क्या है नवरात्रि में गरबे का महत्व

क्या है नवरात्रि में गरबे का महत्व – दोस्तों जैसा की नवरात्रि का त्यौहार आरहा है और सभी माता के भक्त इस नवरात्रि पर्व का बड़ी ही बेसब्री से इंतजार कर रहे है लोग कई दिन पहले से ही इसकी तैयारी में लग जाते है और इस त्यौहार का दूसरी तरह से भी बहुत महत्व है की नवरात्रि में गरबे खेले जाते है और गरबे की तैयारी सभी माता के भक्ति बड़ी ही जोर शोर से करते है दोस्तों हिन्दुस्तान में नवरात्रि में गरबे का इतना बहुत क्रेज होता है की क्या बच्चा, क्या जवान और क्या बूढ़ा और क्या मर्द और क्या औरत सभी इसमें लग जाते है.क्या है नवरात्रि में गरबे का महत्व

हर गांव – गांव और हर शहर – शहर माता रानी के पंडाल सजाये जाते है और हर पंडालों की एक विशेष बात होती है की हर जगह माता का जगराता होता है, गरबे खेले जाते है लड़किया और लड़के तैयार होकर नए – नए वस्त्र पहनकर अपने घरो से आते है और गरबे खेलते है गरबे खेलना बहुत ही अच्छा माना जाता है, गरबे के बहुत सारे लाभ होते है पहले तो माता रानी की भक्ति होती है जो भक्त लोब गरबे के द्वारा करते है और दूसरा शारीरिक तोर पर भी गरबा खेलना हमारे लिए बहुत लाभ कारी होता है.

दोस्तों नवरात्रि के पर्व पर पुरे देश में रास – उल्लास का माहौल है और सभी भक्त माँ दुर्गा की पूजा, आराधना में लगे हुए है. हर कोई पूरी श्रध्दा से माँ की भक्ति में डूबा हुवा है. और साथ ही इसमें गरबे का बहुत महत्व होता है. “गरबा” जो स्वयं में भक्ति और सकारात्मकता की अभिव्यक्ति है.

क्या है नवरात्रि में गरबे का महत्व”

दोस्तों जैसा की मैने आपको बताया की गरबा बच्चो, युवाओ, और बड़ो सभी का दिल छू लेता है गरबो में ऐसा आकर्षण है की, विश्व भर में लोग गरबे के प्रति आकर्षित होते है. गरबा सिर्फ एक नृत्य नहीं है, एक भक्तिमय भावना है, यह हमारी एक सांस्कृतिक धरोहर है.
सर्वपर्थम, नवरात्रि के इस अवसर पर सभी लोग एक जगह एकत्रित होकर, माँ की आराधना करते है. जिससे तन – मन और चारो और का वातावरण भी पवित्र और ऊर्जावान हो जाता है. माँ का आशीर्वाद ले खुद को भूलकर सभी भक्त, माँ की भक्ति में मग्न हो, गरबे में लीन हो जाते है.

भारत में गरबे कहा कहा खेले जाते है –

गरबा गुजरात , राजस्थान और मालवा प्रदेशो में प्रचलित एक लोकनृत्य जिसका मूल उधगम गुजरात हे ! आज कल इसे आधुनिक नृत्यकला में स्थान प्राप्त होगया हे ! इस रूप में इसका कुछ परिष्कार हुवा हे ! फिर भी उसका लोकनृत्य का तत्व अक़छुणय हे !
आरम्भ में देवी के निलट सछिद्र घाट में दिप ले जाने के कर्म में यह नृत्य होता था ! इस प्रकार यह घाट दीपगर्भ कहलाता था ! वर्णलोक से यही शब्द गरबा बनगया ! आज कल गुजरात में नवरात्रो के दिनों में लड़किया कच्चे मिटटी के सछिद्र घड़े को फूलपत्तियों से सजाकर उनके चारो और नृत्य करते हे ! 
गरबा सौभाग्य का प्रतीक माना जाता हे , और अश्विन मास की नवरात्रो को गरबा नृतयोतसव के रूप में माना जाता हे ! नवरात्रो की पहली रात्रि को गरबे की स्थापना होती हे ! फिर उसमे चार ज्योतिया प्रज्वलित की जाती हे ! फिर उसके चारो और ताली बजती फेरे लगाती हे !
 
गरबा नृत्य में ताली , चुटकी , खंजरी , मंजीरा आदि का ताल देने के लिए प्रयोग होता हे , तथा स्त्रियाँ दो अथवा चार समूह में मिलकर विभिन्न प्रकार से  आवर्तन  करती  हे  , और  देवी  के गीत अथवा कृष्णलीला संबंधित गीत गाती हे ! शाक्तशेव  समाज के ये गीत गरबा और वैष्णव  अर्थात  राधाकृष्ण  के  वर्णनवाले गीत  गरबा कहे जाते हे !  

आधुनिक नृत्य –

दोस्तों आधुनिक गरबा डांडिया रास से प्रभावित एक नृत्य हे , जिसे परम्परागत पुरुषो एवं महिला द्वारा किया जाता हे ! इन दोनों नृत्यों के विलय से आज जो उच्च ऊर्जा नृत्य का गठन हुवा हे , उसे आज हम देख रहे हे ! आम तोर पर पुरुष और महिलाये रंगीन वेशभूषा पहने हुए गरबा और डांडिया का प्रदर्शन करते हे ! 
लड़किया चनियाचोली पहनती हे और साथ में विविध प्रकार के आभूषण पहनती हे , तथा लड़के गुजराती केडिया पहनके सर पे पगड़ी बांधते हे ! प्राचीन कल में लोग गरबा करते समय सिर्फ दो ताली बजाते थे , लेकिन आज आधुनिक गरबा में कई तरह की शैलियों का उपयोग होता हे ! 
जिससे नृत्यकार दो ताली , छः ताली , आठ ताली , दस ताली , बारह ताली , सोलह तालिया बजा कर खेलते हे ! गरबा नृत्य सिर्फ नवराति के त्यौहार में ही नहीं किया जाता हे , बल्कि शादी के महोत्स्व और अन्य ख़ुशी के अवसरों  पर किया जाता हे ! 

तो दोस्तों यह थी post “क्या है नवरात्रि में गरबे का महत्व” आपको यह पोस्ट कैसी लगी प्लीज़ हमे जरूर बताये और दोस्तों आप भी माता के मंदिर में जाकर पूरी भक्ति के साथ गरबे का आनंद उठाये और अपने परिवार और खासकर छोटे बच्चो के साथ गरबा खेले.
आप इस post से संबंधित अपने विचार हमे Comments के माध्यम से भेज सकते है.

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.