कभी लालच ना करे

हेलो दोस्तों

दोस्तों कैसे हे आप दोस्तों में आज Thoughtking पे आप के लिए एक नई ज्ञानवर्धक post लेके आया हु , जो आप को बहुत पसंद आएगी , इसका नाम हे – कभी लालच ना करे

 

कभी लालच ना करे

दोस्तों इस दुनिया में हर इंसान चाहे वो मेल हो या फीमेल सब के मन में बहुत लालच होता हे , लोग छोटी – छोटी  चीजों में भी लालच करते हे , मेने देखा हे लोग  अपना कुछ भी सामान हो उसके प्रति बहुत लालची स्वभाव दिखाते हे , दोस्तों हमे जीवन में ज्यादा लालची नहीं होना चाहिए

 

कोई सेठ होता हे उसका कुछ कारोबार होता हे , वो सेठ अपने कर्मचारियों कोतो कम पैसे देता हे , लेखिन उसके मन में खुद  पे प्रति कमाने का ज्यादा लालच रहता हे , दोस्तों हमे सब को उन के काम के एवज में मेहनताना देके फिर अपने लालच का

 

सोचना  चाहिए , तभी सामने वाला भी आपका काम ख़ुशी से करेगा !

 

दोस्तों आज कल मेने देखा हे इंसान लालच करते – करते बेईमानी भी करने लगा हे , लोग थोड़े से लालच के लिए अपने साथियो के साथ बेईमानी करते हे , जिससे ज्यादा फायदा भी नहीं होता , पर उनके मन में जो लालच बैठता हे  वो उससे सब काम करवाता हे , और इंसान बेईमान बन जाता हे !

 

पर दोस्तों में आप से कहना चाहता हु – की अगर हम कुछ थोड़े से लालच के लिए अगर किसी से बेईमानी करते हे तो हमारा मन शांत नहीं रहता दोस्तों मेरा निजी अनुभव आपको बता रहा हु , दोस्तों बेईमानी करने वाले को रात को नींद भी नहीं आती और वो अंदर ही अंदर कुढ़ता रहता हे , और जो इंसान लालची नहीं हे ईमानदार हे , वो चेन की नींद सोता हे और खुश रहता हे !

 

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कभी लालच ना करे

 

कभी लालच ना करे अब में इसके ऊपर आप को एक कहानी बताना चाहता हु ,जो आपको बहुत पसंद आएगी

 

पूजा और बब्लू

 

शाम का वक्त था ,सोसायटी के पार्क में ढेरो बच्चे खेलने में मस्त थे ,उन्ही बच्चो में पूजा और बब्लू भी शामिल थे

 

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पूजा के पास टॉफी का एक पैकेट था , और बब्लू के पास रंगीन कंचे थे जिनके साथ वो खेल रहा था !

 

खेलते खेलते पूजा की नजर बब्लू के कंचो  पर पढ़ी उसका बाल मन उन्हें देखते ही मचल पढ़ा

 

वह फौरन बब्लू के पास गई और बोली – बब्लू क्या तुम ये सारे कंचे मुझे दे सकते हो ?

इसके बदले में ,  “मै तुम्हे टॉफी काये पैकेट देदूगी”

 

टॉफिया देखते ही बब्लू के मुँह मै पानी आ गया …उसने मन ही मन सोचा ,  ” कंचो से तो मै कई दिनों से खेल रहा हु , क्यों ना इन्हे दे कर सारी टॉफिया लेलु …”

 

उसने कहा , ” ठीक हे पूजा मै तुम्हे अभी अपने कंचे दे देता हु “, और ऐसा कहकर वो दूसरी तरफ घूम कर

कंचे  उठाने लगा .

 

अपने पसंदीदा कंचो को देख उसके मन मै लालच आगया और उसने कुछ कंचे अपनी जेब मै छुपा लिए

और बाकियो को थेले मै रख दिया .

 

” ये लो पूजा , मेरे सारे कंचे तुम्हारे …. अब लावो अपनी टॉफिया मुझे दे दो  ” बब्लू बोला .

 

पूजा ने फौरन टॉफियों का थेला बब्लू को पकड़ा दिया और मजेसे कंचो से खेलने लगी .

 

देखते – देखते शाम ढल गयी और सभी बच्चे अपने – अपने घरो को लोट गए .

 

रात को बिस्तर पर लेटते ही बब्लू के मन मै ख्याल आया

 

आज मेने कंचो के लालच मै चीटिंग  की

 

उसका मन उसे कचोटने लगा .. फिर वह खुद को समझाने  लगा .. क्या पता जिस तरह मेने कुछ कंचे छुपा लिए थे  पूजा ने भी कुछ टॉफिया छिपा ली हो ..” और यही सब सोच – सोच के वो परेशान होने लगा और रातभर ठीक से सो नहीं पाया

 

उधर पूजा पत्थरो को हाथ मै पकड़े – पकड़े कब गहरी नींद मै चली गई उसे पता भी नहीं चला .

 

अगली सुबहे दरवाजे की घंटी बजी . पूजा ने दरवाजा खोला . सामने बब्लू खड़ा था.

 

बब्लू ने जेब से कंचे निकालते हुए बोला, ” ये लो पूजा इन्हे भी रख लो..” और उन्हें देते ही बब्लू अपने घर

की और भागा

 

उस रात बब्लू को भी अच्छी नींद आयी !

 

तो दोस्तों देखा आप ने किस प्रकार अगर हम लालच करते हे तो हमे हमारे मन में ग्लानि होती हे , और हम ठीक से सो भी नहीं पाते और हम विचलित  होते हे , और अगर हम हमारे द्वारा की गई गलती को अगर सुधार लेते हे तब जा कर हमे  अहसास होता हे , हमने इस कहानी सेभी यही सीखा !

 

तो दोस्तों आप कोये पोस्ट केसी लगी प्लीज़ मुझे बताये और दोस्तों में आशा  करता हु , की आप भी जीवन में कभी लालच नहीं करेंगे और सब को सही  राह बतायेगे !

 

धन्यवाद

विजय पटेल

 

 

 

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