे  जीवन में सिख क्या होती हे या यु  कहु ज्ञान क्या होता हे , आप बता सकते हे , दोस्तों मेरे हिसाब से तो सिख वह चीज हे जिसे ले के हम अपने जीवन में लागु करे हम अपनी सिख के हिसाब से अपने जीवन को चलाये मतलब हमने जो भी ज्ञान लिया   है  हम उसके हिसाब से चले

दोस्तों हर इंसान अलग – अलग फिल्ड में अपना करियर  बनाता हे कोई जॉब करते हे तो कोई बिजनेस करते हे , तो दोस्तों वो इंसान अपनी पूरी लाइफ टाइम अपने जॉब या अपने बिजनेस वर्क को या कोई और काम जोवो करता हे उसको कैसे करता हे , वो अच्छी तरीके से करता है या बुरे ये सब उसकी सिख पर डिपेंड करती हे !

 

जीवन की तीन सिख

और दोस्तों आप जरूर पूछेंगे की ये सिख कहा से मिलती हे , में आपको बताता हु , की सिख कहा से मिलती हे , दोस्तों हमे सिख हमारे माता – पिता हमारे  परिवार से मिलती हे हमे सिख उन लोगो से मिलती हे जो लोग उस काम को पहले से कर रहे हे , वोलोग हमे उस काम के बारे में सही तरीका बताते हे , पर ये हमपे डिपेंड करता हे की हम उनकी सिख लेते हे या नहीं !

दोस्तों जीवन में सिख क्या होती हे , और कैसे ली जाती  हे उसे समझने के लिए में आपको एक कहानी बताने जारहा हु , जिससे आपको सब समझ में आजायेगा !

दोस्तों बहुत समय की बात हे, सुदूर पश्चिम में किसी प्रतापी राजा का राज्य था , राजा के तीन पुत्र थे , एक दिन राजा के मन में आया की, की पुत्रो को कुछ ऐसी शिक्षा दी जाये की समय आने पे वो राज – काज संभाल सके !

इस विचार के साथ राजा ने सभी पुत्रो को द रबार में बुलाया और बोलै , ” पुत्रो हमारे दरबार में नाशपाती  का कोई वृक्ष नहीं हे, मै चाहता हु, की तुम  सब चार- चार माह के अंतराल पर इस वृक्ष की तलाश में जावो और पता लगावो की वो केसा होता हे !

फिर  सभीपुत्रो के लोट आने पर राजा ने पुनः सभी को दरबार में बुलाया और उस पेड़  के बारे में बताने  को कहा
पहला पुत्र बोला .” पिताजी वह पेड़ तो बिलकुल टेढ़ा – मेड़ा  , और सूखा हुवा था !

नहीं – नहीं वो तो बिलकुल हरा- भरा था , लेकिन  शायद उसमे कुछ कमी थी क्योकि उस पर एक भी फल  नहीं था ,” दूसरे पुत्र ने पहले को बिचमें ही रोकते हुए कहा  !

फिर तीसरा पुत्र बोला, ” भैया लगता हे आप भी कोई गलत पेड़ देख आए क्योकि मेने सचमुच नाशपाती का पेड़ देखा , वो बहुत ही शानदार और फलो से लड़ा पढ़ा था!”
और तीनो पुत्र अपनी – अपनी बात को लेकर आपस में बहस करने लगे की तभी राजा अपने सिंघासन से उठे और बोले ,” पुत्रो , तुम्हे आपस में बहस करने की कोई आवश्यकता नहीं हे , दरअसल तुम तीनो ही वृक्ष का सही वर्णन कर रहे हो , मेने जानबूझकर तुम्हे अलग – अलग मौसम में वृक्ष खोजने भेजा था और तुमने जो देखा वो उस मौसम के अनुसार था!

में चाहता हु , की इस अनुभव के आधार पर तुम तीन बातो को गाठ बांधलो !

पहली  , किसी चीज के बारे में सही और पूर्ण जानकारी चाहिए तो तुम्हे उसे लम्बे समय तक देखना – परखना चाहिए , फिर चाहे वो कोई विषय हो वस्तु हो या फिर कोई व्यक्ति ही क्यों ना   हो !

दूसरी , हर मौसम एकसा नहीं होता , जिस प्रकार वृक्ष मौसम के अनुसार सूखता , हरा – भरा या फूलो से लड़ा रहता हे उसी प्रकार मनुष्य के जीवन में भी उतार – चढ़ाव आते रहते हे , अतः तुम कभी – भी बुरे दौर से गुजर रहे होतो अपनी हिम्मत और धैर्य बनाये रखो , समय अवश्य बदलेगा !

 

और तीसरी बात , अपनी बात को सही मानकर उसपे अड़े मत रहो ,  अपना दिमाग खोलो , और दुसरो के विचारो को भी जानो , यह संसार ज्ञान से भरा पढ़ा हे , चाहकर भी तुम अकेले सारा  ज्ञान अर्जित नहीं कर सकते , इसलिए भरम  की स्थति में किसी ज्ञानी व्यक्ति से सलाह लेने में संकोच मत करो !

तो दोस्तों आपने देखा की राजा ने किस प्रकार अपनी बुद्धि के प्रयोग  से कैसे आपने पुत्रो को जिंदगी की सिख दी वो पुत्र अपनी सारी उम्र उस सिख को नहीं भूल पाएंगे और अपने काम

 

को अच्छे से संभाल  सकेंगे दोस्तों उसी प्रकार ही  हमे भी जीवन में कोई हमसे बढ़ा व्यक्ति वो चाहे हमारा सगा होया बाहर का अगर कोई सिख देरहा हो तो हमे जरूर मानलेना चाहिए वो हमे सारी जिंदगी काम आएगी !

 

तो दोस्तों आप कोये Post जीवन की तीन सिख कैसी लगी pliz मुझे बताये और में आशा करता हु , की आपको  जो मेरे द्वारा बताई गयी बाते  हे उनको आप जरूर अमल में लाएंगे , और हमे आपके  Comments का इंतजार रहेगा !

धन्यवाद
विजय पटेल

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *